1765 की इलाहाबाद संधि के तहत शाह आलम द्वितीय ने ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा में राजस्व वसूली का अधिकार दिया। बक्सर के युद्ध के बाद 16 अगस्त 1765 को शाह आलम द्वितीय और कंपनी की ओर से रॉबर्ट क्लाइव ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। 1765 में इलाहाबाद में अलग अलग शासकों के साथ संधियाँ हुई थीं, इसलिए सवाल में क...
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शोध उत्तर

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Search & fact-check with cited sources for What was the treaty signed between the British East India Company and local rulers?. Article summary: The likely answer is the **Treaty of Allahabad (1765)**, signed between Mughal Emperor Shah Alam II and Robert Clive on behalf of the British East India Company. It gave the Company the right to collect revenue in Bengal. Topic tags: general, general web. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnai
अगर सवाल है कि ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा में राजस्व वसूलने का अधिकार किस समझौते से मिला, तो जवाब है 1765 की इलाहाबाद संधि। मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय के साथ हुए इस समझौते में कंपनी को इन क्षेत्रों की दीवानी—यानी राजस्व वसूली का अधिकार—मिला। 7
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यह अधिकार कंपनी की आर्थिक और राजनीतिक ताकत बढ़ाने वाला साबित हुआ। लेकिन “इलाहाबाद की संधि” कहने पर एक बारीकी ध्यान रखने लायक है: 1765 में इलाहाबाद में अलग-अलग शासकों के साथ एक से अधिक समझौते हुए थे। 6
बक्सर के युद्ध के बाद 16 अगस्त 1765 को इलाहाबाद में मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय और ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर से रॉबर्ट क्लाइव ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। 7
शाह आलम द्वितीय ने कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी दी। सरल शब्दों में, कंपनी को इन क्षेत्रों से राजस्व वसूलने का अधिकार मिल गया। इससे उसे वहाँ के संसाधनों पर वित्तीय नियंत्रण हासिल करने में मदद मिली। 7
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यह नाम अक्सर एक ही समझौते के लिए इस्तेमाल होता है, लेकिन 1765 में इलाहाबाद में शाह आलम द्वितीय के अलावा अवध के नवाब शुजा-उद-दौला के साथ भी अलग संधि हुई थी। 6 इसलिए अगर सवाल किसी खास शासक, इलाके या संधि की शर्त के बारे में है, तो उसका आशय दीवानी देने वाले समझौते के बजाय अवध से हुई संधि भी हो सकता है।
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1765 की इलाहाबाद संधि के तहत शाह आलम द्वितीय ने ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा में राजस्व वसूली का अधिकार दिया।
1765 की इलाहाबाद संधि के तहत शाह आलम द्वितीय ने ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा में राजस्व वसूली का अधिकार दिया। बक्सर के युद्ध के बाद 16 अगस्त 1765 को शाह आलम द्वितीय और कंपनी की ओर से रॉबर्ट क्लाइव ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
1765 में इलाहाबाद में अलग अलग शासकों के साथ संधियाँ हुई थीं, इसलिए सवाल में किस शासक या क्षेत्र का ज़िक्र है, यह जानना अहम है।