मोज्तबा खामेनेई का हिजबुल्लाह को संदेश: 'जिहाद और प्रतिरोध' के अलावा कोई रास्ता नहीं, अमेरिका-ईरान डील पर संकट
26 27 जुलाई 2026 को ईरान के सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने हिजबुल्लाह को लिखित पत्र भेजकर समर्थन को 'रणनीतिक नीति' घोषित किया और कहा कि अमेरिका इजरायल के खिलाफ 'जिहाद और प्रतिरोध' के अलावा कोई रास्ता नहीं है। [1][3]... उन्होंने जून 2026 में पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में हुए 14 सूत्रीय इस्लामाबाद ज्ञापन (Islama...
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26 27 जुलाई 2026 को ईरान के सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने हिजबुल्लाह को लिखित पत्र भेजकर समर्थन को 'रणनीतिक नीति' घोषित किया और कहा कि अमेरिका इजरायल के खिलाफ 'जिहाद और प्रतिरोध' के अलावा कोई रास्ता नहीं है। [1][3]...
उन्होंने जून 2026 में पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में हुए 14 सूत्रीय इस्लामाबाद ज्ञापन (Islamabad Memorandum) की शर्तों को फिर से परिभाषित करते हुए कहा कि लेबनान से इजरायली आक्रमण की पूर्ण और बिना शर्त समाप्ति ही शा...
खामेनेई मार्च 2026 में सत्ता संभालने के बाद से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, केवल टेलीग्राम या राज्य टीवी पर लिखित संदेश भेजते हैं, जिससे विश्लेषकों को उनके घायल होने या अक्षम होने की आशंका है। [13][14][21]
इस रुख के कारण अमेरिका ईरान शांति प्रक्रिया ठप हो गई है और लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई जारी है, क्योंकि ईरान ने प्रभावी रूप से समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को निलंबित कर दिया है। [2][5][10]
Studio Globalमोज्तबा खामेनेई का हिजबुल्लाह को संदेश: 'जिहाद और प्रतिरोध' के अलावा कोई रास्ता नहीं, अमेरिका-ईरान डील पर संकट26 27 जुलाई 2026 को ईरान के सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने हिजबुल्लाह को लिखित पत्र भेजकर समर्थन को 'रणनीतिक नीति' घोषित किया और कहा कि अमेरिका इजरायल के खिलाफ 'जिहाद और प्रतिरोध' के अलावा कोई रास्ता नहीं है। [1][3]...
क्या है पूरा मामला?
26-27 जुलाई 2026 को ईरान के सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) आयतुल्लाह मोज्तबा खामेनेई ने हिजबुल्लाह के नए महासचिव को लिखे एक पत्र में घोषणा की कि इस्लामिक गणराज्य हिजबुल्लाह का समर्थन 'रणनीतिक नीति' (strategic policy) के रूप में जारी रखेगा और अमेरिका और इजरायल के खिलाफ 'जिहाद और प्रतिरोध' के अलावा कोई रास्ता नहीं है। यह पत्र उनके टेलीग्राम चैनल पर पोस्ट किया गया, जिसमें हिजबुल्लाह के 'धैर्य और दृढ़ता' की प्रशंसा की गई।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"मोज्तबा खामेनेई का हिजबुल्लाह को संदेश: 'जिहाद और प्रतिरोध' के अलावा कोई रास्ता नहीं, अमेरिका-ईरान डील पर संकट" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
26 27 जुलाई 2026 को ईरान के सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने हिजबुल्लाह को लिखित पत्र भेजकर समर्थन को 'रणनीतिक नीति' घोषित किया और कहा कि अमेरिका इजरायल के खिलाफ 'जिहाद और प्रतिरोध' के अलावा कोई रास्ता नहीं है। [1][3]...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
26 27 जुलाई 2026 को ईरान के सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने हिजबुल्लाह को लिखित पत्र भेजकर समर्थन को 'रणनीतिक नीति' घोषित किया और कहा कि अमेरिका इजरायल के खिलाफ 'जिहाद और प्रतिरोध' के अलावा कोई रास्ता नहीं है। [1][3]... उन्होंने जून 2026 में पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में हुए 14 सूत्रीय इस्लामाबाद ज्ञापन (Islamabad Memorandum) की शर्तों को फिर से परिभाषित करते हुए कहा कि लेबनान से इजरायली आक्रमण की पूर्ण और बिना शर्त समाप्ति ही शा...
