3 से 5 अगस्त 2026 तक शेनझेन में हुए सम्मेलन में 2,400 से अधिक लोग और 200 से ज्यादा शिक्षाविद व विशेषज्ञ शामिल हुए। इसका मुख्य संदेश था कि क्वांटम कंप्यूटिंग, सुपरकंप्यूटिंग और AI को अलग अलग परियोजनाओं के बजाय एक सहयोग... निकट भविष्य में इसका सबसे ठोस असर ‘AI for Science’ में दिख सकता है। सम्मेलन में प्रस्तुत एक प्रक...
प्रकाशितकर्ताGPT-5.6 Luna से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What national blueprint for smart computing emerged from the 5th CCF Quantum Computing Conference and Greater Bay Area Quantum Science Forum. Article summary: The blueprint was a national “量超智” (“quantum–supercomputing–AI”) smart-computing strategy: build an integrated, energy-aware national computing infrastructure in which AI improves quantum hardware and software, supercomp. Topic tags: general, general web, government. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake n
3 से 5 अगस्त 2026 तक शेनझेन में आयोजित पांचवें CCF क्वांटम कंप्यूटिंग सम्मेलन और पांचवें ग्रेटर बे एरिया क्वांटम साइंस फोरम में 2,400 से अधिक प्रतिभागी पहुंचे। अकादमिक सत्रों में 200 से ज्यादा शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने क्वांटम कंप्यूटिंग, AI और इनके मेल से बनने वाली नई कंप्यूटिंग तकनीकों पर चर्चा की।2
3
सम्मेलन का विषय था—“量与智相融合,量超智共融算”, यानी क्वांटम और बुद्धिमत्ता का मेल तथा क्वांटम, सुपरकंप्यूटिंग और AI का साझा उपयोग। इससे जो संकेत मिला, वह किसी एक नई क्वांटम मशीन की घोषणा से बड़ा है: चीन क्वांटम कंप्यूटिंग, सुपरकंप्यूटर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता को एक ही स्मार्ट-कंप्यूटिंग ढांचे की परस्पर पूरक परतों के रूप में देख रहा है।
‘量超智’ को सरल शब्दों में क्वांटम कंप्यूटिंग, सुपरकंप्यूटिंग और AI के समन्वित विकास के रूप में समझा जा सकता है। इसका जोर केवल क्वांटम चिप बनाने पर नहीं, बल्कि तीनों क्षमताओं को एक-दूसरे की कमियां पूरी करने योग्य बनाने पर है:
इसलिए ‘量超智’ किसी एक क्वांटम परियोजना से अधिक व्यापक, कंप्यूटिंग अवसंरचना का खाका है। सम्मेलन में बुनियादी शोध, प्रमुख तकनीक, उद्योग में उपयोग, मानक निर्माण और सरकार-उद्योग-पूंजी सहयोग पर भी चर्चा हुई। तीन दिनों में लगभग 30 कार्यक्रम आयोजित किए गए।2
3
चीनी विज्ञान अकादमी के शिक्षाविद श्यांग ताओ ने बताया कि मौजूदा भौतिक क्वांटम बिट्स की त्रुटि दर लगभग 1% है। क्रिप्टोग्राफिक कोड तोड़ने जैसे अनुप्रयोगों के लिए आवश्यक त्रुटि दर इससे करीब आठ orders of magnitude कम होनी चाहिए। उनके अनुसार, इस बड़े अंतर को पाटने में AI महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।1
सम्मेलन में AI के संभावित उपयोगों को कई स्तरों पर रेखांकित किया गया:
इसका मतलब है कि AI क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए केवल बाहरी एप्लिकेशन लेयर नहीं होगा। वह क्वांटम चिप, सॉफ्टवेयर और प्रयोगशाला नियंत्रण-प्रणाली का बुनियादी उपकरण भी बन सकता है—ऐसा उपकरण जो शोधकर्ताओं को समस्याएं जल्दी पहचानने, सिस्टम समायोजित करने और एल्गोरिदम को तेजी से दोहराने में मदद करे।
