यहाँ सबसे जरूरी सावधानी यह है कि यह रकम किसी एक समय की होल्डिंग वैल्यू थी, पूरी तरह जेब में आ चुका मुनाफा नहीं। उसी स्रोत के मुताबिक, तेज उतार-चढ़ाव के बाद 29 जनवरी तक उनकी पोज़िशन वैल्यू घटकर करीब 33 मिलियन डॉलर रह गई थी।
इसलिए Roaring Kitty की कहानी कोई स्थिर, धीरे-धीरे बढ़ती कंपाउंडिंग वाली निवेश कहानी नहीं है। यह एक ऐसे शुरुआती और बाजार की आम राय के खिलाफ दांव की कहानी है, जिसे बाद में असामान्य बाजार संरचना ने बहुत तेजी से री-रेट कर दिया।
Gill YouTube पर Roaring Kitty और Reddit पर DFV नाम से जाने गए। TheStreet की टाइमलाइन के अनुसार, उन्होंने जुलाई 2020 से वीडियो पोस्ट करने शुरू किए, जिनमें वे बताते थे कि वे 2019 के मध्य से GameStop में पोज़िशन रखे हुए हैं और उन्हें लगता है कि कंपनी अंडरवैल्यूड है तथा उस पर जरूरत से ज्यादा शॉर्टिंग हो रही है। वे यही बात Reddit के r/WallStreetBets फोरम पर भी रखते थे।
इसका मतलब है कि Gill की शुरुआती सोच बाद में दिखी मीम-स्टॉक उन्माद से अलग थी। वह ज्यादा करीब थी ‘डीप वैल्यू’ निवेश के—यानी ऐसी कंपनी में छिपी वैल्यू खोजने की कोशिश, जिसे बाजार नजरअंदाज कर रहा हो। Monmouth के केस अध्ययन में भी Gill को ऐसे निवेशक के रूप में बताया गया है जो कंपनी के कम दिखाई देने वाले, लेकिन संभावित रूप से महत्वपूर्ण मूल्य पर ध्यान देता था।
GameStop को पहले देखने वाले वे अकेले नहीं थे। TradingSim की समीक्षा के मुताबिक, Michael Burry ने भी 2019 में GameStop में हिस्सेदारी ली थी क्योंकि उन्हें यह शेयर अंडरवैल्यूड लगा; हालांकि बड़े शॉर्ट स्क्वीज़ से पहले ही Burry ने अपनी पोज़िशन बेच दी थी। Gill की खास बात सिर्फ GameStop पर बुलिश होना नहीं थी, बल्कि जल्दी पोज़िशन बनाना, लंबे समय तक टिके रहना और YouTube तथा Reddit पर अपने निवेश तर्क को लगातार सार्वजनिक करते रहना था।
GameStop की चाल समझने के लिए शॉर्ट सेलिंग का ढांचा समझना जरूरी है। शॉर्ट सेलिंग में निवेशक शेयर उधार लेकर बेचता है और उम्मीद करता है कि बाद में वही शेयर कम कीमत पर खरीदकर वापस कर देगा; मुनाफा कीमतों के अंतर से आता है।
मुश्किल तब आती है जब शेयर उल्टा ऊपर जाने लगे। ऐसे में शॉर्ट सेलरों को नुकसान सीमित करने या पोज़िशन बंद करने के लिए शेयर वापस खरीदने पड़ते हैं। जनवरी 2021 में GameStop का शॉर्ट इंटरेस्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध फ्लोट के 140% से भी ऊपर बताया गया था; जब कीमत चढ़ी, तो शॉर्ट कवरिंग ने और खरीद पैदा की और कीमत को और ऊपर धकेला—यही क्लासिक शॉर्ट स्क्वीज़ था।
यही वजह थी कि GameStop की तेजी सिर्फ सामान्य खरीदारी से नहीं चली। कीमत बढ़ी तो शॉर्ट सेलरों पर दबाव बढ़ा; उन्होंने खरीदकर पोज़िशन बंद करनी शुरू की; उस खरीद ने कीमत को और ऊपर किया; और बढ़ती कीमत ने फिर नया दबाव बनाया।
इसका असर कुछ बड़े पेशेवर निवेशकों पर भी पड़ा। GameStop को भारी मात्रा में शॉर्ट करने वाले Melvin Capital को जनवरी 2021 के अंत तक करीब 53% का नुकसान हुआ; इसके बाद Citadel और उसके साझेदारों तथा Point72 ने मिलकर Melvin में कुल 2.75 अरब डॉलर की सहायता डाली।
Gill की GameStop पोज़िशन सिर्फ शेयरों में नहीं थी; उसमें कॉल ऑप्शंस भी थे। यह फर्क महत्वपूर्ण है। शेयर सीधे-सीधे कीमत बढ़ने से फायदा देते हैं, जबकि कॉल ऑप्शंस शेयर में बड़ी तेजी आने पर पोज़िशन की संवेदनशीलता और संभावित रिटर्न को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
