यह ट्रेंड तेज़ी से फैल रहा है। 2025-2026 के बीच Google पर इस शब्द की खोज में 5,000% की उछाल आई है। एक सर्वे के मुताबिक, अमेरिका के 26% वयस्कों और जेन Z (Gen Z) के लगभग 49% लोगों ने डेटिंग के लिए AI की मदद ली है — प्रोफाइल बायो लिखने से लेकर पूरे मैसेज तैयार करने तक ।
यह धोखा बुनियादी तौर पर अलग है। कैटफिशिंग पहचान (Identity) की चोरी है, जबकि चैटफिशिंग एल्गोरिदम के ज़रिए व्यक्तित्व (Personality) की चोरी है ।
| पहलू | पारंपरिक कैटफिशिंग | चैटफिशिंग |
|---|---|---|
| पहचान (Identity) | पूरी तरह से नकली (चुराई फोटो, झूठा नाम, झूठी जानकारी) | असली पहचान और फोटो — लेकिन मैसेज AI से लिखे |
| धोखे का प्रकार | तथ्यात्मक (Factual) धोखा: कोई और होने का दिखावा | व्यक्तित्व और प्रामाणिकता (Authenticity) का धोखा |
| पकड़ने में कठिनाई | अपेक्षाकृत आसान (फोटो रिवर्स सर्च, असंगतियां) | बहुत मुश्किल — आप एक असली इंसान से बात कर रहे लगते हैं, जो खुद जैसा नहीं लगता |
| नतीजा | अक्सर पैसे ठगने के लिए रोमांस स्कैम | आमतौर पर रोमांटिक/यौन सफलता के लिए; असल मुलाकात में अजीबोगरीब स्थिति |
Psychology Today के अनुसार, चैटफिशिंग "ज़्यादा सूक्ष्म और घातक" है क्योंकि व्यक्ति का चेहरा असली होता है, लेकिन उसका संवादी व्यक्तित्व (conversational personality) पूरी तरह से काल्पनिक होता है । असली व्यक्ति तो डेट पर आता है, लेकिन AI द्वारा बनाया गया उसका वह संस्करण — जिसके प्यार में आप पड़े थे — वह कहीं नहीं होता ।
असली समस्या यह है कि AI एक ऐसा संस्करण पेश करता है जो असली व्यक्ति से कहीं ज़्यादा मुखर, चौकस और संगत (consistent) होता है । Wharton के शोधकर्ताओं ने पाया कि लोग 80% मामलों में AI के आउटपुट को स्वीकार कर लेते हैं, भले ही वे ग़लत हों। इसका मतलब है कि चैटफिशिंग प्रभावी रूप से आपके मैच को एक AI-निर्मित व्यक्तित्व के आकर्षण में फंसा सकता है ।
असली दुनिया में इसके कुछ चौंकाने वाले उदाहरण सामने आए हैं:
2026 के एक अध्ययन में पाया गया कि AI की सलाह ने लोगों को तीन गुना कम सटीक (accurate) लेकिन दोगुना आत्मविश्वासी (confident) बना दिया — जो लोग अपनी बातचीत AI को सौंपते हैं, वे खुद उन बातचीत को बनाए रखने में कम सक्षम होते हैं, लेकिन उनमें अधिक आत्मविश्वास होता है ।
इस मामले में एक साफ-साफ अंतर है: बड़े प्लेटफॉर्म AI से बनी तस्वीरों पर तो कार्रवाई करते हैं, लेकिन AI से लिखे टेक्स्ट को पूरी तरह नज़रअंदाज करते हैं ।
हालाँकि, Match Group की 2025 की ट्रस्ट एंड सेफ्टी रिपोर्ट से पता चला कि AI-संदिग्ध प्रोफाइल में सात दिनों के भीतर गलत प्रस्तुति (misrepresentation) की रिपोर्ट होने की संभावना 3.7 गुना अधिक थी । यह दर्शाता है कि समस्या का पैमाना प्लेटफॉर्म को दिखता है, लेकिन वे कार्रवाई नहीं कर रहे।
यही टकराव नौकरी के क्षेत्र (hiring) में भी है, लेकिन बाजार की प्रतिक्रिया बिल्कुल अलग है:
दोनों मामलों में मूल चिंता एक जैसी है: दर्शक (audience) AI-निर्मित सामग्री को विश्वसनीय रूप से पहचान नहीं सकते, और AI सिग्नल की विश्वसनीयता (trustworthiness) को खत्म कर रहा है।
लेकिन इस समस्या से निपटने का तरीका बिल्कुल अलग है:
येल के अर्थशास्त्रियों ने पाया कि 2023 में AI-लिखित कवर लेटर के कारण इंटरव्यू में 50% की वृद्धि हुई थी, लेकिन 2026 तक पेंडुलम उल्टा घूम गया है । डेटिंग के क्षेत्र में भी इसी तरह की प्रतिक्रिया (backlash) संभव है, लेकिन प्लेटफॉर्म स्तर पर अभी तक ऐसा कुछ सामने नहीं आया है।
अगर आपको लगता है कि आपका मैच चैटफिशिंग कर रहा है, तो इन संकेतों पर ध्यान दें :
सबसे अच्छा बचाव सरल है: जल्द से जल्द वॉयस कॉल या आमने-सामने मिलने की कोशिश करें। AI टेक्स्ट को फिर से लिख सकता है, लेकिन वह अभी तक वास्तविक समय (real-time) की बातचीत में सुधार (improvise) नहीं कर सकता ।