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
खामेनेई मार्च 2026 में सत्ता संभालने के बाद से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, केवल टेलीग्राम या राज्य टीवी पर लिखित संदेश भेजते हैं, जिससे विश्लेषकों को उनके घायल होने या अक्षम होने की आशंका है। [13][14][21]
मोज्तबा खामेनेई का हिजबुल्लाह को संदेश: 'जिहाद और प्रतिरोध' के अलावा कोई रास्ता नहीं, अमेरिका-ईरान डील पर संकट
26 27 जुलाई 2026 को ईरान के सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने हिजबुल्लाह को लिखित पत्र भेजकर समर्थन को 'रणनीतिक नीति' घोषित किया और कहा कि अमेरिका इजरायल के खिलाफ 'जिहाद और प्रतिरोध' के अलावा कोई रास्ता नहीं है। [1][3]... उन्होंने जून 2026 में पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में हुए 14 सूत्रीय इस्लामाबाद ज्ञापन (Islama...
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26 27 जुलाई 2026 को ईरान के सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने हिजबुल्लाह को लिखित पत्र भेजकर समर्थन को 'रणनीतिक नीति' घोषित किया और कहा कि अमेरिका इजरायल के खिलाफ 'जिहाद और प्रतिरोध' के अलावा कोई रास्ता नहीं है। [1][3]...
उन्होंने जून 2026 में पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में हुए 14 सूत्रीय इस्लामाबाद ज्ञापन (Islamabad Memorandum) की शर्तों को फिर से परिभाषित करते हुए कहा कि लेबनान से इजरायली आक्रमण की पूर्ण और बिना शर्त समाप्ति ही शा...
खामेनेई मार्च 2026 में सत्ता संभालने के बाद से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, केवल टेलीग्राम या राज्य टीवी पर लिखित संदेश भेजते हैं, जिससे विश्लेषकों को उनके घायल होने या अक्षम होने की आशंका है। [13][14][21]
इस रुख के कारण अमेरिका ईरान शांति प्रक्रिया ठप हो गई है और लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई जारी है, क्योंकि ईरान ने प्रभावी रूप से समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को निलंबित कर दिया है। [2][5][10]
Studio Globalमोज्तबा खामेनेई का हिजबुल्लाह को संदेश: 'जिहाद और प्रतिरोध' के अलावा कोई रास्ता नहीं, अमेरिका-ईरान डील पर संकट26 27 जुलाई 2026 को ईरान के सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने हिजबुल्लाह को लिखित पत्र भेजकर समर्थन को 'रणनीतिक नीति' घोषित किया और कहा कि अमेरिका इजरायल के खिलाफ 'जिहाद और प्रतिरोध' के अलावा कोई रास्ता नहीं है। [1][3]...
क्या है पूरा मामला?
26-27 जुलाई 2026 को ईरान के सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) आयतुल्लाह मोज्तबा खामेनेई ने हिजबुल्लाह के नए महासचिव को लिखे एक पत्र में घोषणा की कि इस्लामिक गणराज्य हिजबुल्लाह का समर्थन 'रणनीतिक नीति' (strategic policy) के रूप में जारी रखेगा और अमेरिका और इजरायल के खिलाफ 'जिहाद और प्रतिरोध' के अलावा कोई रास्ता नहीं है। यह पत्र उनके टेलीग्राम चैनल पर पोस्ट किया गया, जिसमें हिजबुल्लाह के 'धैर्य और दृढ़ता' की प्रशंसा की गई।
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"मोज्तबा खामेनेई का हिजबुल्लाह को संदेश: 'जिहाद और प्रतिरोध' के अलावा कोई रास्ता नहीं, अमेरिका-ईरान डील पर संकट" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
26 27 जुलाई 2026 को ईरान के सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने हिजबुल्लाह को लिखित पत्र भेजकर समर्थन को 'रणनीतिक नीति' घोषित किया और कहा कि अमेरिका इजरायल के खिलाफ 'जिहाद और प्रतिरोध' के अलावा कोई रास्ता नहीं है। [1][3]...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
26 27 जुलाई 2026 को ईरान के सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने हिजबुल्लाह को लिखित पत्र भेजकर समर्थन को 'रणनीतिक नीति' घोषित किया और कहा कि अमेरिका इजरायल के खिलाफ 'जिहाद और प्रतिरोध' के अलावा कोई रास्ता नहीं है। [1][3]... उन्होंने जून 2026 में पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में हुए 14 सूत्रीय इस्लामाबाद ज्ञापन (Islamabad Memorandum) की शर्तों को फिर से परिभाषित करते हुए कहा कि लेबनान से इजरायली आक्रमण की पूर्ण और बिना शर्त समाप्ति ही शा...
