जापान एक साथ ₹3.1 ट्रिलियन येन (₹19.4 बिलियन) के ऊर्जा राहत पैकेज और अप्रैल 2027 से दो साल के लिए खाद्य कर 8% से 1% करने की योजना पर काम कर रहा है, जिसके चलते 10 साल की सरकारी बॉन्ड यील्ड 2.73% के 29 साल के उच्चतम स्त... बैंक ऑफ जापान (BOJ) ने यील्ड कर्व कंट्रोल की नीति छोड़ दी है, जिससे ब्याज दरों पर लगाम हट गई है...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What are the key details of Japan's recently submitted ¥3 trillion supplementary budget aimed at cushioning households from rising energy co. Article summary: Below is a comprehensive look at both fiscal measures and their combined impact.. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "# Japanese gov't to draw up extra budget topping 3 trln yen. TOKYO, May 25 (Xinhua) -- The Japanese government is set to draw up a supplementary budget of more than 3 trillion yen" source context "Japanese gov't to draw up extra budget topping 3 trln yen-Xinhua" Reference image 2: visual subject "# Japanese gov't to draw up extra budget topping 3 trln yen. TOKYO, May 25 (Xinhua) -- The Japanese government is set to draw up a supplementary budget of m
जापान एक ऐसी रस्सी पर चल रहा है जिसके एक तरफ आम नागरिकों को जीवन-यापन की बढ़ती लागत से राहत देना है और दूसरी तरफ उस बॉन्ड बाजार को शांत करना है जिसकी सुरक्षा कवच (BOJ की यील्ड कंट्रोल नीति) अब खत्म हो चुकी है। 3 जून, 2026 को जापानी कैबिनेट ने ऊर्जा बिलों पर सब्सिडी देने के लिए 3.1 ट्रिलियन येन (19.4 बिलियन डॉलर) का अतिरिक्त बजट पास किया । इसके साथ ही सरकार ने यह भी सक्रिय रूप से विचार करना शुरू किया कि अप्रैल 2027 से शुरू होकर दो साल के लिए खाद्य वस्तुओं पर उपभोग कर (कंजम्पशन टैक्स) को 8% से घटाकर 1% कर दिया जाए
।
ये दोनों ही उपाय एक बड़े राजकोषीय विस्तार (फिस्कल एक्सपैंशन) को दर्शाते हैं, और यह तब हो रहा है जब बैंक ऑफ जापान (BOJ) अपनी मौद्रिक नीति को सख्त कर रहा है। यील्ड कर्व कंट्रोल हटने के बाद, जापानी सरकारी बॉन्ड (JGB) की यील्ड को अब बाजार की असली चिंताओं को दर्शाने की पूरी आज़ादी मिल गई है।
वित्त वर्ष 2026 के लिए यह अतिरिक्त बजट मध्य पूर्व में लंबे समय से चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा-जनित महंगाई का सीधा जवाब है । यह पूरी तरह से घाटे के बॉन्ड (डेफिसिट-फाइनेंसिंग बॉन्ड) से फंड किया गया है, हालांकि प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने सार्वजनिक रूप से वादा किया है कि पूरे वित्त वर्ष के लिए "कुल मिलाकर कोई अतिरिक्त उधारी नहीं होगी", जिसका अर्थ है कि सरकार कहीं और खर्चों में कटौती करेगी
।
इस बजट के दो मुख्य स्तंभ हैं:
ऊर्जा सब्सिडी के समानांतर चल रही एक योजना है अप्रैल 2027 से दो साल के लिए खाद्य और गैर-मादक पेय पदार्थों पर उपभोग कर की दर को अस्थायी रूप से 8% से घटाकर 1% करने की । यह ताकाइची के उस मूल चुनावी वादे का एक छोटा संस्करण है जिसमें उन्होंने इस कर को शून्य करने की बात कही थी। 1% की दर इसलिए चुनी गई ताकि कैश रजिस्टर सिस्टम को जीरो-टैक्स ट्रांजेक्शन के लिए रिप्रोग्राम करने की भारी लागत और तकनीकी परेशानी से बचा जा सके
।
