नॉर्डिक इन्वेस्टमेंट बैंक ने €1 अरब का सात‑साल का पर्यावरण बॉन्ड जारी किया—यह उसके कार्यक्रम का अब तक का सबसे बड़ा इश्यू है और 2026 के फंडिंग लक्ष्य का लगभग 63% पहले ही जुटाया जा चुका है। पुर्तगाल की ऊर्जा कंपनी EDP ने €750 मिलियन का ग्रीन बॉन्ड लगभग 3.4% यील्ड पर जारी किया, जिसका पैसा नवीकरणीय ऊर्जा और डिकार्बोनाइज...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What are the key details and significance of the recent wave of green bond issuances in Europe—including the Nordic Investment Bank’s record. Article summary: The recent European deals point to a market that is still willing to fund labeled sustainable debt at scale, even with higher all-in yields, as long as issuers are frequent, credible, and tie proceeds to clear green use . Topic tags: general, general web, government. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Through this 15-year bond, the Commission raised €12 billion, making it the world's largest green bond transaction to date. Since then, the Commission has" source context "NextGenerationEU Green Bonds - European Commission" Reference image 2: visual subject "The bank expects “only slight growth” in issuance of EU Gre
यूरोप का सस्टेनेबल फाइनेंस और ग्रीन बॉन्ड बाज़ार अभी भी मजबूती दिखा रहा है। हाल ही में कई अलग‑अलग क्षेत्रों—सुप्रानैशनल संस्थान, ऊर्जा कंपनियां, बैंक और रियल‑एस्टेट कंपनियां—ने नए ग्रीन बॉन्ड जारी किए हैं।
नॉर्डिक इन्वेस्टमेंट बैंक (NIB), पुर्तगाल की ऊर्जा कंपनी EDP, नॉर्वे का DNB बैंक और स्वीडन की प्रॉपर्टी कंपनी Diös Fastigheter के ताज़ा इश्यू बताते हैं कि ऊंची ब्याज दरों के बावजूद निवेशकों की दिलचस्पी कम नहीं हुई है। बल्कि, मजबूत पर्यावरणीय ढांचे (frameworks) और स्पष्ट उपयोग‑उद्देश्य वाले बॉन्ड अभी भी बड़े निवेश आकर्षित कर रहे हैं।
मई 2026 में नॉर्डिक इन्वेस्टमेंट बैंक ने €1 अरब का सात‑साल का Environmental Bond (NEB) जारी किया, जो उसके इतिहास का सबसे बड़ा पर्यावरण बॉन्ड है। इस इश्यू के लिए रिकॉर्ड स्तर का ऑर्डर बुक बना और वैश्विक संस्थागत निवेशकों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
इन बॉन्ड से जुटाई गई राशि का उपयोग ऐसे प्रोजेक्ट्स में किया जाता है जो पर्यावरण को स्पष्ट लाभ देते हैं—जैसे जलवायु परिवर्तन को कम करने वाले प्रोजेक्ट, टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर और कम‑कार्बन अर्थव्यवस्था की दिशा में निवेश।
इस डील के बाद NIB ने अपने 2026 के कुल फंडिंग लक्ष्य का लगभग 63% पहले ही जुटा लिया है।
सुप्रानैशनल संस्थानों द्वारा इस तरह के बड़े ग्रीन बॉन्ड इश्यू पूरे बाजार के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि वे निवेशकों को उच्च‑रेटिंग और तरलता (liquidity) वाले निवेश विकल्प देते हैं।
पुर्तगाल की बिजली कंपनी EDP ने €750 मिलियन का ग्रीन बॉन्ड जारी किया, जिसकी परिपक्वता मार्च 2033 में है—लगभग सात साल की अवधि। इस बॉन्ड पर 3.75% कूपन तय किया गया और इसकी यील्ड लगभग 3.4% रही।
इससे मिलने वाली राशि का इस्तेमाल कंपनी के ग्रीन निवेश पोर्टफोलियो में किया जाएगा, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं और यूरोप की डिकार्बोनाइजेशन रणनीति से जुड़े अन्य प्रोजेक्ट शामिल हैं।
