इससे मिलने वाली राशि का इस्तेमाल कंपनी के ग्रीन निवेश पोर्टफोलियो में किया जाएगा, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं और यूरोप की डिकार्बोनाइजेशन रणनीति से जुड़े अन्य प्रोजेक्ट शामिल हैं।
यह डील दिखाती है कि ऊंची ब्याज दरों के बावजूद ऊर्जा कंपनियां बड़े पैमाने पर ग्रीन फंडिंग जुटा सकती हैं। दरअसल, बाजार में गतिविधि कम होने के बजाय केवल कीमतों (pricing) का स्तर बदला है।
नॉर्वे के सबसे बड़े बैंकों में से एक DNB बैंक ने 2026 में अपना Green Finance Framework अपडेट किया। इसके तहत बैंक अब ग्रीन कवरड बॉन्ड, सीनियर बॉन्ड और टियर‑2 बॉन्ड जारी कर सकता है। इनसे मिलने वाला पैसा नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन बिल्डिंग्स और स्वच्छ परिवहन जैसे क्षेत्रों में जाएगा।
इस अपडेट के बाद बैंक ने यूरो प्राइमरी मार्केट में ग्रीन सीनियर नॉन‑प्रेफर्ड बॉन्ड जारी किया, जिससे उसकी पूंजी संरचना मजबूत हुई और यूरोप के सस्टेनेबल फाइनेंस बाजार में उसकी भूमिका और स्पष्ट हुई।
आज निवेशक केवल "ग्रीन" लेबल नहीं देखते—वे यह भी चाहते हैं कि बॉन्ड ICMA Green Bond Principles जैसे मानकों के अनुरूप हों और धन के उपयोग पर पारदर्शी रिपोर्टिंग हो।
स्वीडन की रियल‑एस्टेट कंपनी Diös Fastigheter ने अपने ग्रीन फाइनेंसिंग फ्रेमवर्क के तहत SEK 600 मिलियन के सीनियर अनसिक्योर्ड ग्रीन बॉन्ड जारी किए, जिनकी अवधि तीन साल है।
यह डील फ्लोटिंग‑रेट और फिक्स्ड‑रेट दोनों ट्रांच में की गई और 1.33% मार्जिन पर प्राइस हुई—जो इस अवधि के लिए कंपनी के बॉन्ड कार्यक्रम में अब तक का सबसे कम स्तर है।
निवेशक मांग काफी मजबूत रही: ऑर्डर बुक लगभग 2.3 गुना ओवरसब्सक्राइब हो गया, जिससे शुरुआती प्राइसिंग गाइडेंस से भी बेहतर दर पर बॉन्ड जारी करना संभव हुआ।
यह खास इसलिए है क्योंकि Diös कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय संस्थान नहीं बल्कि एक क्षेत्रीय प्रॉपर्टी कंपनी है—फिर भी निवेशकों की दिलचस्पी मजबूत रही।
हाल की इन डील्स से यूरोप के ग्रीन बॉन्ड बाजार के कुछ बड़े रुझान साफ दिखाई देते हैं:
उच्च ब्याज दरों के माहौल के बावजूद यूरोप का सस्टेनेबल डेट मार्केट लचीला बना हुआ है। NIB जैसे संस्थानों के बड़े बेंचमार्क इश्यू, EDP जैसी ऊर्जा कंपनियों के ग्रीन बॉन्ड और Diös जैसी कंपनियों की ओवरसब्सक्राइब्ड डील्स एक ही बात बताती हैं—
ग्रीन बॉन्ड अब ऊर्जा संक्रमण और जलवायु‑अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर को फंड करने के लिए निवेशकों के पोर्टफोलियो का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं।
इश्यूअर्स के लिए संदेश साफ है: विश्वसनीय ग्रीन फ्रेमवर्क, पारदर्शी उपयोग‑उद्देश्य और नियमित बाजार भागीदारी ही इस पूंजी तक पहुंचने की कुंजी हैं।
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