दुनिया की सबसे बड़ी स्टाफिंग कंपनियों Adecco Group और ManpowerGroup की रिसर्च साफ कहती है कि AI से भारी बेरोज़गारी का खतरा नहीं है। BCG और S&P Global के डेटा भी यही बताते हैं। AI अब छंटनी का सबसे बड़ा बहाना बन गया है: मई 2026 में लगभग 97,000 नौकरियों में से 40% को AI से जोड़ा गया। लेकिन असल वजह कमज़ोर मांग, कौशल की...
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दुनिया की सबसे बड़ी स्टाफिंग कंपनियों Adecco Group और ManpowerGroup की रिसर्च साफ कहती है कि AI से भारी बेरोज़गारी का खतरा नहीं है। BCG और S&P Global के डेटा भी यही बताते हैं।
AI अब छंटनी का सबसे बड़ा बहाना बन गया है: मई 2026 में लगभग 97,000 नौकरियों में से 40% को AI से जोड़ा गया। लेकिन असल वजह कमज़ोर मांग, कौशल की कमी और वित्तीय दबाव है, न कि AI का वास्तविक इस्तेमाल।
सबसे बड़ा संकट बेरोज़गारी नहीं, बल्कि नेतृत्व और कौशल विकास का अंतर है: केवल 3% संगठन अपने नेताओं को AI के लिए तैयार मानते हैं, और 56% कर्मचारियों को कोई ट्रेनिंग नहीं दी जा रही।
Search & fact-check with cited sources for According to recent studies from Adecco Group and ManpowerGroup, what is the current evidence regMajor staffing firms and independent researchers converge on the same finding: AI is reshaping work, not eliminating it.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Search & fact-check with cited sources for According to recent studies from Adecco Group and ManpowerGroup, what is the current evidence reg. Article summary: Here are the key findings from the most recent Adecco Group and ManpowerGroup studies, along with corroborating independent research.. Topic tags: general, general web, user generated, news. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, icons, and tiny thumbnail layouts. Make it usef
openai.com
पिछले कुछ सालों से एक डर लगातार हावी है — AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) लाखों नौकरियां खत्म कर देगा। लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी स्टाफिंग कंपनियों Adecco Group और ManpowerGroup की ताज़ा रिसर्च, साथ ही S&P Global, BCG, ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स और हार्वर्ड बिज़नेस रिव्यू के स्वतंत्र अध्ययन, इस कहानी से कहीं ज़्यादा बारीक तस्वीर पेश करते हैं: AI से बेरोज़गारी नहीं बढ़ रही, लेकिन यह काम के तरीके को बदल रहा है, छंटनी का नया बहाना बन रहा है, और संगठनों की तैयारी में एक खतरनाक खाई को उजागर कर रहा है।
AI से बेरोज़गारी का कोई सबूत नहीं
दुनिया की सबसे बड़ी स्टाफिंग फर्म Adecco Group ने 23 जुलाई 2026 को एक अध्ययन जारी किया जिसमें निष्कर्ष निकाला गया कि AI से वैश्विक रोज़गार में गिरावट नहीं आएगी । CEO डेनिस मैचुएल का कहना है कि AI नौकरियां खत्म करने की बजाय कार्यों और भूमिकाओं को बदल रहा है, जिसमें ऑफिस की एंट्री-लेवल नौकरियां सबसे अधिक प्रभावित हो रही हैं । उन्होंने "जॉब अपोकैलिप्स" के विचार को "बिल्कुल बकवास" बताया है ।
Studio Global AI
अपना शोध जारी रखें
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"AI से बेरोज़गारी नहीं बढ़ रही, डेटा क्या कहता है?" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
