इस वृद्धि के दो मुख्य कारण हैं: फरवरी 2026 में लॉन्च किया गया 'Computer' नामक स्वायत्त AI एजेंट प्रोडक्ट, और मौजूदा सब्सक्रिप्शन के ऊपर उपयोग-आधारित मूल्य निर्धारण (usage-based pricing) की शुरुआत । Sacra के अनुमान के अनुसार, कंपनी 100 मिलियन से अधिक मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं और हजारों एंटरप्राइज क्लाइंट्स को सेवा दे रही है
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फरवरी 2026 में, Perplexity ने अचानक अपने विज्ञापन-आधारित राजस्व मॉडल को छोड़ दिया, नए विज्ञापनदाताओं को लेना बंद कर दिया और मौजूदा प्लेसमेंट को खत्म कर दिया । इसका कारण सीधा था: विज्ञापनों से होने वाली कमाई न के बराबर थी। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी ने 2024 में कुल $34 मिलियन के रेवेन्यू में से विज्ञापनों से केवल $20,000 कमाए — यानी कुल का सिर्फ 0.06%
। Perplexity के अधिकारियों ने कहा है कि उनका विज्ञापन मॉडल पर लौटने का कोई इरादा नहीं है
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Snap ने पहली तिमाही 2026 में पुष्टि की कि उसने Perplexity के साथ अपनी $400 मिलियन की साझेदारी समाप्त कर दी है । यह सौदा, जिसकी घोषणा नवंबर 2025 में की गई थी, ने उस समय Snap के शेयर में 15% की बढ़ोतरी कर दी थी। इसके टूटने से Snap का शेयर कमाई के बाद प्री-मार्केट ट्रेडिंग में लगभग 10% गिर गया
। Snap के निवेशक पत्र में कहा गया कि दूसरी तिमाही का मार्गदर्शन 'Perplexity से किसी भी योगदान को नहीं मानता क्योंकि हमने पहली तिमाही में आपसी सहमति से संबंध समाप्त कर दिए।'
Perplexity कई हाई-प्रोफाइल मुकदमों का सामना कर रही है:
ये मामले महत्वपूर्ण देनदारी पैदा कर सकते हैं या परिचालन में बदलाव के लिए मजबूर कर सकते हैं।
2025 में सैन फ्रांसिस्को में आयोजित Cerebral Valley Summit में, 300 से अधिक AI संस्थापकों और निवेशकों ने Perplexity को OpenAI से भी आगे, AI स्टार्टअप 'सबसे अधिक विफल होने वाला' चुना । आलोचक Perplexity के आसमान छूते मूल्यांकन ($14B से ~$50B तक तेजी), पतले मार्जिन और अन्य कंपनियों के मॉडल और डेटा पर निर्भरता की ओर इशारा करते हैं
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CEO अरविंद श्रीनिवास ने सार्वजनिक रूप से वित्तीय संकट की बातों का खंडन किया है। Reddit पर दी गई प्रतिक्रियाओं में, उन्होंने कहा कि कंपनी के पास 'सारा पैसा' है जिसकी उसे जरूरत है और 2028 से पहले IPO की कोई योजना नहीं है । अफवाहें मुख्य रूप से एक Reddit पोस्ट से शुरू हुईं, जिसमें कहा गया कि Perplexity ने मार्केटिंग खर्च रोक दिया है — श्रीनिवास ने इसे लागत-कटौती नहीं, बल्कि उत्पाद सुधार बताया
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Perplexity अभी भी निजी और लाभहीन बनी हुई है । उपयोगकर्ता की हर क्वेरी पर कंपनी को AI इंफ्रेंस (अनुमान लगाने) के लिए पैसे खर्च करने पड़ते हैं, और यह संरचनात्मक बाधा अभी तक बड़े पैमाने पर दूर नहीं हुई है
। जबकि एजेंट प्रोडक्ट्स ने रेवेन्यू में नाटकीय वृद्धि की है, अंतर्निहित यूनिट इकोनॉमिक्स एक चुनौती बनी हुई है।
Perplexity तत्काल वित्तीय संकट में नहीं है। इसके रेवेन्यू में तेजी AI के इतिहास में सबसे तेज देखी गई है। लेकिन कंपनी अभी भी लाभहीन है, उस पर काफी कानूनी जोखिम है, एक बड़ी पार्टनरशिप खो चुकी है, और इसके पहले के विज्ञापन मॉडल की विफलता ने दीर्घकालिक यूनिट इकोनॉमिक्स पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगले 12-18 महीने तय करेंगे कि AI एजेंट की यह रणनीति एक स्थायी व्यवसाय बनाती है या सिर्फ समय खरीदती है।