चीनी विज्ञान अकादमी के शिक्षाविद श्ये छी-कुन ने कहा कि AI, सुपरकंप्यूटिंग और क्वांटम कंप्यूटिंग का गहरा मेल क्वांटम सामग्रियों के शोध और क्वांटम एल्गोरिदम के विकास को बदल रहा है।1 इससे चर्चा का दायरा एक मशीन से बढ़कर राष्ट्रीय कंप्यूटिंग तंत्र तक पहुंच जाता है।
क्वांटम उपकरणों को क्लासिकल कंप्यूटिंग की सहायता चाहिए, AI को डेटा प्रोसेसिंग और सिमुलेशन के लिए उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग चाहिए, और वैज्ञानिक खोजों के लिए अलग-अलग प्रकार के कंप्यूटिंग संसाधनों को एक साथ इस्तेमाल करना पड़ता है।
चीनी इंजीनियरिंग अकादमी के शिक्षाविद गाओ वेन ने पेंगचेंग प्रयोगशाला के नेतृत्व में ऐसी आधारभूत संरचना का प्रस्ताव रखा, जिसमें 10G-स्तरीय कंप्यूटिंग, 10P-स्तरीय नेटवर्क और 10GW-स्तरीय स्वच्छ ऊर्जा का समन्वय हो। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं को एकीकृत संसाधन उपलब्ध कराना है।1
यह केवल हार्डवेयर बढ़ाने का विचार नहीं है। इसमें कंप्यूटिंग शक्ति, नेटवर्क और ऊर्जा की योजना एक साथ बनाने पर जोर है। यही ‘量超智’ का रणनीतिक पक्ष है: प्रतिस्पर्धा केवल इस बात पर नहीं होगी कि किसके पास अधिक शक्तिशाली क्वांटम डिवाइस है, बल्कि इस पर भी कि कौन कंप्यूटिंग, डेटा, ऊर्जा, प्रतिभा और वास्तविक उपयोग के अवसरों की पूरी प्रणाली को लगातार चला सकता है।
चीनी इंजीनियरिंग अकादमी के शिक्षाविद झेंग वेइमिन ने आधुनिक अग्रणी सुपरकंप्यूटरों को विज्ञान के लिए “विशाल AI कंप्यूटर” के रूप में देखा। उनके अनुसार, क्वांटम कंप्यूटिंग इस व्यवस्था में भविष्य की अगली परत बन सकती है।1
यह दृष्टिकोण एक व्यावहारिक समय-क्रम भी सुझाता है। क्वांटम कंप्यूटिंग की दीर्घकालिक क्षमता बड़ी है, लेकिन सुपरकंप्यूटिंग और AI for Science आज ही सामग्री खोज, प्रोटीन संरचना पूर्वानुमान और अन्य वैज्ञानिक कार्यों में उपयोगी हैं।1
इस मॉडल में शोध संस्थान पहले से उपलब्ध क्लासिकल उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग और मशीन लर्निंग अवसंरचना का इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे-जैसे क्वांटम सिस्टम अधिक विश्वसनीय और बड़े होते जाएंगे, उपयुक्त समस्याओं को उसकी ओर स्थानांतरित किया जा सकेगा। इससे वैज्ञानिक अनुप्रयोगों के लिए “पहले सार्वभौमिक क्वांटम कंप्यूटर का इंतजार” करने की जरूरत घटती है।
सम्मेलन में प्रस्तुत एक सामग्री-खोज प्रक्रिया ने क्वांटम many-body theory में मौजूद “σ-bond metallization” सिद्धांत को AI स्क्रीनिंग के साथ जोड़ा। 20 लाख से अधिक सामग्रियों वाले डेटाबेस से इस प्रक्रिया ने उच्च-तापमान सुपरकंडक्टर के 31 उम्मीदवार खोजे, जिनमें 18 की पहले भविष्यवाणी नहीं की गई थी।1
इस उदाहरण का महत्व AI द्वारा भौतिकी को बदल देने में नहीं, बल्कि दोनों के मेल में है। भौतिकी ने यह दिशा तय की कि किन सामग्रियों की तलाश की जाए; AI ने विशाल संभावित क्षेत्र में उपयुक्त उम्मीदवारों को छांटा; और सुपरकंप्यूटिंग ने डेटा प्रोसेसिंग तथा सत्यापन के लिए जरूरी गणना उपलब्ध कराई।
