कुन्हा का प्रदर्शन इसलिए खास रहा क्योंकि इस मैच से पहले उन्होंने ब्राज़ील के लिए पिछले 24 मैचों में सिर्फ एक गोल किया था । उनका पहला गोल रिबाउंड से आया, जब हैती के गोलकीपर जॉनी प्लासिड ने विनिसियस जूनियर के शॉट को पैरी किया और कुन्हा ने मौके को भुनाया। दूसरा गोल उन्होंने बाएं पैर से जोरदार शॉट लगाकर गोल के ऊपरी कोने में डाला
। विनिसियस जूनियर का गोल लुकास पाक्वेटा के लॉफ्टेड पास पर आया, जिसे विनिसियस ने कंट्रोल करके गोलकीपर के पैरों के बीच से गोल में डाला
।
कोच कार्लो एंसेलोटी ने एक अहम सामरिक बदलाव करते हुए इगोर थियागो की जगह मैथ्यूस कुन्हा को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया, जो बेहद कारगर साबित हुआ । ब्राज़ील ने विनिसियस जूनियर और राफिन्हा के साथ विंग्स पर आक्रामक शुरुआत की और इस तिकड़ी ने पहले हाफ में हैती की डिफेंस को खासा परेशान किया
।
हैती ने मैच की शुरुआत रक्षात्मक 5-4-1 फॉर्मेशन से की, लेकिन हाफटाइम के बाद उन्होंने 4-4-2 फॉर्मेशन अपनाया, जिससे उनकी टीम को थोड़ी संरचना मिली लेकिन आक्रमण में कोई खास खतरा पैदा नहीं हो सका । ब्राज़ील ने पहले हाफ में दबदबा बनाए रखा, लेकिन दूसरे हाफ में उन्होंने आक्रमण की रफ्तार कम कर दी और मैच को काबू में रखने पर ध्यान दिया
। यह मैच फिलाडेल्फिया स्टेडियम में 68,324 दर्शकों के सामने खेला गया
।
ब्राज़ील को एक चोट की चिंता भी हुई जब विंगर राफिन्हा हैमस्ट्रिंग चोट के कारण मैदान छोड़कर गए। इसके बाद टीनएज फॉरवर्ड एंड्रिक ने विश्व कप में पदार्पण किया ।
| टीम | अंक | गोल अंतर |
|---|---|---|
| ब्राज़ील | 4 | +2 |
| मोरक्को | 4 | +1 |
| स्कॉटलैंड | 3 | -1 |
| हैती | 0 | -4 |
ब्राज़ील और मोरक्को दोनों के चार अंक थे, लेकिन ब्राज़ील बेहतर गोल अंतर (+2 बनाम +1) के आधार पर ग्रुप C में शीर्ष पर रहा । वहीं, शून्य अंक और -4 के गोल अंतर के साथ हैती टूर्नामेंट से बाहर होने वाली पहली टीम बनी
।
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