दुनिया की सबसे बड़ी स्टाफिंग कंपनियों Adecco Group और ManpowerGroup की रिसर्च साफ कहती है कि AI से भारी बेरोज़गारी का खतरा नहीं है। BCG और S&P Global के डेटा भी यही बताते हैं।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
दुनिया की सबसे बड़ी स्टाफिंग कंपनियों Adecco Group और ManpowerGroup की रिसर्च साफ कहती है कि AI से भारी बेरोज़गारी का खतरा नहीं है। BCG और S&P Global के डेटा भी यही बताते हैं। AI अब छंटनी का सबसे बड़ा बहाना बन गया है: मई 2026 में लगभग 97,000 नौकरियों में से 40% को AI से जोड़ा गया। लेकिन असल वजह कमज़ोर मांग, कौशल की कमी और वित्तीय दबाव है, न कि AI का वास्तविक इस्तेमाल।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
सबसे बड़ा संकट बेरोज़गारी नहीं, बल्कि नेतृत्व और कौशल विकास का अंतर है: केवल 3% संगठन अपने नेताओं को AI के लिए तैयार मानते हैं, और 56% कर्मचारियों को कोई ट्रेनिंग नहीं दी जा रही।
दुनिया की सबसे बड़ी स्टाफिंग कंपनियों Adecco Group और ManpowerGroup की रिसर्च साफ कहती है कि AI से भारी बेरोज़गारी का खतरा नहीं है। BCG और S&P Global के डेटा भी यही बताते हैं। AI अब छंटनी का सबसे बड़ा बहाना बन गया है: मई 2026 में लगभग 97,000 नौकरियों में से 40% को AI से जोड़ा गया। लेकिन असल वजह कमज़ोर मांग, कौशल की...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Flash से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
दुनिया की सबसे बड़ी स्टाफिंग कंपनियों Adecco Group और ManpowerGroup की रिसर्च साफ कहती है कि AI से भारी बेरोज़गारी का खतरा नहीं है। BCG और S&P Global के डेटा भी यही बताते हैं।
AI अब छंटनी का सबसे बड़ा बहाना बन गया है: मई 2026 में लगभग 97,000 नौकरियों में से 40% को AI से जोड़ा गया। लेकिन असल वजह कमज़ोर मांग, कौशल की कमी और वित्तीय दबाव है, न कि AI का वास्तविक इस्तेमाल।
सबसे बड़ा संकट बेरोज़गारी नहीं, बल्कि नेतृत्व और कौशल विकास का अंतर है: केवल 3% संगठन अपने नेताओं को AI के लिए तैयार मानते हैं, और 56% कर्मचारियों को कोई ट्रेनिंग नहीं दी जा रही।
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पिछले कुछ सालों से एक डर लगातार हावी है — AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) लाखों नौकरियां खत्म कर देगा। लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी स्टाफिंग कंपनियों Adecco Group और ManpowerGroup की ताज़ा रिसर्च, साथ ही S&P Global, BCG, ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स और हार्वर्ड बिज़नेस रिव्यू के स्वतंत्र अध्ययन, इस कहानी से कहीं ज़्यादा बारीक तस्वीर पेश करते हैं: AI से बेरोज़गारी नहीं बढ़ रही, लेकिन यह काम के तरीके को बदल रहा है, छंटनी का नया बहाना बन रहा है, और संगठनों की तैयारी में एक खतरनाक खाई को उजागर कर रहा है।
AI से बेरोज़गारी का कोई सबूत नहीं
दुनिया की सबसे बड़ी स्टाफिंग फर्म Adecco Group ने 23 जुलाई 2026 को एक अध्ययन जारी किया जिसमें निष्कर्ष निकाला गया कि AI से वैश्विक रोज़गार में गिरावट नहीं आएगी । CEO डेनिस मैचुएल का कहना है कि AI नौकरियां खत्म करने की बजाय कार्यों और भूमिकाओं को बदल रहा है, जिसमें ऑफिस की एंट्री-लेवल नौकरियां सबसे अधिक प्रभावित हो रही हैं । उन्होंने "जॉब अपोकैलिप्स" के विचार को "बिल्कुल बकवास" बताया है ।
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"AI से बेरोज़गारी नहीं बढ़ रही, डेटा क्या कहता है?" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