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
खामेनेई मार्च 2026 में सत्ता संभालने के बाद से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, केवल टेलीग्राम या राज्य टीवी पर लिखित संदेश भेजते हैं, जिससे विश्लेषकों को उनके घायल होने या अक्षम होने की आशंका है। [13][14][21]
इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि खामेनेई ने इस समर्थन को जून 2026 में हुए अमेरिका-ईरान युद्धविराम ढांचे, जिसे इस्लामाबाद ज्ञापन (Islamabad Memorandum) कहा जाता है, से सीधे जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि "लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता का पूर्ण संरक्षण और इजरायली आक्रमण का तत्काल एवं बिना शर्त अंत, 14-सूत्रीय ज्ञापन के तहत ईरान की गैर-परक्राम्य शर्तें हैं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच शांति इस बात पर निर्भर करती है कि इजरायल लेबनान पर अपने हमले बंद करे - एक ऐसी शर्त जो हस्ताक्षरित समझौते का हिस्सा नहीं है।
14-सूत्रीय इस्लामाबाद ज्ञापन: क्या थी डील?
इस्लामाबाद ज्ञापन एक 14-सूत्रीय ढांचा समझौता है, जिसकी मध्यस्थता पाकिस्तान और कतर ने की थी। इसे 14 जून 2026 को डिजिटल रूप से और 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित किया गया था। कई स्रोतों में बताए गए प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं:
तत्काल युद्धविराम: लेबनान सहित सभी मोर्चों पर तत्काल युद्ध विराम।
होर्मुज जलडमरूमध्य का फिर से खुलना: वाणिज्यिक शिपिंग के लिए, शुरुआती 60 दिनों के लिए टोल-फ्री।
अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का अंत: ईरानी बंदरगाहों पर से नाकेबंदी हटाना।
300 अरब डॉलर का पुनर्निर्माण कोष: निजी क्षेत्र के योगदान से ईरान के लिए पुनर्निर्माण और निवेश कोष, हालांकि कुछ मध्यस्थ सटीक आंकड़े की पुष्टि नहीं कर सके।
प्रतिबंध हटाना और संपत्ति जारी करना: तेल निर्यात प्रतिबंधों को तुरंत हटाना और विदेशों में जमे ईरानी संपत्तियों को मुक्त करना।
60 दिनों की बातचीत की खिड़की: ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य के प्रबंधन और एक व्यापक संयुक्त राष्ट्र समर्थित समझौते पर बातचीत के लिए।
शत्रुता समाप्त करने की प्रतिबद्धता: ईरान, अमेरिका और उनके सहयोगियों द्वारा, जिसमें स्पष्ट रूप से लेबनान (जहां हिजबुल्लाह सक्रिय है) शामिल है।
खामेनेई का लिखित-संदेश पैटर्न: क्या कोई राज है?
मार्च 2026 में सत्ता संभालने के बाद से, मोज्तबा खामेनेई ने हिजबुल्लाह के साथ केवल लिखित संदेशों के माध्यम से संवाद किया है - वे सार्वजनिक रूप से या किसी नई तस्वीर या वीडियो में नहीं दिखे हैं। यह पैटर्न लगातार बना हुआ है:
12 मार्च, 2026: सर्वोच्च नेता के रूप में उनका पहला संदेश राज्य टीवी पर पढ़ा गया, जिसमें इजरायल-अमेरिकी हमलों का 'बदला' लेने का वादा किया गया।
30 मार्च - 1 अप्रैल, 2026: टेलीग्राम पर पोस्ट किए गए एक पत्र में हिजबुल्लाह और उसके नेतृत्व के लिए निरंतर समर्थन का वादा किया गया।
11 जुलाई, 2026: लिखित संदेश में कहा गया कि अपने पिता का बदला लेना 'राष्ट्र की इच्छा' है और यह 'जल्द' होगा।
26-27 जुलाई, 2026: सबसे हालिया पत्र जिसमें हिजबुल्लाह समर्थन को 'रणनीतिक नीति' घोषित किया गया।
सभी संचार लिखित (टेलीग्राम या राज्य टीवी पर वॉयसओवर) हैं, सभी हिजबुल्लाह के लिए बिना शर्त समर्थन की पुष्टि करते हैं, और किसी में भी सार्वजनिक उपस्थिति शामिल नहीं है। विश्लेषकों का मानना है कि इसका कारण खामेनेई का गंभीर रूप से घायल या अक्षम होना हो सकता है। इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) के अनुसार, शासन एक साधारण वीडियो जारी करके अफवाहों को आसानी से खारिज कर सकता है, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया है, जबकि उसके पास ऐसा करने के कई प्रोत्साहन हैं।
शांति प्रक्रिया पर क्या असर?
खामेनेई के जुलाई 2026 के बयान ने इस्लामाबाद ज्ञापन की प्रमुख शर्तों का सीधे खंडन किया है। उन्होंने ईरान के अनुपालन को एक ऐसी मांग (लेबनान से पूर्ण इजरायली वापसी) से जोड़ दिया है, जो हस्ताक्षरित ढांचे का हिस्सा नहीं है। इसके व्यावहारिक परिणाम:
शांति प्रक्रिया ठप: अमेरिका, इजरायल और लेबनान ने 3 जून को एक संयुक्त बयान जारी कर युद्धविराम पर सहमति जताई थी, जो हिजबुल्लाह की सहमति पर निर्भर था। ईरान ने अब प्रभावी रूप से अपनी सहमति वापस ले ली है।
ईरान ने अपनी प्रतिबद्धताएं निलंबित कीं: यह घोषणा करके कि समझौते की युद्धविराम शर्तें एक ऐसे परिणाम पर निर्भर हैं जिसे अमेरिका और इजरायल ने स्वीकार नहीं किया है, ईरान ने अपनी प्रतिबद्धताओं को प्रभावी रूप से निलंबित कर दिया है।
हिजबुल्लाह और ईरानी नेताओं का रुख: वे किसी भी युद्धविराम ढांचे को खारिज करना जारी रखते हैं जो उनकी अधिकतम मांग 'लेबनान में पूर्ण इजरायली समर्पण' को पूरा नहीं करता है।
लेबनान में लड़ाई जारी: दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैन्य अभियान युद्धविराम तंत्र के लागू हुए बिना जारी हैं, क्योंकि ईरान के रुख ने अमेरिका द्वारा समझौते में दिए गए प्रमुख प्रोत्साहन (सभी मोर्चों पर विसंघर्षण) को हटा दिया है।
संक्षेप में: खामेनेई का जुलाई 2026 का पत्र न केवल सबसे मजबूत शब्दों में हिजबुल्लाह समर्थन की पुष्टि करता है, बल्कि जून 2026 के समझौते की पुनर्व्याख्या एक ऐसी इजरायली वापसी पर निर्भर करने के रूप में करता है जो लिखित समझौते का हिस्सा नहीं है। शांति प्रक्रिया तब तक जमी हुई है जब तक लड़ाई जारी है।
thenationalnews.comUS and Iran sign deal to end war, reopen Strait of Hormuz and ...
इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि खामेनेई ने इस समर्थन को जून 2026 में हुए अमेरिका-ईरान युद्धविराम ढांचे, जिसे इस्लामाबाद ज्ञापन (Islamabad Memorandum) कहा जाता है, से सीधे जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि "लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता का पूर्ण संरक्षण और इजरायली आक्रमण का तत्काल एवं बिना शर्त अंत, 14-सूत्रीय ज्ञापन के तहत ईरान की गैर-परक्राम्य शर्तें हैं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच शांति इस बात पर निर्भर करती है कि इजरायल लेबनान पर अपने हमले बंद करे - एक ऐसी शर्त जो हस्ताक्षरित समझौते का हिस्सा नहीं है।
14-सूत्रीय इस्लामाबाद ज्ञापन: क्या थी डील?
इस्लामाबाद ज्ञापन एक 14-सूत्रीय ढांचा समझौता है, जिसकी मध्यस्थता पाकिस्तान और कतर ने की थी। इसे 14 जून 2026 को डिजिटल रूप से और 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में औपचारिक रूप से हस्ताक्षरित किया गया था। कई स्रोतों में बताए गए प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं:
तत्काल युद्धविराम: लेबनान सहित सभी मोर्चों पर तत्काल युद्ध विराम।
होर्मुज जलडमरूमध्य का फिर से खुलना: वाणिज्यिक शिपिंग के लिए, शुरुआती 60 दिनों के लिए टोल-फ्री।
अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का अंत: ईरानी बंदरगाहों पर से नाकेबंदी हटाना।
300 अरब डॉलर का पुनर्निर्माण कोष: निजी क्षेत्र के योगदान से ईरान के लिए पुनर्निर्माण और निवेश कोष, हालांकि कुछ मध्यस्थ सटीक आंकड़े की पुष्टि नहीं कर सके।
प्रतिबंध हटाना और संपत्ति जारी करना: तेल निर्यात प्रतिबंधों को तुरंत हटाना और विदेशों में जमे ईरानी संपत्तियों को मुक्त करना।
60 दिनों की बातचीत की खिड़की: ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य के प्रबंधन और एक व्यापक संयुक्त राष्ट्र समर्थित समझौते पर बातचीत के लिए।
शत्रुता समाप्त करने की प्रतिबद्धता: ईरान, अमेरिका और उनके सहयोगियों द्वारा, जिसमें स्पष्ट रूप से लेबनान (जहां हिजबुल्लाह सक्रिय है) शामिल है।
खामेनेई का लिखित-संदेश पैटर्न: क्या कोई राज है?
