इस आकाशगंगा की सबसे खास बात इसकी विषमता है: एक तरफ इसका किनारा गोल और साफ तौर पर परिभाषित है, जबकि दूसरी तरफ से एक लंबी गैस की पूंछ निकल रही है, जो हबल के दृश्य क्षेत्र से भी परे तक फैली हुई है । यह 'एकतरफा सर्पिल' (one-sided spiral) नासा द्वारा जारी इस तस्वीर की मुख्य पहचान है ।
1. रैम प्रेशर स्ट्रिपिंग (Ram-pressure stripping): जैसे ही NGC 4654 कन्या समूह के गर्म, दुर्लभ अंतराक्लस्टर माध्यम (intracluster medium) से उच्च गति से गुज़र रही है, यह माध्यम आकाशगंगा पर दबाव डालता है और उसकी गैस को बाहर निकालता है, जिससे एक लंबी गैसीय पूंछ बनती है । यह वही प्रक्रिया है जो कन्या समूह की कई घनी आबादी वाली आकाशगंगाओं को प्रभावित करती है ।
2. गुरुत्वाकर्षण टक्कर (Gravitational tidal interaction): NGC 4654 का अपने पड़ोसी विशाल आकाशगंगा NGC 4639 के साथ एक करीबी मुठभेड़ हुआ था । इस फ्लाई-बाई गुरुत्वाकर्षण संपर्क ने आकाशगंगा के तारों और गैस के वितरण को विकृत कर दिया, जिससे पदार्थ असममित रूप से खिंच गया ।
महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें से कोई भी प्रक्रिया अकेले NGC 4654 की पूरी विषमता की व्याख्या नहीं कर सकती। संख्यात्मक सिमुलेशन (Numerical simulations) ने दिखाया है कि केवल वही मॉडल, जो दोनों प्रक्रियाओं (गुरुत्वाकर्षण टक्कर और रैम प्रेशर स्ट्रिपिंग) को जोड़ता है, देखे गए डेटा को पुन: उत्पन्न कर सकता है ।
24 जुलाई 2026 की इस तस्वीर को बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया डेटा हबल के एक विशेष अवलोकन कार्यक्रम से आया है, जो पास की आकाशगंगाओं में तारा निर्माण (star formation) और तारकीय फीडबैक चक्र (stellar feedback cycle) का अध्ययन करता है । यह कार्यक्रम युवा तारकीय आबादी और आयनित गैस का पता लगाने के लिए हबल की पराबैंगनी (ultraviolet) और ऑप्टिकल (optical) क्षमताओं का उपयोग करता है ।
इसके अलावा, NGC 4654 के बहु-तरंग दैर्ध्य (multi-wavelength) अध्ययनों ने रेडियो कंटीन्यूम और एचआई (HI) के लिए वीएलए (VLA) के साथ-साथ आणविक गैस और परमाणु हाइड्रोजन के मानचित्रण के लिए एएलएमए (ALMA) और हर्शेल (Herschel) के डेटा का उपयोग किया है ।
एक 2021 के अध्ययन ने विशेष रूप से NGC 4654 का विश्लेषण किया और पाया कि गैस के संपीड़न (compression) के क्षेत्र में तारा निर्माण की दक्षता अधिक है, भले ही वहां आणविक गैस का अनुपात कम हो । इससे पता चलता है कि अंतराक्लस्टर माध्यम के दबाव के कारण कम धातु वाली गैस का प्रवाह तारा निर्माण को बढ़ावा दे सकता है ।
एक साथ, ये डेटा शोधकर्ताओं को आकाशगंगा के असममित गैस वितरण और गतिशीलता से सीधे तारा निर्माण के स्थानों और दरों तक एक रेखा खींचने की अनुमति देते हैं ।