हॉर्नर लगभग दो दशकों तक रेड बुल रेसिंग के टीम प्रिंसिपल रहे और टीम को कई विश्व खिताब दिलाए। 2025 में टीम छोड़ने के बाद वह फॉर्मूला 1 में वापसी के विकल्प तलाश रहे हैं।
अगर BYD परियोजना आगे बढ़ती है, तो हॉर्नर की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है क्योंकि:
हॉर्नर फिलहाल प्राइवेट इक्विटी फर्म Oakley Capital के साथ सलाहकार भूमिका में भी जुड़े हैं, जिससे संभावित मोटरस्पोर्ट परियोजनाओं के लिए निवेश जुटाने में मदद मिल सकती है।
रिपोर्टों के अनुसार BYD किसी मौजूदा टीम को खरीदने के बजाय बिल्कुल नई F1 टीम बनाने का विकल्प देख रहा है।
नई टीम शुरू करने के कुछ फायदे हैं:
लेकिन यह रास्ता सबसे कठिन भी है। एक नई F1 टीम बनाने के लिए फैक्ट्री, सैकड़ों इंजीनियरों की भर्ती, इंजन साझेदारी और FIA व F1 की मंजूरी जैसे कई बड़े कदम पूरे करने पड़ते हैं।
एक अन्य संभावित रास्ता Alpine टीम से जुड़ा हो सकता है, हालांकि इस बारे में अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है।
हॉर्नर पहले से ही एक निवेश समूह का हिस्सा हैं जो Alpine की F1 टीम में अल्पांश हिस्सेदारी खरीदने की संभावना देख रहा है।
यह जरूरी नहीं कि BYD सीधे Alpine को खरीदना चाहता हो, लेकिन हॉर्नर के नेटवर्क के कारण यह विकल्प भविष्य में एक वैकल्पिक रास्ता बन सकता है।
BYD अगर सचमुच F1 में आना चाहता है, तो उसे राजनीतिक और आर्थिक दोनों तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ेगा।
इसका मतलब है कि फिलहाल केवल एक संभावित जगह बचती है।
मौजूदा टीमें नए प्रवेशकों का अक्सर विरोध करती हैं क्योंकि इससे पुरस्कार राशि का हिस्सा कम हो जाता है। इसलिए नए प्रतिभागियों को भारी anti‑dilution fee देना पड़ता है।
रिपोर्टों के मुताबिक कैडिलैक ने F1 में प्रवेश के लिए लगभग 450 मिलियन डॉलर की फीस देने पर सहमति जताई थी।
फॉर्मूला 1 के दृष्टिकोण से BYD का प्रवेश रणनीतिक रूप से दिलचस्प हो सकता है।
चीन दुनिया का सबसे बड़ा कार बाजारों में से एक है, और एक चीनी निर्माता की फैक्ट्री‑समर्थित टीम F1 के लिए उस क्षेत्र में लोकप्रियता बढ़ाने का अवसर बन सकती है।
इसके अलावा हाल के वर्षों में कई बड़े निर्माता—जैसे Audi और Cadillac—भी F1 से जुड़े हैं, खासकर 2026 के नए हाइब्रिड इंजन नियमों के कारण।
फिलहाल BYD की योजना केवल प्रारंभिक चर्चा के चरण में है। F1 नेतृत्व और क्रिश्चियन हॉर्नर जैसे अनुभवी व्यक्तियों के साथ बातचीत इस बात का संकेत देती है कि कंपनी गंभीरता से विकल्प तलाश रही है।
अगर BYD आगे बढ़ने का फैसला करता है, तो उसे कई चरणों से गुजरना होगा:
चाहे BYD अंततः ग्रिड पर आए या नहीं, यह चर्चा खुद दिखाती है कि फॉर्मूला 1 की वैश्विक लोकप्रियता और नई तकनीकी दिशा दुनिया की बड़ी ऑटो कंपनियों को अपनी ओर खींच रही है।
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