दिसंबर 2024 में बशर अल असद सरकार के पतन के बाद, इज़राइल ने दक्षिणी सीरिया के दारा और कुनेइत्रा प्रांतों में अपने सैन्य अभियानों में भारी इज़ाफा किया है। सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फ़ॉर ह्यूमन राइट्स (SOHR) के अनुसार, साल 2026 की पहली छमाही में इज़राइली सेना ने 384 सैन्य अभियान चलाए, जिनमें ज़मीनी घुसपैठ, छापे और नागरिकों क...
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What are the details and broader context of the latest Israeli military action in Syria's Daraa province, including the specific incident of. Article summary: Here is a comprehensive overview of Israel's military operations in Syria's Daraa and Quneitra provinces, based on available reporting through mid-August 2026.. Topic tags: general, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, icons, and tiny thumbnail layouts. Make it
दिसंबर 2024 में बशर अल-असद की सरकार के पतन के बाद से, इज़राइल ने दक्षिणी सीरिया में अपनी सैन्य उपस्थिति को नाटकीय रूप से बढ़ा दिया है। अगस्त 2026 के मध्य तक, दारा और कुनेइत्रा प्रांतों में ज़मीनी घुसपैठ, घरों पर छापे, चौकियों पर कार्रवाई और तोपखाने से गोलीबारी लगभग दैनिक घटना बन गई है। यह लेख सीरियाई राज्य मीडिया, सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फ़ॉर ह्यूमन राइट्स (SOHR), रिलीफ़वेब और अन्य स्रोतों की रिपोर्टिंग के आधार पर प्रमुख घटनाओं, दस्तावेज़ीकृत पैटर्न, मानवीय प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया को संकलित करता है।
16 जुलाई, 2026: सीरियाई समाचार एजेंसी SANA और स्थानीय निवासियों के अनुसार, अल-जज़ीरा सैन्य चौकी पर तैनात इज़राइली सेना ने दारा के पश्चिमी इलाके में स्थित म'आरिया (मआरिया) गांव के आवासीय क्षेत्रों पर मशीन-गन से गोलीबारी की । किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन इस गोलीबारी ने गांव वालों में भय और तनाव बढ़ा दिया। यह घटना दो दिन पहले इज़राइली सेना द्वारा मआरिया में घुसपैठ कर नागरिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के बाद हुई
।
27 जुलाई, 2026: इज़राइली सैनिकों ने फिर से उसी अल-जज़ीरा बैरक से मआरिया के आवासीय इलाकों में व्यापक गोलीबारी की। सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फ़ॉर ह्यूमन राइट्स (SOHR) ने बताया कि आग घरों को निशाना बनाकर चलाई गई और इसके साथ ही जमाला गांव की ओर पैदल सेना की घुसपैठ भी हुई । यह एक दिन पहले इज़राइली ड्रोन द्वारा यरमौक बेसिन के गांवों में पर्चे गिराने के बाद हुआ, जिसमें निवासियों को इज़राइली गश्ती मार्गों को अवरुद्ध न करने की चेतावनी दी गई थी
।
7 अगस्त, 2026: पश्चिमी दारा देहात में एक और इज़राइली घुसपैठ में गोलीबारी हुई, जिससे निवासियों में भय और तनाव फैल गया ।
5 अगस्त, 2026: इज़राइली सेना ने यरमौक बेसिन में मारिया गांव में प्रवेश किया, कई नागरिक घरों की तलाशी ली, और बिना कोई गिरफ्तारी किए वापस चली गई । उसी दिन, कुनेइत्रा प्रांत में एक अलग घुसपैठ हुई
।
दिसंबर 2024 से, इज़राइल ने लगभग दैनिक आधार पर सीरिया के दक्षिणी प्रांतों में कई ज़मीनी घुसपैठें की हैं । 19 जून, 2026 के एक रिलीफ़वेब ब्रीफिंग में दस्तावेज़ीकृत किया गया कि इज़राइली सेना नियमित रूप से:
दस्तावेज़ीकृत विशिष्ट अभियानों में शामिल हैं:
SOHR ने बताया कि इज़राइली सेना ने साल 2026 की पहली छमाही में दक्षिणी सीरिया में 384 सैन्य अभियान चलाए, जिनमें ज़मीनी घुसपैठ, छापे, तलाशी, नागरिकों की हिरासत और भूमि साफ़ करने की गतिविधियाँ शामिल हैं। मासिक विवरण इस प्रकार है: जनवरी में 51, फरवरी में 51, मार्च में 68, अप्रैल में 62, मई में 78 और जून में 74 । सीरिया एनजीओ फ़ोरम ने अकेले जून में दोनों गवर्नरेटों में लगभग 300 अभियान या उल्लंघन दर्ज किए — जिनमें लगभग 70 ज़मीनी घुसपैठ और 28 छापे शामिल थे