यह डील दिखाती है कि ऊंची ब्याज दरों के बावजूद ऊर्जा कंपनियां बड़े पैमाने पर ग्रीन फंडिंग जुटा सकती हैं। दरअसल, बाजार में गतिविधि कम होने के बजाय केवल कीमतों (pricing) का स्तर बदला है।
नॉर्वे के सबसे बड़े बैंकों में से एक DNB बैंक ने 2026 में अपना Green Finance Framework अपडेट किया। इसके तहत बैंक अब ग्रीन कवरड बॉन्ड, सीनियर बॉन्ड और टियर‑2 बॉन्ड जारी कर सकता है। इनसे मिलने वाला पैसा नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन बिल्डिंग्स और स्वच्छ परिवहन जैसे क्षेत्रों में जाएगा।
इस अपडेट के बाद बैंक ने यूरो प्राइमरी मार्केट में ग्रीन सीनियर नॉन‑प्रेफर्ड बॉन्ड जारी किया, जिससे उसकी पूंजी संरचना मजबूत हुई और यूरोप के सस्टेनेबल फाइनेंस बाजार में उसकी भूमिका और स्पष्ट हुई।
आज निवेशक केवल "ग्रीन" लेबल नहीं देखते—वे यह भी चाहते हैं कि बॉन्ड ICMA Green Bond Principles जैसे मानकों के अनुरूप हों और धन के उपयोग पर पारदर्शी रिपोर्टिंग हो।
स्वीडन की रियल‑एस्टेट कंपनी Diös Fastigheter ने अपने ग्रीन फाइनेंसिंग फ्रेमवर्क के तहत SEK 600 मिलियन के सीनियर अनसिक्योर्ड ग्रीन बॉन्ड जारी किए, जिनकी अवधि तीन साल है।
यह डील फ्लोटिंग‑रेट और फिक्स्ड‑रेट दोनों ट्रांच में की गई और 1.33% मार्जिन पर प्राइस हुई—जो इस अवधि के लिए कंपनी के बॉन्ड कार्यक्रम में अब तक का सबसे कम स्तर है।
निवेशक मांग काफी मजबूत रही: ऑर्डर बुक लगभग 2.3 गुना ओवरसब्सक्राइब हो गया, जिससे शुरुआती प्राइसिंग गाइडेंस से भी बेहतर दर पर बॉन्ड जारी करना संभव हुआ।
यह खास इसलिए है क्योंकि Diös कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय संस्थान नहीं बल्कि एक क्षेत्रीय प्रॉपर्टी कंपनी है—फिर भी निवेशकों की दिलचस्पी मजबूत रही।
हाल की इन डील्स से यूरोप के ग्रीन बॉन्ड बाजार के कुछ बड़े रुझान साफ दिखाई देते हैं:
उच्च ब्याज दरों के माहौल के बावजूद यूरोप का सस्टेनेबल डेट मार्केट लचीला बना हुआ है। NIB जैसे संस्थानों के बड़े बेंचमार्क इश्यू, EDP जैसी ऊर्जा कंपनियों के ग्रीन बॉन्ड और Diös जैसी कंपनियों की ओवरसब्सक्राइब्ड डील्स एक ही बात बताती हैं—
ग्रीन बॉन्ड अब ऊर्जा संक्रमण और जलवायु‑अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर को फंड करने के लिए निवेशकों के पोर्टफोलियो का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं।
इश्यूअर्स के लिए संदेश साफ है: विश्वसनीय ग्रीन फ्रेमवर्क, पारदर्शी उपयोग‑उद्देश्य और नियमित बाजार भागीदारी ही इस पूंजी तक पहुंचने की कुंजी हैं।
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नॉर्डिक इन्वेस्टमेंट बैंक ने €1 अरब का सात‑साल का पर्यावरण बॉन्ड जारी किया—यह उसके कार्यक्रम का अब तक का सबसे बड़ा इश्यू है और 2026 के फंडिंग लक्ष्य का लगभग 63% पहले ही जुटाया जा चुका है।
नॉर्डिक इन्वेस्टमेंट बैंक ने €1 अरब का सात‑साल का पर्यावरण बॉन्ड जारी किया—यह उसके कार्यक्रम का अब तक का सबसे बड़ा इश्यू है और 2026 के फंडिंग लक्ष्य का लगभग 63% पहले ही जुटाया जा चुका है। पुर्तगाल की ऊर्जा कंपनी EDP ने €750 मिलियन का ग्रीन बॉन्ड लगभग 3.4% यील्ड पर जारी किया, जिसका पैसा नवीकरणीय ऊर्जा और डिकार्बोनाइजेशन परियोजनाओं में लगेगा।
नॉर्वे के DNB बैंक ने अपना ग्रीन फाइनेंस फ्रेमवर्क अपडेट करने के बाद यूरो बॉन्ड बाज़ार में वापसी की, जबकि स्वीडन की Diös की SEK 600 मिलियन की डील 2.3 गुना ओवरसब्सक्राइब रही।