लेकिन ऑप्शंस कोई मुफ्त का लीवरेज नहीं होते। वे समय और दिशा, दोनों के जोखिम को बढ़ाते हैं। अगर शेयर सही समय में पर्याप्त ऊपर न जाए, तो ऑप्शन की वैल्यू तेजी से घट सकती है। Gill को बड़ा पेपर गेन इसलिए नहीं मिला कि उन्होंने सिर्फ दिशा सही पकड़ी; वे उस विस्फोटक तेजी से पहले ऐसी पोज़िशन पकड़े हुए थे जिसमें शेयरों के साथ ज्यादा संवेदनशील कॉल ऑप्शंस भी शामिल थे।
जनवरी 2021 में GameStop के लिए कई ट्रिगर साथ आए। TheStreet की टाइमलाइन के अनुसार, 11 जनवरी 2021 को Ryan Cohen GameStop के बोर्ड में शामिल हुए; इसके बाद GameStop पर चर्चा r/WallStreetBets में और फैलती रही। एक अन्य स्रोत के अनुसार, जनवरी 2021 में GameStop की जबरदस्त तेजी r/WallStreetBets पर खुदरा निवेशकों की भारी खरीदारी से भी जुड़ी थी।
यहाँ Gill और बाद में आए बहुत से ट्रेडरों की मंशा में फर्क समझना जरूरी है। Vernimmen के शोध-सामग्री के अनुसार, Gill का तर्क कंपनी की बुनियादी वैल्यू पर ज्यादा आधारित था; जबकि बाद के कई रिटेल निवेशक बड़े हेज फंडों के खिलाफ शॉर्ट स्क्वीज़ बनाकर पैसा कमाने की कोशिश में थे।
दूसरे शब्दों में, Gill ने एक फैलने लायक निवेश कथा दी। Reddit समुदाय की खरीदारी, शॉर्ट कवरिंग और ऑप्शंस वाली पोज़िशन संरचना ने मिलकर उस कथा को दुर्लभ बाजार घटना में बदल दिया।
पहली बात, बाजार की आम राय के खिलाफ सही होना और तुरंत पैसा बनना दो अलग बातें हैं। GameStop में अंडरवैल्यूएशन की संभावना थी, फिर भी बाजार उसे लंबे समय तक नजरअंदाज कर सकता था। Michael Burry ने GameStop में मौका पहले देखा, लेकिन अंतिम शॉर्ट स्क्वीज़ से पहले निकल गए—यह दिखाता है कि अवसर पहचानना और सबसे बड़े मूव से कमाना, दोनों के बीच समय, पोज़िशन साइज और उतार-चढ़ाव सहने की क्षमता का बड़ा अंतर होता है।
दूसरी बात, ज्यादा शॉर्ट इंटरेस्ट अपने आप शॉर्ट स्क्वीज़ की गारंटी नहीं देता। उसके लिए लगातार खरीदारी, फैलती हुई कहानी और कीमतों में ऐसे स्तरों का टूटना जरूरी होता है जो शॉर्ट सेलरों को कवर करने पर मजबूर करें। GameStop बाद में बिजनेस लॉ और मार्केट स्ट्रक्चर के केस अध्ययन में शामिल हुआ, यही बताता है कि यह कोई सामान्य शेयर तेजी नहीं थी।
तीसरी बात, देर से प्रवेश करने वालों के लिए जोखिम असमान हो जाता है। Gill की बढ़त शुरुआती पोज़िशन, लंबे समय तक सार्वजनिक तर्क और अत्यधिक शॉर्टेड बाजार संरचना के मेल से बनी। बहुत से बाद के निवेशक तब आए जब कीमत पहले ही बहुत ऊपर जा चुकी थी। शॉर्ट स्क्वीज़ मुनाफे को बढ़ा सकता है, लेकिन खरीदारी कमजोर पड़ने और उतार-चढ़ाव पलटने पर नुकसान को भी उतनी ही तेजी से बढ़ा सकता है।
Roaring Kitty की GameStop में भारी पेपर कमाई को किसी रहस्यमय अंदरूनी जानकारी से समझाने की जरूरत नहीं। सार्वजनिक स्रोतों से ज्यादा मजबूत तस्वीर यह बनती है: उन्होंने डीप वैल्यू नजरिए से बाजार की आम राय के खिलाफ दांव लगाया, जल्दी शेयर और कॉल ऑप्शंस खरीदे, लंबे समय तक GameStop के अंडरवैल्यूड और ओवर-शॉर्टेड होने की बात सार्वजनिक रूप से रखी, और फिर Reddit खरीदारी तथा अत्यधिक शॉर्ट पोज़िशन का विस्फोटक मेल सामने आया।
GameStop घटना की सबसे बड़ी उपयोगिता यही है कि उसने बुनियादी वैल्यू पर असहमति, शॉर्ट सेलिंग, ऑप्शंस की संवेदनशीलता, ऑनलाइन समुदायों की ताकत और बाजार नियमों—सबको एक ही घटना में समेट दिया। यह समझाता है कि Gill को इतना बड़ा पेपर गेन कैसे मिला, और यह भी कि आम निवेशकों को इसे तैयार नुस्खा मानकर दोहराने की कोशिश क्यों नहीं करनी चाहिए।