दुनिया की सबसे बड़ी स्टाफिंग कंपनियों Adecco Group और ManpowerGroup की रिसर्च साफ कहती है कि AI से भारी बेरोज़गारी का खतरा नहीं है। BCG और S&P Global के डेटा भी यही बताते हैं।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
दुनिया की सबसे बड़ी स्टाफिंग कंपनियों Adecco Group और ManpowerGroup की रिसर्च साफ कहती है कि AI से भारी बेरोज़गारी का खतरा नहीं है। BCG और S&P Global के डेटा भी यही बताते हैं। AI अब छंटनी का सबसे बड़ा बहाना बन गया है: मई 2026 में लगभग 97,000 नौकरियों में से 40% को AI से जोड़ा गया। लेकिन असल वजह कमज़ोर मांग, कौशल की कमी और वित्तीय दबाव है, न कि AI का वास्तविक इस्तेमाल।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
सबसे बड़ा संकट बेरोज़गारी नहीं, बल्कि नेतृत्व और कौशल विकास का अंतर है: केवल 3% संगठन अपने नेताओं को AI के लिए तैयार मानते हैं, और 56% कर्मचारियों को कोई ट्रेनिंग नहीं दी जा रही।
ManpowerGroup स्वतंत्र रूप से इसी नतीजे पर पहुंचता है। उसकी "ह्यूमन एज 2026 ग्लोबल ट्रेंड्स रिपोर्ट" कहती है कि हालांकि कुछ नौकरियां अप्रचलित हो सकती हैं, लेकिन कई और नौकरियों को इंसानों और AI की ताकतों को मिलाकर फिर से डिज़ाइन किया जाएगा । फर्म का पिछला 2024 का डेटा दिखाता है कि 55% नियोक्ता AI अपनाने के कारण अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की उम्मीद कर रहे हैं। ब्रिटेन के एक सर्वे में केवल 10% नियोक्ता ही AI से हेडकाउंट कम कर रहे थे ।
स्वतंत्र स्रोतों से मिलते-जुलते सबूत इस तस्वीर को और मज़बूत करते हैं:
S&P Global के 2026 के विश्लेषण में पाया गया कि उद्यमों में AI के उद्देश्य प्रक्रिया दक्षता (64%) और कर्मचारी उत्पादकता (59%) को प्राथमिकता देते हैं, न कि हेडकाउंट में कटौती (24%) को ।
2022 और 2025 के बीच दुनिया भर में 19 लाख नई AI-संबंधित नौकरियां सृजित हुईं ।
BCG का अनुमान है कि अगले 2-3 वर्षों में अमेरिका की 50-55% नौकरियां AI द्वारा नया रूप लेंगी, समाप्त नहीं होंगी। पूर्ण प्रतिस्थापन बहुत धीमा होगा, पांच साल बाद अमेरिका की केवल 10-15% नौकरियां समाप्त हो सकती हैं ।
ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स ने जनवरी 2026 में पाया कि "फर्में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को AI से बदल नहीं रही हैं" ।
कंपनियां AI को छंटनी का बहाना बना रही हैं — असली वजह अलग है
इस सबूत के बावजूद कि AI से बड़े पैमाने पर नौकरियां नहीं जा रही हैं, यह नंबर एक कारण बन गया है जिसका हवाला कंपनियां नौकरियां काटने के लिए देती हैं।
मई 2026 में अमेरिकी नियोक्ताओं ने लगभग 97,000 नौकरियों में कटौती की घोषणा की; उनमें से लगभग 40% को सीधे AI से जोड़ा गया।
2026 की पहली तिमाही में टेक सेक्टर में 78,557 छंटनी हुई, जिनमें से 47.9% के लिए AI को जिम्मेदार ठहराया गया।
हालांकि, जब अधिकारी और शोधकर्ता गहराई से देखते हैं, तो एक अलग कहानी सामने आती है:
Adecco के CEO डेनिस मैचुएल बताते हैं कि असली कारण अक्सर अलग होते हैं: खराब वित्तीय नतीजे, AI के आसपास का अटकलबाज़ी का उत्साह, और दूसरे कारक। केवल 1.4% छंटनी किए गए कर्मचारियों को वास्तव में सीधे AI से बदला गया था ।
ManpowerGroup ने दिसंबर 2025 में कहा था कि कमज़ोर मांग, आर्थिक बाधाएं और कौशल की कमी, AI से ज़्यादा नुकसान पहुंचा रही हैं ।
