यह ऐप एक सही मायने में चैटबॉट-स्टाइल इंटरफ़ेस पेश करेगा जो Apple की iMessage ऐप जैसा दिखेगा । अब आप सिर्फ एक वॉइस कमांड देने के बजाय, Siri के साथ लगातार बातचीत कर सकेंगे। इस इंटरफ़ेस में आपको एक पूरा बातचीत का इतिहास (Conversation History) भी मिलेगा, जहाँ आप अपनी पिछली चैट्स को खोज सकते हैं, पसंदीदा के रूप में पिन कर सकते हैं और उन्हें एक लिस्ट या ग्रिड व्यू में देख सकते हैं
। इतना ही नहीं, आप Siri की बातचीत में सीधे फ़ोटो, इमेज और डॉक्यूमेंट भी जोड़ पाएंगे
। रिपोर्टों के अनुसार, आप अपनी बातचीत को कितने समय तक सेव रखना चाहते हैं, इसका नियंत्रण भी आपके पास होगा— 30 दिन से लेकर अनिश्चित काल तक
।
नई Siri, iPhone के डायनामिक आइलैंड (Dynamic Island) के साथ गहराई से इंटीग्रेटेड होगी। जब आप "Hey Siri" बोलकर या साइड बटन दबाकर Siri को एक्टिवेट करेंगे, तो डायनामिक आइलैंड में एक गोली के आकार (pill-shaped) का एनिमेशन फैलेगा, जिसमें एक चमकता हुआ कर्सर और "खोजें या पूछें" (Search or Ask) का प्रॉम्प्ट लिखा होगा । यह इस बात का संकेत है कि Siri अब केवल आवाज़ तक सीमित नहीं है, बल्कि आपके फ़ोन पर सीधे खोज और AI सवालों के लिए एक लचीला ज़रिया बन गई है।
जब आप कोई सवाल पूछेंगे, तो नतीजे एक पारदर्शी पैनल (translucent panel) में दिखाई देंगे। इस कार्ड पर नीचे की ओर स्वाइप करने पर यह पूरी स्क्रीन के कन्वर्सेशन मोड में खुल जाएगा, जो आपको सिस्टम इंटरफ़ेस से ही चैट-जैसा अनुभव देगा । इस पूरे रीडिज़ाइन में एक डार्क कलर स्कीम अपनाई गई है, जो Apple के WWDC 2026 के टीज़र ग्राफ़िक्स से मेल खाती है। खासकर डार्क मोड में इसके चारों ओर एक चमकती हुई बॉर्डर बहुत आकर्षक दिखेगी
।
Apple के बंद इकोसिस्टम (walled-garden) वाले रवैये से एक बड़ा बदलाव करते हुए, iOS 27 एक "एक्सटेंशन" (Extensions) फ्रेमवर्क लेकर आएगा। यह आपको सिस्टम लेवल पर अपनी पसंद का AI इंजन चुनने की सुविधा देगा । इसके साझेदारों के रूप में Google Gemini, OpenAI ChatGPT, और Anthropic Claude का नाम सामने आया है, जो न सिर्फ Siri बल्कि राइटिंग टूल्स और इमेज प्लेग्राउंड जैसे फीचर्स को भी पावर दे सकते हैं
। ऐसा पहली बार होगा जब किसी मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम में आपको अपना डिफ़ॉल्ट AI मॉडल चुनने का विकल्प मिलेगा
।
नई Siri के मुख्य AI दिमाग के लिए, Apple ने Google के साथ एक अहम सहयोग समझौता किया है, जिसके तहत Gemini ही इस असिस्टेंट की बुनियादी AI मॉडल होगी । रिपोर्ट्स इसे एक बहु-वर्षीय साझेदारी बताती हैं जिसकी कीमत लगभग 1 अरब डॉलर प्रति वर्ष है
। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि इसमें 1.2 ट्रिलियन पैरामीटर्स वाला एक कस्टम Gemini मॉडल इस्तेमाल होगा, हालाँकि Apple ने इन तकनीकी जानकारियों की पुष्टि नहीं की है
।
Apple इस साझेदारी को प्राइवेसी के नज़रिए से पेश कर रहा है। कंपनी का कहना है कि Gemini से जुड़ी प्रोसेसिंग, Google के सर्वरों के बजाय, Apple के अपने प्राइवेट क्लाउड कंप्यूट (Private Cloud Compute) इंफ्रास्ट्रक्चर के अंदर होगी । बताई गई संरचना के अनुसार, आसान कामों के लिए Apple के अपने मॉडल आपके डिवाइस (ऑन-डिवाइस) पर ही प्रोसेसिंग करेंगे, जबकि जटिल सवालों को Apple के एन्क्रिप्टेड क्लाउड सर्वरों पर भेजा जाएगा जो एक API के ज़रिए Gemini मॉडल का इस्तेमाल करते हैं
। दोनों कंपनियों के बयानों के मुताबिक, इससे यह सुनिश्चित होता है कि प्रोसेसिंग के दौरान Google आपके निजी डेटा तक नहीं पहुँच सकता
। हालाँकि, यह देखना बाकी है कि Apple Gemini की नींव के साथ-साथ, इन तीसरे पक्ष के AI मॉडलों पर उपयोगकर्ताओं के नियंत्रण को सार्वजनिक रूप से कैसे लागू और समझाएगा
।
स्रोतों पर एक नज़र: यहाँ बताई गई सभी जानकारियाँ पूर्वावलोकन और WWDC से पहले की रिपोर्टों पर आधारित हैं, जिनके स्रोत हैं ब्लूमबर्ग के मार्क गुरमन, मैकरुमर्स, और अन्य । फीचर्स की पूरी सूची, मूल्य निर्धारण मॉडल और अंतिम संरचना की पुष्टि तभी होगी जब Apple 8 जून को WWDC 2026 के मंच पर आधिकारिक तौर पर iOS 27 और नई Siri पेश करेगा
।
Comments
0 comments