। 19 जुलाई, 2026 को, SOHR ने दारा और कुनेइत्रा में सिर्फ 24 घंटों में सात ज़मीनी घुसपैठ और दो हमलों का दस्तावेज़ीकरण किया
।
दिसंबर 2024 में बशर अल-असद की सरकार के पतन के बाद, इज़राइल ने 1974 के विघटन समझौते को शून्य घोषित कर दिया, UN-निगरानी वाले बफर ज़ोन में घुस गया, और दमिश्क को देखने वाले माउंट हेर्मोन के सीरियाई हिस्से सहित रणनीतिक क्षेत्र पर कब्जा कर लिया । तब से, इज़राइल ने लगातार पूरे दक्षिणी सीरिया में अपनी सैन्य उपस्थिति का विस्तार किया है
। IDF की 'न्यू ईस्ट' क़िलेबंदी परियोजना — पूरी इज़राइल-सीरिया सीमा पर 4 मीटर गहरी और 4 मीटर चौड़ी खाइयों की एक प्रणाली — अब लगभग 80% पूरी हो चुकी है, जो सैन्य उपस्थिति को और मजबूत कर रही है
।
दारा के गांवों के निवासियों ने सूचना दी है:
29 जून, 2026 को, अल जज़ीरा ने बताया कि दक्षिणी सीरिया में एक नए इज़राइली हमले ने परिवारों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया । निगरानी समूहों ने कुनेइत्रा में घरेलू छापे, मनमानी हिरासत और पूछताछ का दस्तावेज़ीकरण किया है
। रिपोर्टों में इज़राइली सेना द्वारा घुसपैठ के दौरान नागरिक घरों की तलाशी, नागरिकों को रोकने और तलाशी लेने के लिए चौकियाँ स्थापित करने, और स्पष्ट कानूनी प्रक्रिया के बिना व्यक्तियों को हिरासत में लेने का वर्णन किया गया है
। सिजिल सेंटर फ़ॉर ह्यूमन राइट्स ने अप्रैल 2026 में इज़राइली सेना द्वारा उल्लंघनों में वृद्धि का दस्तावेज़ीकरण किया, जिसमें कुल 254 उल्लंघन दर्ज किए गए — जो उस समय तक दूसरी सबसे अधिक मासिक संख्या थी
।
सीरिया की सरकार ने बार-बार इन कार्रवाइयों की निंदा की है। सीरियाई विदेश मंत्रालय ने इसे 'सीरिया की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन' बताया और UN और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप का आग्रह किया ।
संयुक्त राष्ट्र विघटन पर्यवेक्षक बल (UNDOF) ने 1974 के विघटन समझौते से उत्पन्न युद्ध विराम रेखा के साथ अपनी गश्त बढ़ा दी है, हालांकि अशर्क अल-अवसत को एक सीरियाई सरकारी सूत्र ने बताया कि ये गश्त मौजूदा समझौते को दर्शाती हैं, न कि इज़राइल के साथ नई समझ को । UN ने लगातार UNDOF चैनलों के माध्यम से तनाव कम करने और सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने का आह्वान किया है। इज़राइल का बफर ज़ोन में प्रवेश 1974 के विघटन समझौते का उल्लंघन है
।
अरब लीग परिषद ने मिस्र की पहल पर, गोलान में अतिरिक्त सीरियाई क्षेत्रों पर इज़राइल के कब्जे की निंदा करने के लिए एक एकीकृत अरब रुख स्थापित करने के लिए बैठक बुलाई ।
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दिसंबर 2024 में बशर अल असद सरकार के पतन के बाद, इज़राइल ने दक्षिणी सीरिया के दारा और कुनेइत्रा प्रांतों में अपने सैन्य अभियानों में भारी इज़ाफा किया है।
दिसंबर 2024 में बशर अल असद सरकार के पतन के बाद, इज़राइल ने दक्षिणी सीरिया के दारा और कुनेइत्रा प्रांतों में अपने सैन्य अभियानों में भारी इज़ाफा किया है। सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फ़ॉर ह्यूमन राइट्स (SOHR) के अनुसार, साल 2026 की पहली छमाही में इज़राइली सेना ने 384 सैन्य अभियान चलाए, जिनमें ज़मीनी घुसपैठ, छापे और नागरिकों की हिरासत शामिल हैं।
मआरिया गांव में कई बार हुई गोलीबारी में नागरिक घरों को निशाना बनाया गया, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और कई परिवारों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा।