25 जुलाई 2026 को, दमिश्क की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान, एंटोनियो गुटेरेस ने दक्षिणी सीरिया में इज़राइल की कार्रवाइयों की स्पष्ट रूप से आलोचना की।
दिसंबर 2024 में असद शासन के पतन के बाद, इज़राइल ने सीरिया के अंदर अपनी सैन्य मौजूदगी को नाटकीय रूप से बढ़ा दिया है:
26 जुलाई की घुसपैठ कोई अलग घटना नहीं है, बल्कि यह असद के पतन के बाद से 19 महीनों से अधिक समय से जारी इज़राइल के लगातार, बहुआयामी अभियान - ज़मीनी घुसपैठ, हवाई हमले और क्षेत्रीय एकीकरण - का नवीनतम उदाहरण है।