भाषा इनपुट से आशय उस भाषा से है जो बच्चा रोजमर्रा में सुनता है—खासकर माता-पिता या अन्य देखभालकर्ताओं से। शोध का मूल संकेत है कि शुरुआती इनपुट की मात्रा और गुणवत्ता बाद के भाषा-विकास से जुड़ती है।
इसे मापने के लिए कई अध्ययनों में LENA प्रणाली का इस्तेमाल हुआ है। उदाहरण के लिए, Mahr और Edwards (2018) ने 2 साल 4 महीने से 3 साल 3 महीने के बच्चों की दिनभर की रिकॉर्डिंग में LENA एल्गोरिद्म से प्रति घंटे वयस्क शब्दों की अनुमानित संख्या निकाली। LENA ने पास और स्पष्ट वयस्क-भाषण को meaningful speech की तरह गिना, लेकिन एल्गोरिद्म यह हमेशा अलग नहीं कर सकता था कि बोली सीधे बच्चे से थी या वयस्कों के बीच की बातचीत थी।
शब्द-संसाधन या lexical processing का सरल अर्थ है: बच्चा सुना हुआ परिचित शब्द कितनी जल्दी और कितनी सही तरह पहचानता है। शोध में इसे अक्सर ऐसी विधियों से मापा गया है जिनमें देखा जाता है कि शब्द सुनते ही बच्चे की नजर लक्ष्य-वस्तु या सही चित्र की ओर कितनी जल्दी जाती है।
एक अनुदैर्ध्य अध्ययन में 15 से 25 महीने के बच्चों में परिचित शब्दों की पहचान की प्रतिक्रिया-गति और सटीकता दोनों में व्यवस्थित सुधार पाया गया। एक दूसरे अध्ययन में 18 महीने पर शब्द पहचानने की दक्षता ने 18 से 30 महीने के बीच शब्दावली-वृद्धि का मजबूत पूर्वानुमान दिया।
अगर बच्चा ज्यादा भाषा सुनता है, तो उसे सीखने के अधिक अवसर मिल सकते हैं; लेकिन बच्चा उन शब्दों को कितनी कुशलता से पहचानता और संसाधित करता है, यह भी मायने रख सकता है। यही वजह है कि हालिया शोध भाषा इनपुट और lexical processing को साथ रखकर देखता है।
एक अध्ययन ने 28 से 39 महीने के 109 पूर्व-प्राथमिक बच्चों में LENA रिकॉर्डिंग से वयस्क शब्द-गिनती और visual world paradigm से lexical processing को मापा, ताकि यह देखा जा सके कि ये कारक एक साल बाद की शब्दावली के आकार का कितना पूर्वानुमान देते हैं।
इन अध्ययनों का सबसे उपयोगी संदेश यह है कि बच्चों की शब्दावली को केवल सुने गए शब्दों की संख्या से नहीं समझा जा सकता। रोजमर्रा का भाषा वातावरण, LENA जैसे उपकरणों से मापे गए वयस्क शब्द-इनपुट, और बच्चे की तेज-सटीक शब्द पहचान—इन सभी को साथ देखकर भाषा-विकास की बेहतर तस्वीर मिलती है।
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