Deutsche Bank ने एल नीनो को एक "मल्टी-चैनल सप्लाई शॉक" (बहु-मार्गीय आपूर्ति झटका) करार दिया, जो कई अलग-अलग रास्तों से एक साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा :
Deutsche Bank ने स्पष्ट रूप से आगाह किया कि एक बहुत मजबूत एल नीनो ऐसे समय पर आ रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था के पास एक और सप्लाई शॉक को झेलने की "बहुत सीमित गुंजाइश" है । तीन प्रमुख कारकों की पहचान की गई:
चल रहा अमेरिका-ईरान युद्ध और तेल संकट – तेल की कीमतों का झटका पहले से ही जारी है, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अवरुद्ध होने से ऊर्जा और खाद्य कीमतों पर एक साथ दबाव बना हुआ है ।
महंगाई पहले से लक्ष्य से ऊपर – खाद्य और ऊर्जा की बढ़ी हुई कीमतें "यांत्रिक रूप से महंगाई बढ़ाएंगी," और व्यापक सप्लाई-चेन में व्यवधान पहले से ऊंची महंगाई के ऊपर और दबाव बनाएगा । जून 2026 के एक Deutsche Bank आउटलुक के अनुसार, वैश्विक हेडलाइन महंगाई 2026 में 3.8% रहने का अनुमान था, जिसमें अमेरिकी CPI (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) के 4.0% से ऊपर पहुंचने की संभावना थी ।
1970 के दशक के समानांतर – हेनरी एलन ने सीधे तौर पर 1970 के दशक से ऐतिहासिक तुलना की, जब तेल के झटके और एल नीनो ने मिलकर महंगाई को आसमान पर पहुंचा दिया था। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे महंगाई लंबी खिंच सकती है और ब्याज दरों में बढ़ोतरी हो सकती है ।
Deutsche Bank की चेतावनी ऐसे समय में आई है जब कई अन्य संगठन भी इसी तरह के अलार्म बजा रहे हैं। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) पहले ही एल नीनो को सप्लाई चेन के लिए एक प्रणालीगत जोखिम बता चुका है । फॉर्च्यून (Fortune) पत्रिका ने रिपोर्ट किया कि रिकॉर्ड पर सबसे शक्तिशाली एल नीनो में से एक ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को 5.7 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान पहुंचाया था, और 2026 का चक्र उससे भी अधिक मजबूत हो सकता है । संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी पूर्वानुमान लगाया कि एल नीनो और तीव्र होगा, जिससे चरम मौसम की घटनाओं की संभावना बढ़ जाएगी ।
चीन ने एल नीनो के आगमन से पहले ही अपने तटीय शहरों में टाइफून से बचाव का प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया था । संभावित रिकॉर्ड एल नीनो और मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध (जो पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य को अवरुद्ध कर चुका है) का संयोजन ऐसी स्थिति पैदा कर रहा है जिसे विश्लेषक वैश्विक महंगाई और सप्लाई चेन की स्थिरता के लिए एक अद्वितीय रूप से खतरनाक क्षण बता रहे हैं ।