पुतिन ने बैठक में कहा कि जब विरोधी पक्ष युद्ध के मैदान में रूस को ‘रणनीतिक झटका’ नहीं दे पाया, तो वह व्यक्तिगत और सामूहिक आतंकवादी तरीकों की ओर मुड़ा है—जैसे शहरों पर गोलाबारी, बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाना और सरकारी व सैन्य अधिकारियों की हत्या करना।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल रूस में आतंकवाद से जुड़े अपराधों की संख्या बढ़ी और इनमें से ‘ज्यादातर’ के पीछे यूक्रेनी विशेष सेवाओं और उनके विदेशी संरक्षकों का हाथ था। इस आरोप को रूसी पक्ष का दावा मानकर पढ़ना चाहिए, क्योंकि उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों में ऐसे सभी मामलों की स्वतंत्र और पूरी जांच-श्रृंखला सामने नहीं रखी गई है।
रूसी बयान का दूसरा बड़ा आधार ड्रोन और मिसाइल खतरा है। पुतिन ने कहा कि रूसी बुनियादी ढांचे, सामाजिक और प्रशासनिक संस्थानों तथा आवासीय इलाकों को निशाना बनाकर मिसाइलों और ड्रोन से हमलों की संख्या काफी बढ़ी है।
इसी संदर्भ में रूस ऊर्जा संयंत्रों, परिवहन नेटवर्क, सार्वजनिक स्थानों, सीमावर्ती इलाकों और सुरक्षा एजेंसियों की प्रबंधन-व्यवस्था को एक साथ सुरक्षा एजेंडे में रख रहा है।
इस सुरक्षा माहौल को और गंभीर दिखाने वाला एक दावा पुतिन के कथित राष्ट्रपति आवास पर ड्रोन हमले से जुड़ा है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने 31 दिसंबर 2025 को कहा कि 28 दिसंबर की शाम यूक्रेन की 91 ड्रोन इकाइयों ने रूस के उत्तर-पश्चिमी नोवगोरोद क्षेत्र में स्थित पुतिन के आवास को कई दिशाओं से निशाना बनाया।
लेकिन यह दावा सभी पक्षों ने स्वीकार नहीं किया। उसी रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन और यूरोपीय पक्ष ने रूस की बात को ‘झूठा’ या ‘बिना सबूत’ बताया, जबकि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इसे ‘पूरी तरह गढ़ी हुई बात’ कहा।
इसलिए राष्ट्रपति आवास पर कथित हमले को रूस की सुरक्षा-कथा का हिस्सा तो माना जा सकता है, लेकिन उसे स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य की तरह पढ़ना अभी जल्दबाजी होगी।
क्रेमलिन पहले भी पुतिन की सुरक्षा को लेकर सार्वजनिक बयान दे चुका है। जुलाई 2024 में, जब पत्रकारों ने स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमले की कोशिशों का हवाला देकर पूछा कि क्या रूस पुतिन की सुरक्षा बढ़ाएगा, तो क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा था कि पुतिन की सुरक्षा के लिए ‘सभी जरूरी कदम’ पहले ही उठाए जा चुके हैं।
पेस्कोव ने यह भी कहा था कि अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ने के माहौल में राष्ट्राध्यक्ष को उचित स्तर की सुरक्षा मिलनी चाहिए। इसका अर्थ यह है कि नई बैठक को किसी शून्य से शुरू हुई अचानक कार्रवाई की तरह नहीं, बल्कि पहले से मौजूद उच्च-सुरक्षा व्यवस्था के विस्तार और संस्थागत रूप देने की कोशिश की तरह पढ़ना ज्यादा सावधान निष्कर्ष होगा।
उपलब्ध सार्वजनिक सामग्री के आधार पर यह मजबूत निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि क्रेमलिन के पास पुतिन के खिलाफ किसी निकट भविष्य में होने वाली, स्वतंत्र रूप से प्रमाणित हत्या-योजना की जानकारी है। अभी पक्का इतना है कि रूसी नेतृत्व सुरक्षा बढ़ाने को ड्रोन हमलों, तोड़फोड़, अधिकारियों पर खतरे और ‘आतंकवाद’ की भाषा से जोड़ रहा है।
साथ ही, जिन खास घटनाओं का हवाला दिया जा रहा है—खासकर राष्ट्रपति आवास पर कथित ड्रोन हमला—उन पर यूक्रेन और यूरोपीय पक्ष ने खुलकर सवाल उठाए हैं।
इस पूरे मामले को तीन परतों में समझना बेहतर है। पहली, पुतिन ने सचमुच सुरक्षा कवरेज बढ़ाने का निर्देश दिया है—और यह दायरा रक्षा, सैन्य-औद्योगिक तंत्र, स्थानीय प्रशासन तथा बुनियादी ढांचे तक जाता है।
तीसरी, रूस जिन कुछ विशिष्ट घटनाओं को सबूत की तरह पेश कर रहा है, वे सभी निर्विवाद नहीं हैं; राष्ट्रपति आवास पर हमले के दावे को यूक्रेन और यूरोपीय पक्ष ने खारिज या संदिग्ध बताया है।
इसलिए सबसे सुरक्षित निष्कर्ष यही है: रूस सुरक्षा दायरा बढ़ा रहा है और इसे ‘आतंकवाद’ तथा बाहरी खतरे की भाषा में समझा रहा है। नीति-निर्देशों का आधार सार्वजनिक रिपोर्टों में मौजूद है, लेकिन हर विशिष्ट खतरे—विशेषकर सीधे पुतिन को निशाना बनाने वाले दावों—को अभी पारदर्शी, स्वतंत्र सार्वजनिक पुष्टि नहीं मिली है।
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