SoftBank की कुल प्रतिबद्धता अब लगभग $64.6 अरब तक पहुंच चुकी है, जिसके बदले कंपनी को OpenAI में करीब 13% हिस्सेदारी मिली है ।
इतनी बड़ी रकम एक ही निजी टेक कंपनी में लगाना असामान्य माना जाता है। आम तौर पर वेंचर निवेशक जोखिम कम करने के लिए कई कंपनियों में निवेश फैलाते हैं—खासकर AI जैसे अनिश्चित क्षेत्र में, जहां यह तय करना मुश्किल है कि अंततः कौन अग्रणी बनेगा ।
अगर भविष्य में OpenAI की वैल्यूएशन रुकती है या घटती है, तो SoftBank के प्रदर्शन पर इसका सीधा असर पड़ सकता है क्योंकि उसकी हालिया सफलता काफी हद तक इसी एक निवेश से जुड़ी है।
एक और बड़ी समस्या है लिक्विडिटी, यानी निवेश से नकदी निकालने की क्षमता। OpenAI अभी भी निजी कंपनी है, इसलिए SoftBank अपनी हिस्सेदारी आसानी से बेचकर पैसा नहीं निकाल सकता।
जब तक कंपनी का IPO (शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध होना) या कोई अन्य एग्जिट नहीं होता, तब तक इस निवेश की बड़ी वैल्यू सिर्फ कागज़ पर ही रहती है। यह SoftBank के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि मसायोशी सोन अक्सर कर्ज का इस्तेमाल कर रिटर्न बढ़ाने की रणनीति अपनाते हैं ।
SoftBank का यह दांव इस धारणा पर आधारित है कि OpenAI लंबे समय तक AI उद्योग में अग्रणी रहेगा। लेकिन यह स्थिति अब उतनी निश्चित नहीं दिखती।
AI कंपनी Anthropic तेज़ी से बड़ी प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरी है। उसने भी अरबों डॉलर की फंडिंग जुटाई है और उसकी वैल्यूएशन सैकड़ों अरब डॉलर तक पहुंच चुकी है । कुछ रिपोर्टों में तो इसकी संभावित वैल्यू OpenAI के करीब पहुंचने की चर्चा भी हुई है
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इसी बीच OpenAI और Anthropic दोनों ही बड़े कॉरपोरेट ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए एंटरप्राइज AI सेवाओं में साझेदारियाँ और संयुक्त उपक्रम शुरू कर रहे हैं ।
अगर इस प्रतिस्पर्धा के कारण OpenAI की वृद्धि धीमी पड़ती है या कीमत तय करने की उसकी ताकत घटती है, तो SoftBank के निवेश की गणित भी बदल सकती है।
अब तक यह दांव सफल दिखाई देता है। OpenAI की बढ़ती वैल्यूएशन के कारण SoftBank ने बड़े मुनाफ़े दर्ज किए हैं।
कंपनी ने एक तिमाही में लगभग ¥1.83 ट्रिलियन (करीब $11.6 अरब) का शुद्ध लाभ दिखाया, जिसका बड़ा हिस्सा OpenAI निवेश की बढ़ी हुई वैल्यू से आया ।
मार्च तक के 12 महीनों में SoftBank ने करीब $43.9 अरब के मूल्यांकन लाभ दर्ज किए, जिनमें से लगभग $25 अरब सिर्फ एक तिमाही में आए ।
इन लाभों की मुख्य वजह OpenAI की तेज़ी से बढ़ी वैल्यूएशन है, जो 2026 की एक विशाल फंडिंग के बाद लगभग $852 अरब तक पहुंच गई ।
हालांकि ये आंकड़े प्रभावशाली लगते हैं, लेकिन इनमें से अधिकतर अनरियलाइज़्ड गेन हैं—यानी अभी नकदी में बदले नहीं गए। इनकी वास्तविक कीमत OpenAI की निजी बाज़ार में बनी रहने वाली वैल्यूएशन पर निर्भर है।
अगर AI को लेकर निवेशकों का उत्साह कम हो जाता है, कर्ज महंगा हो जाता है या प्रतिस्पर्धी कंपनियां आगे निकल जाती हैं, तो SoftBank के ये लाभ घट भी सकते हैं।
जब तक OpenAI का IPO या कोई बड़ा एग्जिट नहीं होता, तब तक मसायोशी सोन का यह दांव AI उद्योग के भविष्य पर लगाया गया बहुत बड़ा और जोखिम भरा दांव बना रहेगा—जो इतिहास के सबसे सफल निवेशों में भी बदल सकता है और अत्यधिक जोखिम के उदाहरण के रूप में भी।
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