उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि इन टेक कंपनियों के विज्ञापन नियंत्रण तंत्र इतने मजबूत नहीं हैं कि वे निवेश से जुड़े स्कैम विज्ञापनों को समय पर पहचानकर हटा सकें। कई मामलों में संदिग्ध विज्ञापनों की जानकारी दिए जाने के बाद भी वे प्लेटफॉर्म पर दिखाई देते रहे।
शिकायत में कहा गया है कि:
इन शिकायतों के आधार पर यूरोपीय आयोग और राष्ट्रीय नियामक जांच शुरू कर सकते हैं, और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो आगे कार्रवाई भी संभव है।
उपभोक्ता संगठनों ने 13 यूरोपीय देशों में एक संयुक्त जांच की। इस दौरान शोधकर्ताओं ने 893 संदिग्ध वित्तीय स्कैम विज्ञापनों के उदाहरण दर्ज किए।
जांच के मुख्य निष्कर्ष:
उपभोक्ता समूहों का कहना है कि इतनी कम हटाने की दर इस बात का संकेत है कि प्लेटफॉर्म्स की प्रवर्तन प्रणाली धोखाधड़ी से जुड़े विज्ञापनों के खिलाफ पर्याप्त प्रभावी नहीं है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, Google ने कहा कि उसे सीधे रिपोर्ट किए गए विज्ञापनों में से लगभग 60% को हटा दिया गया जब कंपनी को उनकी जानकारी मिली।
हालांकि उपभोक्ता संगठनों का तर्क है कि केवल रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। उनके मुताबिक बड़ी टेक कंपनियों को अपने सिस्टम के जरिए ऐसे विज्ञापनों की पहचान और हटाने में अधिक सक्रिय होना चाहिए।
Meta और TikTok की ओर से इन शिकायतों पर विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सीमित रही है।
यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि शिकायतें EU के Digital Services Act (DSA) के तहत की गई हैं। यह कानून बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को अवैध सामग्री, धोखाधड़ी और अन्य डिजिटल जोखिमों को नियंत्रित करने के लिए अधिक जिम्मेदार बनाता है।
DSA के तहत बड़ी कंपनियों को:
यूरोपीय आयोग के अनुसार, 2025 की पहली छमाही में ही प्लेटफॉर्म्स ने 9 अरब से अधिक कंटेंट मॉडरेशन फैसलों की रिपोर्ट दी, जिनमें से अधिकांश कार्रवाई प्लेटफॉर्म्स ने खुद पहल करके की थी।
क्योंकि शिकायतें यूरोपीय आयोग और राष्ट्रीय नियामकों दोनों को भेजी गई हैं, अब अधिकारी इस बात की जांच कर सकते हैं कि क्या कंपनियों ने DSA के नियमों का उल्लंघन किया है।
अगर जांच में प्लेटफॉर्म्स को दोषी पाया जाता है, तो यह मामला औपचारिक जांच, जुर्माना या अन्य प्रवर्तन कार्रवाई तक पहुंच सकता है।
इस तरह यह शिकायत यूरोपीय संघ की उस व्यापक कोशिश का हिस्सा बन गई है जिसमें बड़े टेक प्लेटफॉर्म्स को ऑनलाइन धोखाधड़ी और अवैध सामग्री पर ज्यादा सख्ती से जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।