हार्वर्ड बिज़नेस रिव्यू के 1,006 वैश्विक अधिकारियों के सर्वेक्षण (जनवरी 2026) ने पुष्टि की कि छंटनी अक्सर AI की क्षमता से प्रेरित होती है, न कि इसके वास्तविक प्रदर्शन से ।
S&P Global ने नोट किया कि 90% से अधिक प्रबंधकों ने बताया कि AI का उनकी फर्म के रोज़गार स्तर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा ।
पैटर्न साफ है: AI छंटनी के लिए एक सुविधाजनक सार्वजनिक तर्क के रूप में काम करता है, जबकि गहरे कारण वित्तीय दबाव, पुनर्गठन और कौशल की कमी है।
नेतृत्व की तैयारी और अपस्किलिंग का संकट
Adecco Group और ManpowerGroup दोनों ही AI निवेश और संगठनात्मक क्षमता के बीच बढ़ती खाई को पहचानते हैं। यह आज कारोबार के लिए सबसे गंभीर चुनौती है।
Adecco Group के निष्कर्ष
मई 2026 में 13 देशों के 2,000 सी-सूट अधिकारियों के अध्ययन में पाया गया:
नेताओं की AI अपनाने की गति और श्रमिकों की भविष्य की धारणा के बीच 15-पॉइंट का अंतर।
केवल 22% नेताओं को पूरा भरोसा है कि उनका कार्यबल AI के लिए तैयार है ।
केवल 51% नेताओं को भरोसा है कि उनकी नेतृत्व टीम में AI जोखिमों और अवसरों को समझने के लिए पर्याप्त कौशल है ।
LHH, Adecco का टैलेंट डिवीज़न, पाता है कि AI #1 कार्यकारी कौशल अंतर है, जहां उच्च-टर्नओवर वाली नेतृत्व टीमें 43% से घटकर 19% हो गई हैं, लेकिन AI योग्यता कमज़ोर बनी हुई है ।
87% HR लीडर्स ने बताया कि उनके संगठन ने अगले 12 महीनों में छंटनी की है या योजना बना रहे हैं, जो मुख्य रूप से कौशल की कमी के कारण है, न कि AI के कारण ।
ManpowerGroup के निष्कर्ष
ManpowerGroup के 2026 ग्लोबल टैलेंट बैरोमीटर (19 देशों में लगभग 14,000 कर्मचारी) एक चिंताजनक विरोधाभास दिखाता है:
AI का उपयोग 13 अंक बढ़कर 45% कर्मचारियों तक पहुंच गया, फिर भी प्रौद्योगिकी में विश्वास 18% गिर गया।
43% कर्मचारियों को डर है कि ऑटोमेशन दो साल के भीतर उनकी नौकरी ले लेगा ।
केवल 3% संगठन कहते हैं कि उनके नेता AI-सक्षम टीमों का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं ।
78% संगठन रिपोर्ट करते हैं कि कर्मचारियों को नौकरी जाने का डर है ।
ManpowerGroup का 2026 टैलेंट शॉर्टेज सर्वे (41 देशों में 39,000 नियोक्ता) पाता है कि 72% को भूमिकाएं भरने में कठिनाई हो रही है, पहली बार AI कौशल ने इंजीनियरिंग को पीछे छोड़ दिया है ।
वैश्विक कार्यबल का 56% रिपोर्ट करता है कि उनके कौशल तकनीकी परिवर्तन के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं ।
मुख्य चुनौती: निवेश पर क्षमता की कमी
संगठन AI में भारी निवेश कर रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों को समान गति से अपस्किल करने में विफल हो रहे हैं, जिससे विश्वास की कमी और नेतृत्व का शून्य पैदा हो रहा है । Adecco और ManpowerGroup दोनों इस बात पर जोर देते हैं कि AI से जुड़े सभी कर्मचारियों के लिए अपस्किलिंग अनिवार्य हो गई है, और नैतिक निर्णय, ग्राहक सेवा और टीम प्रबंधन कौशल को ऑटोमेट करना सबसे कठिन है ।
ManpowerGroup की वैश्विक अंतर्दृष्टि की VP मारा स्टीफ़न ने इसे सीधे शब्दों में कहा: "AI को अपनाना तेज़ हो रहा है, लेकिन विश्वास ढह रहा है। कर्मचारियों को बिना प्रशिक्षण, संदर्भ या समर्थन के उपकरण दिए जा रहे हैं" ।
सबूत साफ है: AI से सबसे बड़ा जोखिम बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी नहीं है — यह नेतृत्व की विफलता है जो पहले से चल रहे परिवर्तन के लिए कार्यबल को तैयार नहीं कर पा रही है।
manpowergroup.co.ukPEOPLE POWER TOPS AI IN LATEST RESEARCH AS ...
