अटैक मोड ने पलटी बाजी: अटैक मोड के दूसरे सेट ने रैंकिंग को पूरी तरह बदल दिया। डी व्रीस कैसिडी और ओलिवर रोलैंड से आगे निकलकर लीडर बन गए ।
देर से आया रेड फ्लैग: रेस के अंतिम चरण में एक बहु-कार दुर्घटना के बाद रेड फ्लैग लगा दिया गया, और नतीजे काउंटबैक के आधार पर घोषित किए गए — डी व्रीस को विजेता घोषित किया गया । पोल पर रहने वाले मोरतारा इस हादसे का शिकार हुए और उन्हें रेस से बाहर होना पड़ा
।
खिताबी दावेदार पिछड़े: पास्कल वेहरलेन (पोर्श) और मिच इवांस (जगुआर) दोनों ने पूरी तरह गीले ट्रैक के लिए सेटअप चुना, जो गलत साबित हुआ। वेहरलेन को कोई अंक नहीं मिला, जबकि इवांस सिर्फ चौथे स्थान पर रहे ।
| स्थान | ड्राइवर | टीम |
|---|---|---|
| 1 | न्याक डी व्रीस | महिंद्रा रेसिंग |
| 2 | निक कैसिडी | सिट्रोएन रेसिंग |
| 3 | जेक डेनिस | एंड्रेटी फॉर्मूला ई |
| 4 | ओलिवर रोलैंड | निसान |
| 5 | ज्यां-एरिक वर्ने | सिट्रोएन रेसिंग |
| 6 | नॉर्मन नातो | निसान |
| 7 | सेबेस्टियन बुएमी | एनविजन-जगुआर |
| 8 | निको मुलर | पोर्श |
| 9 | टेलर बर्नार्ड | डीएस पेंस्के |
| 10 | मैक्सिमिलियन गुंथर | डीएस पेंस्के |
जेक डेनिस के तीसरे स्थान और राउंड 14 में दूसरे स्थान ने उन्हें लंदन में होने वाले डबल-हेडर के लिए चैंपियनशिप में शीर्ष पर पहुंचा दिया । मिच इवांस चौथे स्थान पर रहे और अब वे स्टैंडिंग में दूसरे नंबर पर हैं, डेनिस से दो अंक पीछे
। पास्कल वेहरलेन को कोई अंक नहीं मिला और वे तीसरे स्थान पर खिसक गए, डेनिस से पांच अंक पीछे
।
लंदन में अब तक नौ ड्राइवर गणितीय रूप से खिताब की दौड़ में हैं। वहां अधिकतम 58 अंक दांव पर लगे होंगे ।
पोर्श ने टोक्यो वीकेंड में ही सफलतापूर्वक अपने एफआईए फॉर्मूला ई मैन्युफैक्चरर्स वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब का बचाव किया, इसे एक राउंड पहले ही अपने नाम कर लिया । पोर्श 99X इलेक्ट्रिक फॉर्मूला ई के जेन3 युग की सबसे सफल कार बन गई
।
टीम्स चैंपियनशिप (मैन्युफैक्चरर्स से अलग) में जगुआर टीसीएस रेसिंग लंदन जाने से पहले पोर्श पर 16 अंकों की बढ़त बनाए हुए है ।