यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब चीन में Nike का कारोबार लगातार दबाव में है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में Greater China की बिक्री स्थिर विनिमय दर के आधार पर 17% घट गई। यह इस क्षेत्र में लगातार छठी तिमाही की गिरावट थी । Nike के CEO Elliott Hill ने चीन को कंपनी की टर्नअराउंड योजना का “सबसे लंबा रास्ता” कहा है ।
Nike का कहना है कि चीन में उसका ऑनलाइन कारोबार जरूरत से ज्यादा बिखर गया था। कंपनी की ऑनलाइन मौजूदगी में 1,000 से अधिक डिजिटल स्टोरफ्रंट थे, जिनमें कई उसके फिजिकल रिटेल साझेदार चलाते थे। अलग-अलग स्टोरों पर कीमतों, प्रमोशन और उत्पाद प्रस्तुति में अंतर था। भारी छूट से Nike की प्रीमियम ब्रांड छवि भी प्रभावित हुई ।
Greater China की प्रमुख Cathy Sparks ने इस बाजार को “बहुत अव्यवस्थित” और “बिखरा हुआ” बताते हुए ऑनलाइन व्यवस्था को समेटने की जरूरत पर जोर दिया । वितरकों को ऑनलाइन बिक्री से हटाकर Nike कीमतों, उत्पादों की प्रस्तुति और ग्राहक डेटा पर अधिक सीधा नियंत्रण हासिल करना चाहता है । BNP Paribas की विश्लेषक रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलाव का एक मुख्य उद्देश्य अनधिकृत छूट को रोकना है, जिसने ब्रांड इक्विटी को नुकसान पहुंचाया ।
निष्कर्ष: ब्रांड कंट्रोल के लिहाज से यह कदम सकारात्मक हो सकता है, लेकिन इसे लागू करना आसान नहीं होगा।
यह पुनर्गठन Nike की बिक्री में पहले से जारी कमजोरी के बीच हो रहा है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कुल राजस्व में कम से मध्यम एकल-अंकीय प्रतिशत गिरावट का अनुमान दिया है । चीन के लिए इस बदलाव का अलग से कोई सटीक वित्तीय अनुमान Nike ने जारी नहीं किया है।
BNP Paribas की एक विश्लेषक रिपोर्ट ने अनुमान लगाया कि ऑनलाइन वितरण ढांचे में बदलाव से Nike के राजस्व पर 50 करोड़ से 100 करोड़ डॉलर तक का असर पड़ सकता है । हालांकि, यह अनुमान एक चीनी मीडिया रिपोर्ट के हवाले पर आधारित है और Nike का आधिकारिक मार्गदर्शन नहीं है। इसलिए यह दायरा संभावित जरूर है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है ।
Nike की रणनीति इस धारणा पर आधारित है कि कंपनी अपने आधिकारिक डिजिटल चैनलों के जरिए वितरकों से खोया कुछ थोक कारोबार वापस हासिल कर सकेगी। कमजोर ब्रांड मोमेंटम, घटती मांग और घरेलू प्रतिस्पर्धा को देखते हुए विश्लेषकों को नहीं लगता कि यह भरपाई जल्दी होगी ।
दोनों वितरकों को Nike उत्पादों की ऑफलाइन बिक्री का अधिकार बरकरार रहेगा। बदलाव मुख्य रूप से उनके ऑनलाइन चैनलों पर लागू होगा, जो चीन के तेजी से बढ़ते डिजिटल रिटेल बाजार का अहम हिस्सा हैं।
Nike की चीन में घरेलू प्रतिद्वंद्वियों से प्रतिस्पर्धा कठिन होती जा रही है। Anta बाजार हिस्सेदारी में Nike से आगे निकल चुका है और Li Ning ने भी बढ़त बनाई है । Bloomberg की टिप्पणी के अनुसार, Nike शायद चीन में फिर से शीर्ष स्थान हासिल न कर पाए ।
| कारक | Nike पर संभावित असर |
|---|---|
| वितरकों की ऑनलाइन इन्वेंटरी हटना | चैनल संघर्ष और अनधिकृत छूट घट सकती है, लेकिन कुल ऑनलाइन पहुंच भी कम होगी |
| Anta और Li Ning की बढ़त | स्थानीय कंपनियां तेज फैसलों और स्थानीय उपभोक्ता जरूरतों के अनुरूप उत्पादों से लाभ उठा सकती हैं |
| रिटेल साझेदारों पर दबाव | Topsports और Pou Sheng अपने स्टोर स्पेस व मार्केटिंग को अन्य ब्रांडों की ओर मोड़ सकते हैं |
| कीमतों पर सख्त नियंत्रण | प्रीमियम छवि सुधर सकती है, लेकिन बिक्री की मात्रा घटने का जोखिम रहेगा |
हजारों ऑनलाइन स्टोर बंद होने से Nike की दृश्यता और खरीदारी की सुविधा कम हो सकती है। ऐसे में उपभोक्ता Anta और Li Ning जैसे ब्रांडों की ओर और तेजी से जा सकते हैं, इससे पहले कि Nike को अपनी प्रीमियम ब्रांड रणनीति का लाभ मिले ।
निष्कर्ष: निकट अवधि में असर तटस्थ से नकारात्मक दिखता है; लंबी अवधि का परिणाम इस बात पर निर्भर करेगा कि Nike आधिकारिक चैनलों पर ग्राहकों और बिक्री को कितनी तेजी से वापस ला पाता है।
इस घटनाक्रम से Nike और उसके साझेदारों के बीच तनाव भी सामने आया:
दोनों कंपनियां ऑफलाइन कारोबार में Nike के साथ काम जारी रखेंगी, लेकिन ऑनलाइन बिक्री का हटना उनके लिए बड़ा कारोबारी झटका है।
कुल मिलाकर, Nike चीन में बिखरे हुए डिस्ट्रिब्यूशन मॉडल को समेटकर ब्रांड पर नियंत्रण वापस पाना चाहता है। लेकिन 17% बिक्री गिरावट, लगातार छह तिमाहियों की कमजोरी और Anta तथा Li Ning की बढ़त के बीच यह रणनीति एक जोखिमपूर्ण दांव है—जिसका फायदा लंबी अवधि में मिल सकता है, पर निकट अवधि में राजस्व और बाजार हिस्सेदारी पर दबाव बढ़ने की आशंका है।