ManpowerGroup स्वतंत्र रूप से इसी नतीजे पर पहुंचता है। उसकी "ह्यूमन एज 2026 ग्लोबल ट्रेंड्स रिपोर्ट" कहती है कि हालांकि कुछ नौकरियां अप्रचलित हो सकती हैं, लेकिन कई और नौकरियों को इंसानों और AI की ताकतों को मिलाकर फिर से डिज़ाइन किया जाएगा । फर्म का पिछला 2024 का डेटा दिखाता है कि 55% नियोक्ता AI अपनाने के कारण अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की उम्मीद कर रहे हैं। ब्रिटेन के एक सर्वे में केवल 10% नियोक्ता ही AI से हेडकाउंट कम कर रहे थे ।
स्वतंत्र स्रोतों से मिलते-जुलते सबूत इस तस्वीर को और मज़बूत करते हैं:
S&P Global के 2026 के विश्लेषण में पाया गया कि उद्यमों में AI के उद्देश्य प्रक्रिया दक्षता (64%) और कर्मचारी उत्पादकता (59%) को प्राथमिकता देते हैं, न कि हेडकाउंट में कटौती (24%) को ।
2022 और 2025 के बीच दुनिया भर में 19 लाख नई AI-संबंधित नौकरियां सृजित हुईं ।
BCG का अनुमान है कि अगले 2-3 वर्षों में अमेरिका की 50-55% नौकरियां AI द्वारा नया रूप लेंगी, समाप्त नहीं होंगी। पूर्ण प्रतिस्थापन बहुत धीमा होगा, पांच साल बाद अमेरिका की केवल 10-15% नौकरियां समाप्त हो सकती हैं ।
ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स ने जनवरी 2026 में पाया कि "फर्में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को AI से बदल नहीं रही हैं" ।
कंपनियां AI को छंटनी का बहाना बना रही हैं — असली वजह अलग है
इस सबूत के बावजूद कि AI से बड़े पैमाने पर नौकरियां नहीं जा रही हैं, यह नंबर एक कारण बन गया है जिसका हवाला कंपनियां नौकरियां काटने के लिए देती हैं।
मई 2026 में अमेरिकी नियोक्ताओं ने लगभग 97,000 नौकरियों में कटौती की घोषणा की; उनमें से लगभग 40% को सीधे AI से जोड़ा गया।
2026 की पहली तिमाही में टेक सेक्टर में 78,557 छंटनी हुई, जिनमें से 47.9% के लिए AI को जिम्मेदार ठहराया गया।
हालांकि, जब अधिकारी और शोधकर्ता गहराई से देखते हैं, तो एक अलग कहानी सामने आती है:
Adecco के CEO डेनिस मैचुएल बताते हैं कि असली कारण अक्सर अलग होते हैं: खराब वित्तीय नतीजे, AI के आसपास का अटकलबाज़ी का उत्साह, और दूसरे कारक। केवल 1.4% छंटनी किए गए कर्मचारियों को वास्तव में सीधे AI से बदला गया था ।
ManpowerGroup ने दिसंबर 2025 में कहा था कि कमज़ोर मांग, आर्थिक बाधाएं और कौशल की कमी, AI से ज़्यादा नुकसान पहुंचा रही हैं ।
हार्वर्ड बिज़नेस रिव्यू के 1,006 वैश्विक अधिकारियों के सर्वेक्षण (जनवरी 2026) ने पुष्टि की कि छंटनी अक्सर AI की क्षमता से प्रेरित होती है, न कि इसके वास्तविक प्रदर्शन से ।
S&P Global ने नोट किया कि 90% से अधिक प्रबंधकों ने बताया कि AI का उनकी फर्म के रोज़गार स्तर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा ।
पैटर्न साफ है: AI छंटनी के लिए एक सुविधाजनक सार्वजनिक तर्क के रूप में काम करता है, जबकि गहरे कारण वित्तीय दबाव, पुनर्गठन और कौशल की कमी है।
नेतृत्व की तैयारी और अपस्किलिंग का संकट
