खासियत: यह 9,000 मीटर तक की ऊँचाई पर उड़ सकता है। इसमें AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) लगा है, जो ऑटोमैटिक तरीके से हवाई लक्ष्यों को पहचान कर उन पर नज़र रख सकता है। इसकी रेंज 120 किमी (75 मील) तक है । इसमें 500 ग्राम का वारहेड लगा है और यह 15 मिनट तक हवा में रह सकता है
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विकास का समय: स्काईफॉल का कहना है कि उन्होंने इस तेज़ वर्ज़न पर काम सिर्फ़ तीन महीने पहले (अप्रैल 2026 के आसपास) शुरू किया था ।
युद्धक्षेत्र में परिणाम: कंपनी का दावा है कि इस ड्रोन को युद्ध में परीक्षण किया जा चुका है और इसने एक दर्जन से ज़्यादा जेट-इंजन शाहेद ड्रोन को गिरा दिया है ।
उत्पादन की योजना: स्काईफॉल अगस्त 2026 से इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने की योजना बना रहा है ।
यह क्या है: यह ब्रिटिश-यूक्रेनी कंपनी फायरबोल्ट इंजीनियरिंग द्वारा विकसित एक जेट-इंजन वाला फिक्स्ड-विंग इंटरसेप्टर ड्रोन है। यह पहला इंटरसेप्टर ड्रोन है जिसने युद्ध में रूसी शाहेद ड्रोन को मार गिराने की पुष्टि की है ।
खासियत: यह एक जेट-इंजन वाला फिक्स्ड-विंग ड्रोन है। यह 7,500 मीटर से ज़्यादा ऊँचाई पर उड़ सकता है और इसकी रेंज 120 किमी (75 मील) तक है। इसे एक ख़ास कैटापल्ट लॉन्चर की मदद से उड़ाया जाता है ।
विकास का समय: ग्रिफ़ेन एक संयुक्त यूक्रेनी-ब्रिटिश विकास प्रयास का नतीजा है, जो 2026 की पहली छमाही में परिपक्व हुआ और जुलाई तक ऑपरेशनल डिप्लॉयमेंट के लिए तैयार हो गया ।
युद्धक्षेत्र में परिणाम: 7 जुलाई, 2026 को फायरबोल्ट इंजीनियरिंग ने पहली बार ग्रिफ़ेन द्वारा यूक्रेन में एक शाहेद-प्रकार के ड्रोन (गेरान-2) को इंटरसेप्ट करने और मार गिराने की पुष्टि की । यह किसी जेट-इंजन वाले इंटरसेप्टर ड्रोन द्वारा शाहेद को मार गिराने का पहला ज्ञात उदाहरण है।
उत्पादन की योजना: फायरबोल्ट इंजीनियरिंग का लक्ष्य ग्रिफ़ेन को बड़े पैमाने पर उत्पादित करना और यूक्रेन के विशाल विमानक्षेत्र की सुरक्षा के लिए इसे तैनात करना है ।
ये दोनों सिस्टम सस्ते और बड़े पैमाने पर उत्पादित होने वाले इंटरसेप्टर की ओर एक जानबूझकर किए गए बदलाव को दर्शाते हैं। एक शाहेद ड्रोन को बनाने में करीब 20,000 डॉलर का खर्च आता है; इसे मार गिराने के लिए लाखों डॉलर की पैट्रियट मिसाइल का इस्तेमाल करना आर्थिक रूप से टिकाऊ नहीं है। यूक्रेन ने इस लागत की समस्या से बचने के लिए ख़ास तौर पर इंटरसेप्टर ड्रोन विकसित किए हैं ।
अब शाहेद के तेज़ वर्ज़न ने इन इंटरसेप्टर ड्रोनों को भी तेज़ होने पर मजबूर कर दिया है। जेटकिलर और ग्रिफ़ेन, रूस के जेट-इंजन अपग्रेड से पैदा हुई रफ़्तार की खाई को पाटने के लिए एक सीधा और तेज़ जवाब है ।