इसी सावधानी के साथ कंपनी ने एक शर्त रखी: अगर उस समय की वैश्विक टैरिफ दरें, नीतियां और उनका लागू होना बाकी तिमाही में न बदलें, और कोई नया टैरिफ न जुड़े, तो लागत में करीब $900 मिलियन की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो सकती है । Apple ने यह भी साफ किया कि इस अनुमान को आने वाली तिमाहियों की स्थायी भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि टैरिफ दरें और नीतिगत हालात बदल सकते हैं
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कमाई की तस्वीर कमजोर नहीं थी। 95.4 अरब डॉलर के राजस्व और $1.65 डाइल्यूटेड EPS के अलावा, Apple के Services कारोबार ने सर्वकालिक राजस्व रिकॉर्ड बनाया और सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़ा । इसलिए पहली नजर में Cook की चेतावनी अजीब लग सकती थी।
लेकिन यहां समय का फर्क अहम है। मार्च तिमाही ने दिखाया कि Apple पहले क्या हासिल कर चुका था; जून तिमाही की चेतावनी बताती थी कि आगे लागत पर कौन-सा दबाव आ सकता है ।
Apple जैसी विशाल कंपनी के लिए भी $900 मिलियन सिर्फ एक headline number नहीं है। यह सीधे मार्जिन का सवाल है। कंपनी ने जून तिमाही के लिए 45.5 प्रतिशत से 46.5 प्रतिशत के बीच ग्रॉस मार्जिन का अनुमान दिया, और इसी रेंज में $900 मिलियन की अनुमानित टैरिफ-संबंधी लागत पहले से शामिल थी ।
यानी Cook का संकेत यह नहीं था कि Apple की बिक्री अचानक गिरने वाली है। संकेत यह था कि राजस्व बढ़ने के बावजूद आयात शुल्क जैसी बाहरी लागतें मुनाफे को दबा सकती हैं। Apple ने जून तिमाही में कुल राजस्व के लिए सालाना आधार पर कम से मध्यम एक-अंकीय वृद्धि की उम्मीद जताई, लेकिन उसी के साथ टैरिफ झटके को मार्जिन अनुमान में जोड़ दिया ।
Apple टैरिफ जोखिम को अपनी वैश्विक आपूर्ति-श्रृंखला के जरिए कम करने की कोशिश कर रहा है। RTHK के अनुसार Cook ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका में बिकने वाले ज्यादातर iPhone का मूल देश भारत होगा; साथ ही उस समय Apple उत्पाद ट्रंप प्रशासन के सबसे कड़े पारस्परिक टैरिफ से फिलहाल छूट में थे । भारतीय पाठकों के लिए ध्यान देने वाली बात यह है कि यह बयान अमेरिका में बेचे जाने वाले iPhone की आपूर्ति-श्रृंखला के संदर्भ में था, भारत में कीमत या स्थानीय बिक्री की भविष्यवाणी नहीं।
The Register ने भी बताया कि Apple ने सप्लाई-चेन को भारत और वियतनाम की ओर शिफ्ट किया है, लेकिन कंपनी टैरिफ नीति का कारोबार पर अंतिम असर निश्चित रूप से नहीं बता सकती । यही Apple की सीमा है: मार्च तिमाही में सप्लाई-चेन और इन्वेंटरी प्रबंधन से असर कम हुआ
, पर नए शुल्क, बदले नियम या अलग नीति-प्रयोग आगे की गणना बदल सकते हैं
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चेतावनी खाली जगह में नहीं आई थी। Business Standard के अनुसार नतीजों के बाद निवेशकों में बढ़ती टैरिफ लागत और चीन में उम्मीद से कमजोर बिक्री को लेकर चिंता रही; रिपोर्ट के मुताबिक Apple के शेयर अमेरिकी बाजार बंद होने के बाद के कारोबार में एक समय 4.2 प्रतिशत तक गिर गए ।
बाजार के लिए सवाल सिर्फ यह नहीं था कि Apple ने पिछली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया या नहीं। सवाल यह था कि अगर भूराजनीतिक लागतें बढ़ती हैं और चीन जैसे क्षेत्रीय जोखिम सामने आते हैं, तो इस मजबूती में से कितना लाभ मार्जिन तक पहुंच पाएगा ।
Tim Cook ने चेतावनी इसलिए नहीं दी कि Apple की मार्च तिमाही कमजोर थी। उन्होंने इसलिए चेताया क्योंकि मजबूत पिछली संख्या यह गारंटी नहीं देती कि अगली तिमाहियां उतनी ही लाभदायक रहेंगी। Apple का करीब $900 मिलियन अतिरिक्त टैरिफ लागत का अनुमान साफ तौर पर इस शर्त पर आधारित था कि टैरिफ नियम नहीं बदलेंगे, और कंपनी ने इसे आगे की तिमाहियों के लिए सीधा पैमाना मानने से रोका ।