इस योजना का अप्रैल 2027 में लॉन्च होना पूरी तरह से राजनीतिक है। इसे इस तरह डिज़ाइन किया गया है ताकि प्रशासन उसी महीने होने वाले एकीकृत स्थानीय चुनावों से पहले इस कर कटौती पर चुनाव प्रचार कर सके । इस कदम से सरकारी राजस्व का भारी नुकसान होगा, क्योंकि उपभोग कर जापान के राजकोषीय आधार का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है
। इन्वेस्को का अनुमान है कि अगर खाद्य कर को पूरी तरह खत्म किया जाए तो सरकारी खजाने को हर साल लगभग 5 ट्रिलियन येन का नुकसान होगा
।
बाजार की प्रतिक्रिया तीखी और क्रूर रही है। पहले BOJ की यील्ड कर्व कंट्रोल (YCC) की नीति ब्याज दरों को दबाए रखती थी, लेकिन अब उस सीमा के बिना, एक ऐतिहासिक बिकवाली ने JGB यील्ड को उन स्तरों पर पहुंचा दिया है जो 1990 के दशक के बाद से नहीं देखे गए थे।
यह बिकवाली एक गहरे विश्वास संकट को दर्शाती है। निवेशक देख रहे हैं कि एक तरफ सरकार उपभोग सब्सिडी के लिए उधार ले रही है और दूसरी तरफ राजस्व के एक बड़े स्रोत को खत्म करने की योजना बना रही है । "कोई अतिरिक्त उधारी नहीं" के वादे पर संदेह इसलिए है क्योंकि अतिरिक्त बजट खुद ही घाटे से वित्तपोषित है और चुनाव-संचालित राजकोषीय विस्तार का एक पैटर्न उभर रहा है जिसमें कोई विश्वसनीय समेकन योजना नहीं है
। नॉर्दर्न ट्रस्ट के अनुसार, पिछले दो वर्षों में JGBs में अस्थिरता (वोलैटिलिटी) दोगुनी से अधिक हो गई है, जो इस बात को रेखांकित करता है कि "कम अस्थिरता का दौर खत्म हो गया है"
।
राजकोषीय गणित एक स्पष्ट कारण से 'बॉन्ड विजिलेंट्स' (बाजार के चौकीदारों) को चिंतित कर रहा है: जापान का ऋण-से-जीडीपी अनुपात, जो पहले से ही 2025 में लगभग 200% पर दुनिया के विकसित देशों में सबसे अधिक है, एक ऐसी दिशा में बढ़ रहा है जो अस्थिर प्रतीत होती है।
यह समय BOJ के लिए इससे बुरा नहीं हो सकता, जो दशकों की अति-ढीली मौद्रिक नीति के बाद नीति को सामान्य करने की कोशिश कर रहा है। राजकोषीय विस्तार और मौद्रिक सख्ती का एक साथ आना एक नीतिगत जाल बनाता है:
मूल तनाव अब खुलकर सामने आ गया है। सरकार लोकलुभावन राहत उपायों के लिए उधार ले रही है और साथ ही अपने कर आधार को सिकोड़ने की योजना बना रही है। बाजार, जो अब BOJ की यील्ड पर लगी सीमा की मौजूदगी से शांत नहीं हैं, एक ऐसे राजकोषीय रास्ते की कीमत तय कर रहे हैं जो उच्च ऋण, उच्च ब्याज लागत और अधिक अस्थिरता की ओर इशारा करता है। जोखिम एक क्लासिक "डूम लूप" का है: उच्च यील्ड से उच्च ऋण-चुकौती लागत आती है, जो राजकोषीय दृष्टिकोण को खराब करती है और अधिक बॉन्ड बिक्री को ट्रिगर करती है, जिससे पूरी नीति सामान्यीकरण की परियोजना खतरे में पड़ जाती है।
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जापान एक साथ ₹3.1 ट्रिलियन येन (₹19.4 बिलियन) के ऊर्जा राहत पैकेज और अप्रैल 2027 से दो साल के लिए खाद्य कर 8% से 1% करने की योजना पर काम कर रहा है, जिसके चलते 10 साल की सरकारी बॉन्ड यील्ड 2.73% के 29 साल के उच्चतम स्त...
जापान एक साथ ₹3.1 ट्रिलियन येन (₹19.4 बिलियन) के ऊर्जा राहत पैकेज और अप्रैल 2027 से दो साल के लिए खाद्य कर 8% से 1% करने की योजना पर काम कर रहा है, जिसके चलते 10 साल की सरकारी बॉन्ड यील्ड 2.73% के 29 साल के उच्चतम स्त... बैंक ऑफ जापान (BOJ) ने यील्ड कर्व कंट्रोल की नीति छोड़ दी है, जिससे ब्याज दरों पर लगाम हट गई है और सरकार के राजकोषीय घाटे और बढ़ते कर्ज के प्रति बाजार की चिंताएं सीधे यील्ड में नजर आ रही हैं। [26]
एलियांज रिसर्च का अनुमान है कि अगर ये नीतियां जारी रहती हैं तो जापान का ऋण से जीडीपी अनुपात 2050 तक 228% तक पहुंच सकता है (वर्तमान में 200%), और ब्याज भुगतान बजट खर्च का 25% तक हो सकता है। [25][33]