Z Fold8 को Z Fold8 Ultra से छोटा और जेब में आसानी से रखने लायक डिज़ाइन किया गया है। इसमें 7.6-इंच का अंदरूनी Dynamic LTPO AMOLED 2X डिस्प्ले (4:3 आस्पेक्ट रेशियो, 120Hz, 2,600 nits) और 5.5-इंच का कवर स्क्रीन (मोड़ने पर 10:16) मिलता है ।
Z Fold लाइनअप का पहला 'अल्ट्रा' मॉडल। खुलने पर इसकी मोटाई सिर्फ 4.1 mm और वज़न 215 ग्राम है — जो इसे अब तक का सबसे पतला Galaxy Z Fold बनाता है । 8-इंच का अंदरूनी फोल्डेबल AMOLED 3,000 nits पीक ब्राइटनेस और एंटी-रिफ्लेक्टिव फिनिश के साथ आता है, और 6.5-इंच का कवर डिस्प्ले है
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क्लैमशेल फोल्डेबल अब तक का सबसे हल्का और पतला Flip है — 180 ग्राम और खुलने पर 6.1 mm। इसमें 6.9-इंच Dynamic LTPO AMOLED 2X (FHD+, 1–120Hz) इंटरनल डिस्प्ले और नया 4.1-इंच FlexWindow कवर डिस्प्ले है । खास बात: Fold मॉडलों के Snapdragon के विपरीत, Z Flip8 में Samsung का अपना Exynos 2600 (2 nm) चिपसेट है
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तीनों मॉडलों में Samsung की सिलिकॉन-कार्बन बैटरी तकनीक है, जो एनर्जी डेंसिटी बढ़ाती है और शानदार दैनिक बैटरी लाइफ देती है। Tom's Guide के टेस्ट में Z Fold8 Ultra ने 14 घंटे 9 मिनट का बैटरी बैकअप दिया — Z Fold7 से 31.8% ज़्यादा । लेकिन EU के EPREL डेटाबेस में दर्ज जानकारी के अनुसार, तीनों फोन की बैटरी सिर्फ 1,200 चार्ज साइकिल के बाद 80% क्षमता तक गिर जाती है
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यह पिछले मॉडलों की तुलना में बड़ी कमी है। पिछले Galaxy Z Fold और Z Flip मॉडल आमतौर पर 2,000 साइकिल तक रेटेड थे, यानी नई बैटरी की उम्र करीब 40% कम हो सकती है । Samsung ने अभी तक इन मॉडलों के लिए बैटरी डिग्रेडेशन पर कोई आधिकारिक बयान या वारंटी कवरेज की जानकारी नहीं दी है
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इस विवाद ने अर्ली एडॉप्टर्स और टेक कमेंटेटर्स में नाराज़गी पैदा कर दी है। उनका कहना है कि बेहतर दैनिक बैटरी लाइफ और फास्ट चार्जिंग की कीमत लंबी अवधि की बैटरी लाइफ पर पड़ी है, और Samsung को लॉन्च के समय ही इस ट्रेड-ऑफ को स्पष्ट करना चाहिए था ।