मार्च 2026 में सत्ता संभालने के बाद से, मोज्तबा खामेनेई ने हिजबुल्लाह के साथ केवल लिखित संदेशों के माध्यम से संवाद किया है - वे सार्वजनिक रूप से या किसी नई तस्वीर या वीडियो में नहीं दिखे हैं। यह पैटर्न लगातार बना हुआ है:
12 मार्च, 2026: सर्वोच्च नेता के रूप में उनका पहला संदेश राज्य टीवी पर पढ़ा गया, जिसमें इजरायल-अमेरिकी हमलों का 'बदला' लेने का वादा किया गया।
30 मार्च - 1 अप्रैल, 2026: टेलीग्राम पर पोस्ट किए गए एक पत्र में हिजबुल्लाह और उसके नेतृत्व के लिए निरंतर समर्थन का वादा किया गया।
11 जुलाई, 2026: लिखित संदेश में कहा गया कि अपने पिता का बदला लेना 'राष्ट्र की इच्छा' है और यह 'जल्द' होगा।
26-27 जुलाई, 2026: सबसे हालिया पत्र जिसमें हिजबुल्लाह समर्थन को 'रणनीतिक नीति' घोषित किया गया।
सभी संचार लिखित (टेलीग्राम या राज्य टीवी पर वॉयसओवर) हैं, सभी हिजबुल्लाह के लिए बिना शर्त समर्थन की पुष्टि करते हैं, और किसी में भी सार्वजनिक उपस्थिति शामिल नहीं है। विश्लेषकों का मानना है कि इसका कारण खामेनेई का गंभीर रूप से घायल या अक्षम होना हो सकता है। इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) के अनुसार, शासन एक साधारण वीडियो जारी करके अफवाहों को आसानी से खारिज कर सकता है, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया है, जबकि उसके पास ऐसा करने के कई प्रोत्साहन हैं।
शांति प्रक्रिया पर क्या असर?
खामेनेई के जुलाई 2026 के बयान ने इस्लामाबाद ज्ञापन की प्रमुख शर्तों का सीधे खंडन किया है। उन्होंने ईरान के अनुपालन को एक ऐसी मांग (लेबनान से पूर्ण इजरायली वापसी) से जोड़ दिया है, जो हस्ताक्षरित ढांचे का हिस्सा नहीं है। इसके व्यावहारिक परिणाम:
शांति प्रक्रिया ठप: अमेरिका, इजरायल और लेबनान ने 3 जून को एक संयुक्त बयान जारी कर युद्धविराम पर सहमति जताई थी, जो हिजबुल्लाह की सहमति पर निर्भर था। ईरान ने अब प्रभावी रूप से अपनी सहमति वापस ले ली है।
ईरान ने अपनी प्रतिबद्धताएं निलंबित कीं: यह घोषणा करके कि समझौते की युद्धविराम शर्तें एक ऐसे परिणाम पर निर्भर हैं जिसे अमेरिका और इजरायल ने स्वीकार नहीं किया है, ईरान ने अपनी प्रतिबद्धताओं को प्रभावी रूप से निलंबित कर दिया है।
हिजबुल्लाह और ईरानी नेताओं का रुख: वे किसी भी युद्धविराम ढांचे को खारिज करना जारी रखते हैं जो उनकी अधिकतम मांग 'लेबनान में पूर्ण इजरायली समर्पण' को पूरा नहीं करता है।
लेबनान में लड़ाई जारी: दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैन्य अभियान युद्धविराम तंत्र के लागू हुए बिना जारी हैं, क्योंकि ईरान के रुख ने अमेरिका द्वारा समझौते में दिए गए प्रमुख प्रोत्साहन (सभी मोर्चों पर विसंघर्षण) को हटा दिया है।
संक्षेप में: खामेनेई का जुलाई 2026 का पत्र न केवल सबसे मजबूत शब्दों में हिजबुल्लाह समर्थन की पुष्टि करता है, बल्कि जून 2026 के समझौते की पुनर्व्याख्या एक ऐसी इजरायली वापसी पर निर्भर करने के रूप में करता है जो लिखित समझौते का हिस्सा नहीं है। शांति प्रक्रिया तब तक जमी हुई है जब तक लड़ाई जारी है।
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