चीनी विज्ञान अकादमी के शिक्षाविद गोंग शिनगुओ ने यह भी कहा कि AI प्राकृतिक भाषा में समस्या परिभाषित करने और संबंधित “skills” का इस्तेमाल करने के जरिए सामग्री गणना, डिजाइन और संश्लेषण को कुछ विशेषज्ञों तक सीमित रहने से बाहर ला सकता है।1 यदि यह मॉडल परिपक्व होता है, तो सामग्री विज्ञान में प्रवेश का तरीका जटिल कंप्यूटिंग प्रक्रिया लिखने से बदलकर सही सवाल पूछने, उपकरणों को संयोजित करने और परिणामों की जांच करने पर केंद्रित हो सकता है।
गाओ वेन ने चीन की इस व्यापक दिशा की तुलना अमेरिकी ऊर्जा विभाग की 2026 में शुरू की गई Quantum Genesis पहल से की। अमेरिकी ऊर्जा विभाग के अनुसार, इस पहल का एक लक्ष्य वैज्ञानिक रूप से उपयोगी और fault-tolerant क्वांटम कंप्यूटर विकसित करना है। इसमें संघीय सरकार, राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं और उद्योग के प्रयासों के समन्वय पर जोर है।
शेनझेन सम्मेलन से मिला संदेश यह था कि चीन को भी इसी स्तर की प्रणालीगत कोशिश करनी होगी—सिर्फ किसी एक क्वांटम हार्डवेयर संकेतक में प्रतिस्पर्धा करके नहीं। हालांकि दोनों देशों की योजनाओं के लक्ष्य, संगठन और निवेश का दायरा पूरी तरह समान नहीं हैं। इसलिए तुलना रणनीतिक दिशा और अवसंरचना के संगठन तक सीमित रहनी चाहिए; इससे किसी एक पक्ष के व्यापक रूप से आगे निकल जाने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
सख्ती से कहें तो नहीं। उपलब्ध सामग्री के अनुसार, ‘量超智’ सम्मेलन का विषय और वहां शिक्षाविदों व विशेषज्ञों द्वारा रखे गए रणनीतिक आकलन तथा सुझाव हैं। यह सम्मेलन में जारी की गई औपचारिक राष्ट्रीय योजना नहीं है।1
2
3
फिर भी, इससे नीति-बहस की एक स्पष्ट दिशा सामने आती है:
इस सम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण संकेत यह नहीं है कि क्वांटम कंप्यूटिंग अब पूरी तरह व्यावहारिक हो गई है। असली संदेश यह है कि चीन की क्वांटम-तकनीक संबंधी प्रतिस्पर्धा की भाषा बदल रही है—“किसके पास सबसे शक्तिशाली क्वांटम डिवाइस है” से “कौन क्वांटम, AI, सुपरकंप्यूटिंग और वैज्ञानिक अवसंरचना को सबसे प्रभावी प्रणाली में संगठित कर सकता है” तक।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
3 से 5 अगस्त 2026 तक शेनझेन में हुए सम्मेलन में 2,400 से अधिक लोग और 200 से ज्यादा शिक्षाविद व विशेषज्ञ शामिल हुए। इसका मुख्य संदेश था कि क्वांटम कंप्यूटिंग, सुपरकंप्यूटिंग और AI को अलग अलग परियोजनाओं के बजाय एक सहयोग...
3 से 5 अगस्त 2026 तक शेनझेन में हुए सम्मेलन में 2,400 से अधिक लोग और 200 से ज्यादा शिक्षाविद व विशेषज्ञ शामिल हुए। इसका मुख्य संदेश था कि क्वांटम कंप्यूटिंग, सुपरकंप्यूटिंग और AI को अलग अलग परियोजनाओं के बजाय एक सहयोग... निकट भविष्य में इसका सबसे ठोस असर ‘AI for Science’ में दिख सकता है। सम्मेलन में प्रस्तुत एक प्रक्रिया ने 20 लाख से अधिक सामग्रियों के डेटाबेस से उच्च तापमान सुपरकंडक्टर के 31 उम्मीदवार खोजे, जिनमें 18 की पहले भविष्यवा...
