लेकिन सवाल यह है कि आखिर इस अचानक उछाल की वजह क्या रही? कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई, न Shibarium से जुड़ी कोई खबर आई और न ही किसी बड़े एक्सचेंज पर लिस्टिंग की पुष्टि हुई . तो फिर क्यों उछला SHIB? आइए समझते हैं इस रैली की पूरी कहानी।
कई रिपोर्ट्स और डेटा इस बात की ओर इशारा करते हैं कि इस उछाल के पीछे दक्षिण कोरियाई रिटेल ट्रेडर्स का हाथ है, खासकर Upbit और Bithumb जैसे स्थानीय एक्सचेंजों पर :
हालांकि रविवार को आई अचानक उछाल के पीछे कोई तत्काल कारण नहीं था, लेकिन इसके पहले के हफ्तों में ऑन-चेन डेटा में कई मजबूत संकेत दिख रहे थे, जिसने इस रैली के लिए ज़मीन तैयार कर दी थी :
बर्न गतिविधि में जोर: 8 जुलाई को SHIB ने छह महीनों का अपना सबसे बड़ा सिंगल-डे बर्न देखा था, जिसमें लगभग 11 से 11.7 करोड़ टोकन नष्ट किए गए थे . साप्ताहिक बर्न दर में लगभग 56% का इज़ाफा हुआ और यह 15.2 करोड़ टोकन तक पहुंच गया . हालांकि, उस रिकॉर्ड बर्न के बाद भी कीमत $0.0000043 के आसपास ही अटकी हुई थी .
व्हेल्स का जमावड़ा: 25 से 29 जून के बीच, लगभग 7,810 करोड़ SHIB टोकन एक्सचेंजों से निकालकर प्राइवेट वॉलेट्स में ट्रांसफर किए गए . जुलाई की शुरुआत में एक्सचेंजों से निकासी की दर (Exchange Outflows) में 37% का उछाल आया . 23 जुलाई को एक व्हेल ने 8 महीने के अंतराल के बाद Binance से 5,025 करोड़ SHIB खरीदे, जिससे 5.3% की तेजी आई थी .
पहले से कम कीमत: जुलाई के अधिकांश समय SHIB $0.0000041 से $0.0000043 के आसपास कारोबार कर रहा था और महीने भर में इसमें लगभग 9% की गिरावट आई थी . विश्लेषक $0.0000045 के स्तर को एक अहम रेजिस्टेंस मान रहे थे, जिसे पार करना ट्रेंड बदलाव के लिए जरूरी था .
इन सभी कारकों (बर्न और व्हेल्स की खरीदारी) ने बिक्री के लिए उपलब्ध टोकन्स की संख्या (Sell-Side Liquidity) को कम कर दिया था, जो एक 'बारूद के ढेर' (Tinderbox) की तरह था, जिसमें दक्षिण कोरियाई निवेशकों की खरीदारी ने आग लगा दी .
| मीट्रिक | मूल्य |
|---|---|
| बिटकॉइन (BTC) रेंज | लगभग $64,000 – $66,800 |
| कुल क्रिप्टो बाजार पूंजीकरण | लगभग $2.28 ट्रिलियन |
| बिटकॉइन का दबदबा (Dominance) | लगभग 56.4% |
| Dogecoin (DOGE) में उछाल (उसी दिन) | लगभग 6% |
| छोटे मीम कॉइन्स में बढ़त | 10% तक |
बड़े बाजार में मामूली बढ़त ही देखी गई, जो दर्शाता है कि SHIB की 36% की उछाल एक अकेला और अलग (Idiosyncratic) कदम था, न कि पूरे बाजार में तेजी का नतीजा . DOGE को केवल 6% का फायदा हुआ, जबकि छोटे मीम कॉइन्स में 10% तक की बढ़त रही, जो इस बात की पुष्टि करता है कि यह पूरे सेक्टर का उभार नहीं था .
यह रैली ऐसे समय में आई जब अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण माहौल में अनिश्चितता थी, जिसका असर जोखिम वाली संपत्तियों (Risk Assets) पर पड़ रहा था . ऐतिहासिक रूप से, जुलाई का महीना SHIB के लिए मिला-जुला रहा है, जिसमें औसत रिटर्न लगभग -0.25% रहा है . विश्लेषकों ने पहले ही आगाह कर दिया था कि SHIB को अपना ट्रेंड बदलने के लिए $0.0000045 की रेजिस्टेंस को तोड़ना होगा और 'जुलाई में बेहतर प्रदर्शन' की इसकी परंपरा खतरे में थी . रविवार की उछाल ने इस रेजिस्टेंस को बड़े मार्जिन से पार कर लिया।