मई 2026 के अंत और जून की शुरुआत में, ईरान के IRGC ने कुवैत पर बार बार मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिसमें एक अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया गया और नागरिक उड्डयन बाधित हुआ। IRGC ने इन हमलों को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में 'संतुलित और रक्षात्मक' बताया, हालांकि इससे क्षेत्रीय युद्धविराम खतरे में पड़ गया। 3 जून को ड्...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What are the details of Kuwait's condemnation of repeated Iranian missile and drone attacks on its territory in late May and early June, inc. Article summary: Here is a comprehensive breakdown of the events, based on the available reports.. Topic tags: general, general web, user generated. Reference image context from search candidates: Reference image 1: visual subject "Kuwait on Monday strongly condemned Iranian missile and drone attacks on its territory, calling them "a blatant breach of international law.". The attacks also constitute "a seriou" source context "Kuwait strongly condemns Iranian attacks on its territory" Reference image 2: visual subject "Syrian Arab News Agency (SANA). The Kuwait Ministry of Foreign Affairs"). **Kuwait City, June 1 (SANA)** Kuwait on Monday condemned the repeated Iranian attacks o
मई 2026 के अंत और जून की शुरुआत में, ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों की एक श्रृंखला ने कुवैत को निशाना बनाया, जिसने एक नाजुक युद्धविराम को तोड़ दिया और दुनिया भर में निंदा की लहर दौड़ गई। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया, लेकिन इन हमलों ने आम नागरिकों के जीवन को भी बुरी तरह प्रभावित किया, कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बंद करने पर मजबूर कर दिया और पूरे अरब जगत और उसके बाहर से कुवैत के साथ एकजुटता की लहर उठ खड़ी हुई।
हमलों की पहली लहर 28 मई को शुरू हुई। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इसे 'खतरनाक विस्तार' और 'कुवैत की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन' बताते हुए कड़ी निंदा की । मंत्रालय ने कहा कि ये हमले नागरिकों और अहम बुनियादी ढांचे के लिए 'सीधा खतरा' हैं और ऐसे समय में हुए हैं जब तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास चल रहे थे
।
रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में मिसाइल और ड्रोन शामिल थे जिन्हें कुवैत के ऊपर ही रोक लिया गया। ओपन-सोर्स विश्लेषकों का अनुमान था कि ये प्रोजेक्टाइल कुवैत-इराक सीमा के पास स्थित अली अल-सलेम एयर बेस की ओर जा रहे थे । अमेरिकी सेना ने बाद में पुष्टि की कि ईरान ने कुवैत की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी, जिससे युद्धविराम समझौते पर और दबाव पड़ा
।
अंतरराष्ट्रीय विरोध के बावजूद, ईरान ने 1 जून को हमलों की एक और लहर शुरू कर दी। कुवैत ने पुष्टि की कि उस पर हमला हुआ है, और उसकी सेना ने कहा कि वायु रक्षा प्रणालियों ने सोमवार सुबह 'शत्रुतापूर्ण मिसाइलों और ड्रोनों' को रोक लिया । इस हमले ने तुरंत नागरिक उड्डयन को बाधित कर दिया, क्योंकि फ्लाइट-ट्रैकिंग सेवाओं के अनुसार, कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कई विमानों को डायवर्ट किया गया
।
कुवैत के कैबिनेट ने 28 मई और 1 जून दोनों हमलों की निंदा करते हुए चेतावनी दी कि ये क्षेत्रीय तनाव कम करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को कमजोर करते हैं । मंत्रालय ने कहा कि वह ईरान को पूरी तरह से जिम्मेदार मानता है और अपनी सुरक्षा व संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है
।
हिंसा का सबसे भयावह रूप 3 जून को सामने आया, जब ईरानी ड्रोन ने सीधे कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 को निशाना बनाया। कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने बताया कि 'कई शत्रुतापूर्ण ड्रोनों' ने एयरपोर्ट को निशाना बनाया, जिससे कई लोग घायल हो गए और इमारत को 'गंभीर क्षति' पहुंची । इस हमले के बाद कुवैत ने सभी वाणिज्यिक उड़ानों को निलंबित कर दिया और आपातकालीन योजना लागू कर दी ।
IRGC ने हमलों से इनकार नहीं किया, बल्कि उन्हें अमेरिकी कार्रवाइयों का सीधा और संतुलित सैन्य जवाब बताया।
हालांकि, अमेरिका ने इन हमलों की प्रभावशीलता को कम करके आंका। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि कुवैत में एक अमेरिकी एयरबेस और बहरीन में 5वें बेड़े के मुख्यालय पर सफलतापूर्वक हमला करने के ईरान के दावे 'झूठे' थे । CENTCOM ने कहा, 'अमेरिकी सेनाओं पर सभी ईरानी हमले विफल रहे। अमेरिकी सेनाएं सतर्क हैं और अनुचित ईरानी आक्रमण से बचाव के लिए तैयार हैं' ।
इन हमलों ने पूरे क्षेत्र को एकजुट कर दिया। संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर और ओमान जैसे खाड़ी देशों ने तुरंत कुवैत के साथ एकजुटता व्यक्त की और हमलों की निंदा की । खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का 'घोर उल्लंघन' बताया और कुवैत को 'अपनी सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाए जाने वाले सभी उपायों में पूर्ण समर्थन' का आश्वासन दिया । अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल-यामाही ने भी हमलों की निंदा करते हुए कुवैत की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूर्ण समर्थन व्यक्त किया ।
ये हमले ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे व्यापक संघर्ष का हिस्सा थे, जिसने खाड़ी के उन देशों को सीधे प्रभावित किया जहां अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान मौजूद हैं ।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
मई 2026 के अंत और जून की शुरुआत में, ईरान के IRGC ने कुवैत पर बार बार मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिसमें एक अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया गया और नागरिक उड्डयन बाधित हुआ।
मई 2026 के अंत और जून की शुरुआत में, ईरान के IRGC ने कुवैत पर बार बार मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिसमें एक अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया गया और नागरिक उड्डयन बाधित हुआ। IRGC ने इन हमलों को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में 'संतुलित और रक्षात्मक' बताया, हालांकि इससे क्षेत्रीय युद्धविराम खतरे में पड़ गया।
3 जून को ड्रोन हमले में कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 को भारी नुकसान पहुंचा, जिससे उड़ानें निलंबित करनी पड़ीं और कई लोग घायल हुए।