Adecco Group और ManpowerGroup दोनों ही AI निवेश और संगठनात्मक क्षमता के बीच बढ़ती खाई को पहचानते हैं। यह आज कारोबार के लिए सबसे गंभीर चुनौती है।
Adecco Group के निष्कर्ष
मई 2026 में 13 देशों के 2,000 सी-सूट अधिकारियों के अध्ययन में पाया गया:
नेताओं की AI अपनाने की गति और श्रमिकों की भविष्य की धारणा के बीच 15-पॉइंट का अंतर।
केवल 22% नेताओं को पूरा भरोसा है कि उनका कार्यबल AI के लिए तैयार है ।
केवल 51% नेताओं को भरोसा है कि उनकी नेतृत्व टीम में AI जोखिमों और अवसरों को समझने के लिए पर्याप्त कौशल है ।
LHH, Adecco का टैलेंट डिवीज़न, पाता है कि AI #1 कार्यकारी कौशल अंतर है, जहां उच्च-टर्नओवर वाली नेतृत्व टीमें 43% से घटकर 19% हो गई हैं, लेकिन AI योग्यता कमज़ोर बनी हुई है ।
87% HR लीडर्स ने बताया कि उनके संगठन ने अगले 12 महीनों में छंटनी की है या योजना बना रहे हैं, जो मुख्य रूप से कौशल की कमी के कारण है, न कि AI के कारण ।
ManpowerGroup के निष्कर्ष
ManpowerGroup के 2026 ग्लोबल टैलेंट बैरोमीटर (19 देशों में लगभग 14,000 कर्मचारी) एक चिंताजनक विरोधाभास दिखाता है:
AI का उपयोग 13 अंक बढ़कर 45% कर्मचारियों तक पहुंच गया, फिर भी प्रौद्योगिकी में विश्वास 18% गिर गया।
43% कर्मचारियों को डर है कि ऑटोमेशन दो साल के भीतर उनकी नौकरी ले लेगा ।
केवल 3% संगठन कहते हैं कि उनके नेता AI-सक्षम टीमों का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं ।
78% संगठन रिपोर्ट करते हैं कि कर्मचारियों को नौकरी जाने का डर है ।
ManpowerGroup का 2026 टैलेंट शॉर्टेज सर्वे (41 देशों में 39,000 नियोक्ता) पाता है कि 72% को भूमिकाएं भरने में कठिनाई हो रही है, पहली बार AI कौशल ने इंजीनियरिंग को पीछे छोड़ दिया है ।
वैश्विक कार्यबल का 56% रिपोर्ट करता है कि उनके कौशल तकनीकी परिवर्तन के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं ।
मुख्य चुनौती: निवेश पर क्षमता की कमी
संगठन AI में भारी निवेश कर रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों को समान गति से अपस्किल करने में विफल हो रहे हैं, जिससे विश्वास की कमी और नेतृत्व का शून्य पैदा हो रहा है । Adecco और ManpowerGroup दोनों इस बात पर जोर देते हैं कि AI से जुड़े सभी कर्मचारियों के लिए अपस्किलिंग अनिवार्य हो गई है, और नैतिक निर्णय, ग्राहक सेवा और टीम प्रबंधन कौशल को ऑटोमेट करना सबसे कठिन है ।
ManpowerGroup की वैश्विक अंतर्दृष्टि की VP मारा स्टीफ़न ने इसे सीधे शब्दों में कहा: "AI को अपनाना तेज़ हो रहा है, लेकिन विश्वास ढह रहा है। कर्मचारियों को बिना प्रशिक्षण, संदर्भ या समर्थन के उपकरण दिए जा रहे हैं" ।
सबूत साफ है: AI से सबसे बड़ा जोखिम बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी नहीं है — यह नेतृत्व की विफलता है जो पहले से चल रहे परिवर्तन के लिए कार्यबल को तैयार नहीं कर पा रही है।
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