AI को क्वांटम कंप्यूटिंग के व्यावहारिक उपयोग की राह में अहम उपकरण बताया गया—चिप कैलिब्रेशन, त्रुटि सुधार और डिकोडिंग, चिप डिजाइन, क्वांटम सर्किट कंपाइलेशन तथा मापन और नियंत्रण सहित कई चरणों में।
3 से 5 अगस्त 2026 तक शेनझेन में हुए सम्मेलन में 2,400 से अधिक लोग और 200 से ज्यादा शिक्षाविद व विशेषज्ञ शामिल हुए। इसका मुख्य संदेश था कि क्वांटम कंप्यूटिंग, सुपरकंप्यूटिंग और AI को अलग अलग परियोजनाओं के बजाय एक सहयोग... निकट भविष्य में इसका सबसे ठोस असर ‘AI for Science’ में दिख सकता है। सम्मेलन में प्रस्तुत एक प्रक...
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Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: What national blueprint for smart computing emerged from the 5th CCF Quantum Computing Conference and Greater Bay Area Quantum Science Forum. Article summary: The blueprint was a national “量超智” (“quantum–supercomputing–AI”) smart-computing strategy: build an integrated, energy-aware national computing infrastructure in which AI improves quantum hardware and software, supercomp. Topic tags: general, general web, government. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake n
3 से 5 अगस्त 2026 तक शेनझेन में आयोजित पांचवें CCF क्वांटम कंप्यूटिंग सम्मेलन और पांचवें ग्रेटर बे एरिया क्वांटम साइंस फोरम में 2,400 से अधिक प्रतिभागी पहुंचे। अकादमिक सत्रों में 200 से ज्यादा शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने क्वांटम कंप्यूटिंग, AI और इनके मेल से बनने वाली नई कंप्यूटिंग तकनीकों पर चर्चा की।2
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सम्मेलन का विषय था—“量与智相融合,量超智共融算”, यानी क्वांटम और बुद्धिमत्ता का मेल तथा क्वांटम, सुपरकंप्यूटिंग और AI का साझा उपयोग। इससे जो संकेत मिला, वह किसी एक नई क्वांटम मशीन की घोषणा से बड़ा है: चीन क्वांटम कंप्यूटिंग, सुपरकंप्यूटर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता को एक ही स्मार्ट-कंप्यूटिंग ढांचे की परस्पर पूरक परतों के रूप में देख रहा है।
‘量超智’ को सरल शब्दों में क्वांटम कंप्यूटिंग, सुपरकंप्यूटिंग और AI के समन्वित विकास के रूप में समझा जा सकता है। इसका जोर केवल क्वांटम चिप बनाने पर नहीं, बल्कि तीनों क्षमताओं को एक-दूसरे की कमियां पूरी करने योग्य बनाने पर है:
इसलिए ‘量超智’ किसी एक क्वांटम परियोजना से अधिक व्यापक, कंप्यूटिंग अवसंरचना का खाका है। सम्मेलन में बुनियादी शोध, प्रमुख तकनीक, उद्योग में उपयोग, मानक निर्माण और सरकार-उद्योग-पूंजी सहयोग पर भी चर्चा हुई। तीन दिनों में लगभग 30 कार्यक्रम आयोजित किए गए।2
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चीनी विज्ञान अकादमी के शिक्षाविद श्यांग ताओ ने बताया कि मौजूदा भौतिक क्वांटम बिट्स की त्रुटि दर लगभग 1% है। क्रिप्टोग्राफिक कोड तोड़ने जैसे अनुप्रयोगों के लिए आवश्यक त्रुटि दर इससे करीब आठ orders of magnitude कम होनी चाहिए। उनके अनुसार, इस बड़े अंतर को पाटने में AI महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।1
सम्मेलन में AI के संभावित उपयोगों को कई स्तरों पर रेखांकित किया गया:
