शब्द-प्रसंस्करण के लिए visual world paradigm इस्तेमाल हुआ। इसमें शोधकर्ताओं ने लक्ष्य-चित्र की ओर बच्चों की नज़र के अनुपात में बदलाव की गति को संकेतक बनाया—अर्थात कार्य के दौरान बच्चा लक्ष्य से कितनी कुशलता से जुड़ता है।
सबसे महत्वपूर्ण परिणाम यह था कि regression analysis में शब्द-प्रसंस्करण ने भाषा इनपुट के शब्दावली आकार पर प्रभाव को सीमित नहीं किया। साधारण भाषा में कहें, अध्ययन ने इस मजबूत दावे को समर्थन नहीं दिया कि भाषा इनपुट तभी शब्दावली में बदलता है जब बच्चा शब्दों को बहुत दक्षता से प्रोसेस करता हो।
अध्ययन ने यह भी पाया कि इनपुट और प्रोसेसिंग, ग्रहणशील शब्दावली-वृद्धि यानी बच्चा कितने शब्द समझता है, के लिए अभिव्यक्त शब्दावली-वृद्धि यानी बच्चा कितने शब्द बोलता या इस्तेमाल करता है, की तुलना में अधिक भरोसेमंद भविष्यवक्ता थे।
यह नतीजा पहले के शोध को खारिज नहीं करता। उपलब्ध पृष्ठभूमि बताती है कि शुरुआती भाषा इनपुट की मात्रा और स्वरूप बच्चों के बाद के भाषा-परिणामों, शब्दावली आकार और लेक्सिकल प्रोसेसिंग गति तक, का अनुमान लगा सकते हैं। एक prospective longitudinal अध्ययन में 18 महीने की उम्र पर परिचित शब्द पहचानने की ऑनलाइन दक्षता, 18 से 30 महीने के बीच शब्दावली वृद्धि से मजबूत रूप से जुड़ी मिली थी।
विकासात्मक दृष्टि से भी यह विचार समझ में आता है: 15 से 18 महीने के बीच lexical processing efficiency में तेज सुधार बताया गया है, और उसी समय तथा कुछ महीनों बाद की शब्दावली से उसका संबंध पाया गया है। इसलिए शोधकर्ताओं का भाषा इनपुट और शब्द-प्रसंस्करण को एक ही मॉडल में रखना स्वाभाविक था।
लेकिन सहसंबंध को कारण मान लेना जल्दबाज़ी होगी। अन्य longitudinal विश्लेषणों ने lexical processing efficiency से शब्दावली वृद्धि पर स्पष्ट कारणात्मक प्रभाव के लिए बहुत कम प्रमाण पाया, जबकि शुरुआती विकास में शब्दावली आकार का शब्द-प्रसंस्करण दक्षता पर असर दिखा। इसी वजह से यह साहित्य एक अधिक सावधान निष्कर्ष की ओर ले जाता है: प्रोसेसिंग और शब्दावली साथ-साथ चलते दिख सकते हैं, पर यह जरूरी नहीं कि प्रोसेसिंग ही शब्दावली वृद्धि का प्रमुख कारण हो।
इस लेख की खासियत यह है कि इसने दो अलग स्रोतों के माप साथ रखे: प्राकृतिक परिवेश की LENA रिकॉर्डिंग से भाषा इनपुट, और visual world paradigm से वास्तविक समय में शब्द-प्रसंस्करण। इसलिए यह सिर्फ यह नहीं पूछता कि बच्चे ने कितने शब्द सीखे; यह भी पूछता है कि इनपुट और तत्काल शब्द-पहचान की दक्षता एक-दूसरे के साथ मिलकर भविष्य की शब्दावली को कैसे समझा सकती हैं।
दूसरी ताकत उसका प्रश्न है। यह केवल सहसंबंध नहीं देखता; यह एक mechanism model की परीक्षा करता है—क्या शब्द-प्रसंस्करण इनपुट और शब्दावली के बीच की कड़ी को बदलता है? उपलब्ध परिणामों में इस सीमितकारी भूमिका को समर्थन नहीं मिला।
इस विश्लेषण की सीमा यह है कि यहाँ निष्कर्ष उपलब्ध सारांशों और दिए गए अंशों पर आधारित हैं। पूर्ण लेख के बिना sample characteristics, effect sizes, control variables, model fit और predictors की सापेक्ष शक्ति का पूरा मूल्यांकन नहीं किया जा सकता। अपर्याप्त प्रमाण।
यह भी ध्यान रखने की बात है कि पृष्ठभूमि में जिस शोध-संदर्भ का उल्लेख है, वह मुख्यतः उत्तरी अमेरिका के बच्चों के भाषा-परिवेश से जुड़ा है। इसलिए मौजूदा सामग्री से यह तय नहीं किया जा सकता कि निष्कर्ष अन्य भाषाओं, बहुभाषी परिवारों या अलग सांस्कृतिक संवाद-शैलियों पर किस हद तक लागू होंगे।
अंत में, इस अध्ययन में भाषा इनपुट का मुख्य माप वयस्क शब्द-गिनती था, जबकि व्यापक साहित्य मात्रा और गुणवत्ता दोनों की बात करता है। इसलिए इस शोध से भाषा-गुणवत्ता के हर पहलू पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
सबसे सुरक्षित पढ़ाई यह है: भाषा इनपुट और शब्द-प्रसंस्करण दोनों शब्दावली विकास से जुड़े कारक हैं, लेकिन वर्तमान अध्ययन शब्द-प्रसंस्करण को भाषा इनपुट के असर की अनिवार्य शर्त नहीं मानता। पूर्व साहित्य में processing efficiency और vocabulary growth के बीच संबंध पर्याप्त रूप से दिखता है।
फिर भी मजबूत कारणात्मक दावा—कि इनपुट का असर मुख्यतः या जरूरी तौर पर शब्द-प्रसंस्करण दक्षता के माध्यम से ही आता है—के लिए उपलब्ध प्रमाण कमजोर हैं।
अर्थात, बच्चे का भाषा-संसार और बच्चे की शब्द-पहचान की दक्षता दोनों पर ध्यान देना चाहिए; पर अभी इनके बीच कारणात्मक क्रम और असर की सटीक दिशा को लेकर सावधानी जरूरी है।
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