EBITDA 28% बढ़कर $14.8 बिलियन और राजस्व 15% बढ़कर $31.0 बिलियन हो गया । अंतर्निहित कमाई (underlying earnings) $6.9 बिलियन रही, जो बाजार की लगभग $6.6 बिलियन की उम्मीद से अधिक थी ।
तांबा H1 2026 का सबसे चमकता सितारा रहा। तांबा, एल्युमीनियम और लिथियम ने मिलकर पहली बार EBITDA में 50% से अधिक का योगदान दिया — यह Rio Tinto के पारंपरिक लौह अयस्क फोकस से हटकर विविधीकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है । अकेले तांबा का EBITDA पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 84% बढ़ा, जिसका मुख्य कारण मंगोलिया की Oyu Tolgoi भूमिगत तांबा खदान का रैंप-अप है ।
CEO साइमन ट्रॉट ने पहली छमाही को "प्रदर्शन में बड़ा बदलाव (step-change)" बताया, जिसमें तांबा नेतृत्व कर रहा है ।
लौह अयस्क उत्पादन मजबूत बना रहा, भले ही 2025 की तुलना में कीमतें कम हैं। पिलबारा (Pilbara) संचालन ने अप्रैल के बाद से रिकॉर्ड उत्पादन दिया, और पहली छमाही का उत्पादन Rio Tinto के पूरे साल के 280 मिलियन मीट्रिक टन के अनुमान के अनुरूप रहा ।
हालांकि, कंपनी ने पिलबारा में प्रति टन नकद लागत में मामूली बढ़ोतरी का संकेत दिया है, जो अब $24.80 प्रति मीट्रिक टन होने का अनुमान है — पहले के $24.10 के अनुमान से अधिक ।
| मीट्रिक | H1 2026 परिणाम | H1 2025 की तुलना में बदलाव |
|---|---|---|
| फ्री कैश फ्लो | $3.8 बिलियन | +75% |
| अंतरिम लाभांश | $3.4 बिलियन (211 US सेंट प्रति शेयर) | +43% |
फ्री कैश फ्लो में 75% की उछाल पूंजीगत खर्च बढ़ने के बावजूद आई, जो मजबूत परिचालन और ऊंची कीमतों से संभव हुई । लाभांश बढ़ाकर $3.4 बिलियन करना, जो 50% पेआउट अनुपात दर्शाता है, बोर्ड के बेहतर कैश जनरेशन प्रोफाइल में विश्वास को दिखाता है ।
Rio Tinto के H1 2026 नतीजे एक रणनीतिक बदलाव को दर्शाते हैं। लौह अयस्क अब भी मजबूत कैश जनरेटर है, लेकिन तांबा और एल्युमीनियम कमाई की कहानी को आगे बढ़ा रहे हैं। डेटा सेंटरों से मजबूत मांग, Oyu Tolgoi खदान का रैंप-अप और लागत अनुशासन मिलकर अधिक मुनाफा और शेयरधारकों को अधिक रिटर्न दे रहे हैं।