यह प्रक्रिया बहुत आसान है और इसमें सरकारी ID की जरूरत नहीं है:
यह फेशियल रिकॉग्निशन तकनीक की वापसी भी है, जिसे Meta ने नवंबर 2021 में गोपनीयता संबंधी चिंताओं के कारण बंद कर दिया था। अब इसे विशेष रूप से धोखाधड़ी रोकने के लिए दोबारा लाया गया है ।
पात्रता धीरे-धीरे दुनिया भर के विभिन्न क्षेत्रों में लागू की जा रही है। Meta ने संकेत दिया है कि वह सबसे पहले उन क्षेत्रों को प्राथमिकता देगा जहां नकली प्रोफाइल और स्कैम का खतरा सबसे ज्यादा है, जैसे मार्केटप्लेस ।
नीचे दी गई तालिका दोनों के बीच मुख्य अंतर दिखाती है:
| फीचर | फ्री Facebook Verified | पेड Meta Verified |
|---|---|---|
| कीमत | फ्री | मासिक सब्सक्रिप्शन फीस |
| वेरिफिकेशन का तरीका | प्रोफाइल फोटो से मिलान किया गया वीडियो सेल्फी | सरकारी ID की आवश्यकता |
| सुविधाएं | केवल बैज | बैज + अकाउंट प्रोटेक्शन, नकली प्रोफाइल की निगरानी, प्रायोरिटी सपोर्ट, स्टिकर्स |
| लक्षित दर्शक | कोई भी पात्र असली व्यक्ति | क्रिएटर और वे लोग जो अतिरिक्त सुरक्षा चाहते हैं |
| उपलब्धता | Facebook पर धीरे-धीरे लागू | Facebook और Instagram पर कई क्षेत्रों में उपलब्ध |
मुख्य अंतर: फ्री बैज एक धोखाधड़ी निवारक है (यह साबित करता है कि आप एक असली इंसान हैं), जबकि पेड सब्सक्रिप्शन एक सेवा पैकेज है जिसमें बेहतर अकाउंट सुरक्षा शामिल है ।
Facebook Verified AI जनरेटेड फेक प्रोफाइल और डीपफेक स्कैम के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए लाया गया है । इसके पीछे मुख्य कारण हैं:
बैज को लाइव सेल्फी और मौजूदा प्रोफाइल इतिहास से जोड़कर, Meta एक ऐसी वेरिफिकेशन परत बनाना चाहता है जिसे AI जनरेटेड अकाउंट के लिए बायपास करना मुश्किल हो - क्योंकि अकाउंट में पहले से असली प्रोफाइल फोटो का इतिहास होना चाहिए जो उस व्यक्ति से मेल खाता हो जो इसके पीछे है ।