इसका मतलब है कि AI क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए केवल बाहरी एप्लिकेशन लेयर नहीं होगा। वह क्वांटम चिप, सॉफ्टवेयर और प्रयोगशाला नियंत्रण-प्रणाली का बुनियादी उपकरण भी बन सकता है—ऐसा उपकरण जो शोधकर्ताओं को समस्याएं जल्दी पहचानने, सिस्टम समायोजित करने और एल्गोरिदम को तेजी से दोहराने में मदद करे।
चीनी विज्ञान अकादमी के शिक्षाविद श्ये छी-कुन ने कहा कि AI, सुपरकंप्यूटिंग और क्वांटम कंप्यूटिंग का गहरा मेल क्वांटम सामग्रियों के शोध और क्वांटम एल्गोरिदम के विकास को बदल रहा है।1 इससे चर्चा का दायरा एक मशीन से बढ़कर राष्ट्रीय कंप्यूटिंग तंत्र तक पहुंच जाता है।
क्वांटम उपकरणों को क्लासिकल कंप्यूटिंग की सहायता चाहिए, AI को डेटा प्रोसेसिंग और सिमुलेशन के लिए उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग चाहिए, और वैज्ञानिक खोजों के लिए अलग-अलग प्रकार के कंप्यूटिंग संसाधनों को एक साथ इस्तेमाल करना पड़ता है।
चीनी इंजीनियरिंग अकादमी के शिक्षाविद गाओ वेन ने पेंगचेंग प्रयोगशाला के नेतृत्व में ऐसी आधारभूत संरचना का प्रस्ताव रखा, जिसमें 10G-स्तरीय कंप्यूटिंग, 10P-स्तरीय नेटवर्क और 10GW-स्तरीय स्वच्छ ऊर्जा का समन्वय हो। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं को एकीकृत संसाधन उपलब्ध कराना है।1
यह केवल हार्डवेयर बढ़ाने का विचार नहीं है। इसमें कंप्यूटिंग शक्ति, नेटवर्क और ऊर्जा की योजना एक साथ बनाने पर जोर है। यही ‘量超智’ का रणनीतिक पक्ष है: प्रतिस्पर्धा केवल इस बात पर नहीं होगी कि किसके पास अधिक शक्तिशाली क्वांटम डिवाइस है, बल्कि इस पर भी कि कौन कंप्यूटिंग, डेटा, ऊर्जा, प्रतिभा और वास्तविक उपयोग के अवसरों की पूरी प्रणाली को लगातार चला सकता है।
चीनी इंजीनियरिंग अकादमी के शिक्षाविद झेंग वेइमिन ने आधुनिक अग्रणी सुपरकंप्यूटरों को विज्ञान के लिए “विशाल AI कंप्यूटर” के रूप में देखा। उनके अनुसार, क्वांटम कंप्यूटिंग इस व्यवस्था में भविष्य की अगली परत बन सकती है।1
यह दृष्टिकोण एक व्यावहारिक समय-क्रम भी सुझाता है। क्वांटम कंप्यूटिंग की दीर्घकालिक क्षमता बड़ी है, लेकिन सुपरकंप्यूटिंग और AI for Science आज ही सामग्री खोज, प्रोटीन संरचना पूर्वानुमान और अन्य वैज्ञानिक कार्यों में उपयोगी हैं।1
इस मॉडल में शोध संस्थान पहले से उपलब्ध क्लासिकल उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग और मशीन लर्निंग अवसंरचना का इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे-जैसे क्वांटम सिस्टम अधिक विश्वसनीय और बड़े होते जाएंगे, उपयुक्त समस्याओं को उसकी ओर स्थानांतरित किया जा सकेगा। इससे वैज्ञानिक अनुप्रयोगों के लिए “पहले सार्वभौमिक क्वांटम कंप्यूटर का इंतजार” करने की जरूरत घटती है।
सम्मेलन में प्रस्तुत एक सामग्री-खोज प्रक्रिया ने क्वांटम many-body theory में मौजूद “σ-bond metallization” सिद्धांत को AI स्क्रीनिंग के साथ जोड़ा। 20 लाख से अधिक सामग्रियों वाले डेटाबेस से इस प्रक्रिया ने उच्च-तापमान सुपरकंडक्टर के 31 उम्मीदवार खोजे, जिनमें 18 की पहले भविष्यवाणी नहीं की गई थी।1
इस उदाहरण का महत्व AI द्वारा भौतिकी को बदल देने में नहीं, बल्कि दोनों के मेल में है। भौतिकी ने यह दिशा तय की कि किन सामग्रियों की तलाश की जाए; AI ने विशाल संभावित क्षेत्र में उपयुक्त उम्मीदवारों को छांटा; और सुपरकंप्यूटिंग ने डेटा प्रोसेसिंग तथा सत्यापन के लिए जरूरी गणना उपलब्ध कराई।
