यह मामला ब्राजील की दिग्गज कैंसर उपचार कंपनी Oncoclínicas (ONCO3.SA) में शेयरधारकों के बीच चल रहे विवाद से जुड़ा है। पुलिस का आरोप है कि गोल्डमैन सैक्स ने अपनी हिस्सेदारी को छुपाकर कंपनी के छोटे शेयरधारकों को होने वाले भारी नुकसान से बचने की कोशिश की।
पुलिस के अनुसार, गोल्डमैन सैक्स ने Oncoclínicas में अपनी एक बड़ी हिस्सेदारी की असली मालिकाना संरचना को गलत तरीके से पेश किया। इसके पीछे मंशा एक अनिवार्य सार्वजनिक टेंडर ऑफर (OPA) को टालना था, जो कानून के तहत लागू होता अगर बैंक की हिस्सेदारी एक निश्चित सीमा से अधिक होती ।
पुलिस की फाइलिंग में कहा गया है कि बैंक ने जोसिफिना I, II और बाद में III (Josephina I, II, III) नाम के निवेश फंडों की एक श्रृंखला के जरिए अपनी हिस्सेदारी को संरचित किया। इस जटिल संरचना का उद्देश्य यह छिपाना था कि असली मालिक कौन हैं, जिससे यह पता न चले कि बैंक ने उस सीमा को पार कर लिया है जिस पर उसे छोटे शेयरधारकों को एक निश्चित मूल्य पर शेयर खरीदने के लिए ऑफर देना होता ।
पुलिस डेलीगेट जोस एडुआर्डो होर्गे (José Eduardo Jorge) ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अकोस्टा और रिनिग दोनों की इस योजना में 'सचेत भागीदारी' थी। उन्होंने कहा कि बैंक ने 'अपारदर्शी कानूनी संरचनाओं' का उपयोग करके लाभकारी स्वामित्व को छुपाया, जिससे छोटे शेयरधारकों को नुकसान पहुंचा, क्योंकि उन्हें वह टेंडर ऑफर नहीं मिला जिसके वे हकदार थे ।
रिपोर्ट के अनुसार, जिस टेंडर ऑफर को टाला गया, उसकी कीमत लगभग R$ 6 बिलियन (करीब 1.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर) आंकी गई है ।
पुलिस दस्तावेज में कहा गया है कि इन अधिकारियों ने कंपनी, ब्राजील के प्रतिभूति नियामक CVM (Comissão de Valores Mobiliários), B3 स्टॉक एक्सचेंज और निवेशकों को गुमराह करने का प्रयास किया ।
गोल्डमैन सैक्स ने इन आरोपों को 'जोरदार तरीके से चुनौती देने' की बात कही है। बैंक के एक प्रवक्ता ने कहा, "हमारा मानना है कि पुलिस के निष्कर्ष निराधार हैं। गोल्डमैन सैक्स ने हमेशा उचित तरीके से काम किया है और वह अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है। हम अदालत में अपने सबूत पेश करेंगे।"
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इंडिशियामेंटो (पुलिस द्वारा औपचारिक आरोपण) का मतलब दोषसिद्धि नहीं है। यह एक कानूनी प्रक्रिया का पहला कदम है। अब इस मामले की समीक्षा सार्वजनिक अभियोजक कार्यालय (Public Prosecutor's Office) द्वारा की जाएगी, जो यह तय करेगा कि मुकदमा चलाया जाए या नहीं ।
यदि अभियोजक पुलिस के निष्कर्षों को स्वीकार कर लेते हैं, तो मामला अदालत में जाएगा, जहां आरोपी अपना बचाव पेश कर सकेंगे। फिलहाल, दोनों अधिकारी गोल्डमैन सैक्स में अपने पदों पर बने हुए हैं, हालांकि उनकी भूमिकाओं पर सवाल उठ सकते हैं ।