इस नेटवर्क ने जून 2021 में ओकिनावा के नाहा शहर में फ़िरस्की के.के. (FIRSKY株式会社) नाम की कंपनी रजिस्टर की और 2022 में इसका मुख्यालय नागोया ले जाया गया । इस कंपनी को चीनी नागरिक ज़िया फेंगज़ी (Xia Fengzhi) नियंत्रित करता था, जो अमरवेल बायोटेक से भी जुड़ा था । यह कंपनी पूरे ऑपरेशन का हब थी, जिसे 'जापान बॉस' नाम का एक व्यक्ति चलाता था । बेलिंगकैट (Bellingcat) जैसी खोजी एजेंसियों ने पुष्टि की है कि "फ़िरस्की और अमरवेल मूलतः एक ही संगठन हैं" ।
इस गिरोह ने जापानी .jp डोमेन का इस्तेमाल करके एक नकली क्रिप्टो टोकन 'Zksync.jp' बनाया, जो असली ZKsync प्रोजेक्ट की नकल था । यह टोकन दुनिया भर के निवेशकों को ठगने के लिए बनाया गया था, और इससे 10 करोड़ येन (1 मिलियन डॉलर से अधिक) की ठगी हुई । एक हांगकांग में रहने वाले चीनी नागरिक ने इस घोटाले के लिए .jp डोमेन रजिस्टर किए थे ।
ब्लॉकचेन विश्लेषण से पता चला कि इस नेटवर्क और अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रही कंपनी वुहान युआनचेंग गोंगचुआंग टेक्नोलॉजी (Wuhan Yuancheng Gongchuang Technology) के बीच 120 से अधिक लेन-देन हुए । इस तरह, क्रिप्टो घोटाले के पैसे ड्रग तस्करी और प्रतिबंधों से जुड़ी इस कंपनी के ज़रिए लॉन्डर किए गए ।
यह मामला दिखाता है कि जापान कमांड सेंटर बना: नागोया सिर्फ केमिकल ट्रांज़िट का नहीं, बल्कि फाइनेंशियल और डिजिटल फ्रॉड का मुख्यालय था । जापान के सिस्टम का दुरुपयोग: .jp डोमेन रजिस्ट्रेशन के नियमों को दरकिनार कर घोटाले को वैधता दी गई । दोहरा उपयोग: एक ही संगठन ने ड्रग तस्करी और क्रिप्टो अपराध दोनों किए । अमेरिका-चीन संघर्ष: इस मामले में जापान की कॉरपोरेट और डोमेन व्यवस्थाओं का इस्तेमाल हुआ, जिससे जापान अमेरिका-चीन के बीच फंस गया ।
अहम बात: घोटाले की सही रकम और हांगकांग के डोमेन रजिस्ट्रेंट की पहचान सेकेंडरी रिपोर्ट्स पर आधारित है। अमरवेल और इस क्रिप्टो घोटाले के बीच सीधा लिंक ब्लॉकचेन रिकॉर्ड और कॉरपोरेट संरचना से मज़बूती से साबित होता है ।
इस नेटवर्क ने जून 2021 में ओकिनावा के नाहा शहर में फ़िरस्की के.के. (FIRSKY株式会社) नाम की कंपनी रजिस्टर की और 2022 में इसका मुख्यालय नागोया ले जाया गया । इस कंपनी को चीनी नागरिक ज़िया फेंगज़ी (Xia Fengzhi) नियंत्रित करता था, जो अमरवेल बायोटेक से भी जुड़ा था । यह कंपनी पूरे ऑपरेशन का हब थी, जिसे 'जापान बॉस' नाम का एक व्यक्ति चलाता था । बेलिंगकैट (Bellingcat) जैसी खोजी एजेंसियों ने पुष्टि की है कि "फ़िरस्की और अमरवेल मूलतः एक ही संगठन हैं" ।
इस गिरोह ने जापानी .jp डोमेन का इस्तेमाल करके एक नकली क्रिप्टो टोकन 'Zksync.jp' बनाया, जो असली ZKsync प्रोजेक्ट की नकल था । यह टोकन दुनिया भर के निवेशकों को ठगने के लिए बनाया गया था, और इससे 10 करोड़ येन (1 मिलियन डॉलर से अधिक) की ठगी हुई । एक हांगकांग में रहने वाले चीनी नागरिक ने इस घोटाले के लिए .jp डोमेन रजिस्टर किए थे ।
ब्लॉकचेन विश्लेषण से पता चला कि इस नेटवर्क और अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रही कंपनी वुहान युआनचेंग गोंगचुआंग टेक्नोलॉजी (Wuhan Yuancheng Gongchuang Technology) के बीच 120 से अधिक लेन-देन हुए । इस तरह, क्रिप्टो घोटाले के पैसे ड्रग तस्करी और प्रतिबंधों से जुड़ी इस कंपनी के ज़रिए लॉन्डर किए गए ।
यह मामला दिखाता है कि जापान कमांड सेंटर बना: नागोया सिर्फ केमिकल ट्रांज़िट का नहीं, बल्कि फाइनेंशियल और डिजिटल फ्रॉड का मुख्यालय था । जापान के सिस्टम का दुरुपयोग: .jp डोमेन रजिस्ट्रेशन के नियमों को दरकिनार कर घोटाले को वैधता दी गई । दोहरा उपयोग: एक ही संगठन ने ड्रग तस्करी और क्रिप्टो अपराध दोनों किए । अमेरिका-चीन संघर्ष: इस मामले में जापान की कॉरपोरेट और डोमेन व्यवस्थाओं का इस्तेमाल हुआ, जिससे जापान अमेरिका-चीन के बीच फंस गया ।
अहम बात: घोटाले की सही रकम और हांगकांग के डोमेन रजिस्ट्रेंट की पहचान सेकेंडरी रिपोर्ट्स पर आधारित है। अमरवेल और इस क्रिप्टो घोटाले के बीच सीधा लिंक ब्लॉकचेन रिकॉर्ड और कॉरपोरेट संरचना से मज़बूती से साबित होता है ।