चीनी विज्ञान अकादमी के शिक्षाविद गोंग शिनगुओ ने यह भी कहा कि AI प्राकृतिक भाषा में समस्या परिभाषित करने और संबंधित “skills” का इस्तेमाल करने के जरिए सामग्री गणना, डिजाइन और संश्लेषण को कुछ विशेषज्ञों तक सीमित रहने से बाहर ला सकता है।1 यदि यह मॉडल परिपक्व होता है, तो सामग्री विज्ञान में प्रवेश का तरीका जटिल कंप्यूटिंग प्रक्रिया लिखने से बदलकर सही सवाल पूछने, उपकरणों को संयोजित करने और परिणामों की जांच करने पर केंद्रित हो सकता है।
गाओ वेन ने चीन की इस व्यापक दिशा की तुलना अमेरिकी ऊर्जा विभाग की 2026 में शुरू की गई Quantum Genesis पहल से की। अमेरिकी ऊर्जा विभाग के अनुसार, इस पहल का एक लक्ष्य वैज्ञानिक रूप से उपयोगी और fault-tolerant क्वांटम कंप्यूटर विकसित करना है। इसमें संघीय सरकार, राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं और उद्योग के प्रयासों के समन्वय पर जोर है।
शेनझेन सम्मेलन से मिला संदेश यह था कि चीन को भी इसी स्तर की प्रणालीगत कोशिश करनी होगी—सिर्फ किसी एक क्वांटम हार्डवेयर संकेतक में प्रतिस्पर्धा करके नहीं। हालांकि दोनों देशों की योजनाओं के लक्ष्य, संगठन और निवेश का दायरा पूरी तरह समान नहीं हैं। इसलिए तुलना रणनीतिक दिशा और अवसंरचना के संगठन तक सीमित रहनी चाहिए; इससे किसी एक पक्ष के व्यापक रूप से आगे निकल जाने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
सख्ती से कहें तो नहीं। उपलब्ध सामग्री के अनुसार, ‘量超智’ सम्मेलन का विषय और वहां शिक्षाविदों व विशेषज्ञों द्वारा रखे गए रणनीतिक आकलन तथा सुझाव हैं। यह सम्मेलन में जारी की गई औपचारिक राष्ट्रीय योजना नहीं है।1
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फिर भी, इससे नीति-बहस की एक स्पष्ट दिशा सामने आती है:
इस सम्मेलन का सबसे महत्वपूर्ण संकेत यह नहीं है कि क्वांटम कंप्यूटिंग अब पूरी तरह व्यावहारिक हो गई है। असली संदेश यह है कि चीन की क्वांटम-तकनीक संबंधी प्रतिस्पर्धा की भाषा बदल रही है—“किसके पास सबसे शक्तिशाली क्वांटम डिवाइस है” से “कौन क्वांटम, AI, सुपरकंप्यूटिंग और वैज्ञानिक अवसंरचना को सबसे प्रभावी प्रणाली में संगठित कर सकता है” तक।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
3 से 5 अगस्त 2026 तक शेनझेन में हुए सम्मेलन में 2,400 से अधिक लोग और 200 से ज्यादा शिक्षाविद व विशेषज्ञ शामिल हुए। इसका मुख्य संदेश था कि क्वांटम कंप्यूटिंग, सुपरकंप्यूटिंग और AI को अलग अलग परियोजनाओं के बजाय एक सहयोग...
3 से 5 अगस्त 2026 तक शेनझेन में हुए सम्मेलन में 2,400 से अधिक लोग और 200 से ज्यादा शिक्षाविद व विशेषज्ञ शामिल हुए। इसका मुख्य संदेश था कि क्वांटम कंप्यूटिंग, सुपरकंप्यूटिंग और AI को अलग अलग परियोजनाओं के बजाय एक सहयोग... निकट भविष्य में इसका सबसे ठोस असर ‘AI for Science’ में दिख सकता है। सम्मेलन में प्रस्तुत एक प्रक्रिया ने 20 लाख से अधिक सामग्रियों के डेटाबेस से उच्च तापमान सुपरकंडक्टर के 31 उम्मीदवार खोजे, जिनमें 18 की पहले भविष्यवा...
AI को क्वांटम कंप्यूटिंग के व्यावहारिक उपयोग की राह में अहम उपकरण बताया गया—चिप कैलिब्रेशन, त्रुटि सुधार और डिकोडिंग, चिप डिजाइन, क्वांटम सर्किट कंपाइलेशन तथा मापन और नियंत्रण सहित कई चरणों में।