3 अक्टूबर 2026 को यूक्रेन पर रूस के हमले के दौरान पाँच हवाई हथियार मोल्दोवा के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए। मोल्दोवा के अधिकारियों ने बाद में उनकी पहचान तीन मिसाइल और दो ड्रोन के रूप में की। पाँचों चार जिलों में गिरे या विस्फोट के साथ नीचे आए। आग और संपत्ति को नुकसान होने की खबरें आईं, लेकिन किसी के हताहत होने की सूचना नहीं थी। इसके अलावा, एक छठी अनधिकृत उड़ान दर्ज की गई, जो बाद में मोल्दोवा से बाहर निकल गई।
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कहाँ गिरे हथियार, कितना हुआ नुकसान
काउशेनी (Căușeni), श्टेफ़ान वोडा (Ștefan Vodă), हिनचेस्ती (Hîncești) और आनेनिय नोई (Anenii Noi) जिलों में विस्फोटों या मलबा मिलने की खबरें आईं। अधिकारियों ने काउशेनी के पास, दुबोव्का (Dubovca), देलाकाउ और पुहाचेनी के बीच तथा क्रोक्माज़ (Crocmaz) के नज़दीक मलबा मिलने की जानकारी दी।
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घटनाओं के बाद सूखी वनस्पति में आग लगी। क्रोक्माज़ के पास एक कृषि भवन को नुकसान पहुँचा; अन्य संपत्ति को भी नुकसान होने की खबरें आईं। किसी की मौत या घायल होने की सूचना नहीं थी।
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पाँच हथियार सुबह लगभग 7:45 से 8 बजे के बीच मोल्दोवा के हवाई क्षेत्र से गुज़रे। इसके बाद रक्षा अधिकारियों ने एक अलग, छठी अनधिकृत उड़ान की जानकारी दी। यह विमान सुबह 8:04 बजे पलांका के पास दाखिल हुआ और फिर यूक्रेन की ओर निकल गया। यह उन पाँच हथियारों में शामिल नहीं था जो गिरने की खबरों में थे।
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मोल्दोवा ने क्या कदम उठाए
अधिकारियों ने उड़ानों पर नज़र रखी, निगरानी के आँकड़ों की जाँच की और बरामद मलबे की पड़ताल की। सरकार ने हवाई क्षेत्र के उल्लंघन की निंदा की। विदेश मंत्रालय ने रूस के राजदूत-नामित को तलब कर उन्हें औपचारिक विरोध-पत्र सौंपा।
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राष्ट्रपति माइया सांडू ने कहा कि यूक्रेन के खिलाफ रूस का युद्ध सीधे मोल्दोवा के नागरिकों की जान को खतरे में डाल रहा है।
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बढ़ती घुसपैठों के बीच एक और घटना
3 अक्टूबर की घटना अकेली नहीं थी। मोल्दोवा के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 2026 के शुरुआती लगभग नौ महीनों में देश ने हवाई क्षेत्र के उल्लंघन की 44 घटनाएँ दर्ज कीं—जबकि पूरे 2025 में ऐसी 17 घटनाएँ दर्ज हुई थीं। 2026 के आँकड़े में मिसाइल और ड्रोन, जिनमें भटकाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले डिकॉय ड्रोन भी शामिल हैं, गिने गए।
बार-बार हो रही इन घटनाओं ने मोल्दोवा की हवाई सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। रिपोर्टों के मुताबिक, देश में रडार कवरेज सीमित है और उसकी वायु-रक्षा क्षमता भी कम है। राष्ट्रपति सांडू ने कहा है कि हवाई सुरक्षा मजबूत करने के प्रयासों को तेज़ करने की ज़रूरत है।
चिंता केवल मोल्दोवा तक सीमित नहीं है। यूक्रेन की सीमा से लगा नाटो सदस्य रोमानिया भी ड्रोन घुसपैठ की कई घटनाओं का सामना कर चुका है। ऐसी घटनाएँ पड़ोसी देशों के करीब युद्ध के जोखिम को ले आती हैं—भले ही विस्फोट नाटो क्षेत्र के बाहर हुए हों।
क्या 3 अक्टूबर की घुसपैठ जान-बूझकर हुई थी?
उपलब्ध रिपोर्टें यह साबित नहीं करतीं कि ये हथियार जान-बूझकर मोल्दोवा के हवाई क्षेत्र में आए थे या यूक्रेन पर हमले के दौरान रास्ता भटक गए थे। कुछ टिप्पणियों में बार-बार हो रही घुसपैठों के पीछे जान-बूझकर की गई कार्रवाई की आशंका जताई गई है, लेकिन 3 अक्टूबर की उड़ानों के बारे में यह अब तक पुष्टि नहीं, अटकल है।
पुष्ट जानकारी यह है कि पाँच हथियार मोल्दोवा के हवाई क्षेत्र में घुसे और उसके भूभाग पर विस्फोट के साथ गिरे, जबकि एक अलग अनधिकृत उड़ान भी दर्ज हुई। जिन जगहों की खबरें सामने आईं, वहाँ नुकसान सीमित रहा। फिर भी, यह घटना दिखाती है कि सीमित वायु-रक्षा क्षमता वाला देश अपनी सीमा के उस पार चल रहे युद्ध के जोखिमों से कितना प्रभावित हो सकता है।
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