यह वृद्धि हमलों की लगातार तीव्रता का अनुसरण करती है। मई 2026 में पहले ही 282 नागरिक मारे गए और 1,794 घायल हुए थे, और जून का आंकड़ा मई से 10% अधिक था । जून में मासिक मौत का आंकड़ा जून 2025 के अपेक्षाकृत उच्च आंकड़े (249 नागरिक मारे गए) से भी अधिक रहा ।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 2026 के पहले छह महीनों में सत्यापित नागरिक मौतों की संख्या 1,396 थी, जो 2025 की समान अवधि की तुलना में 37% अधिक और 2024 के आंकड़े से दोगुनी से अधिक है । यह त्वरित प्रवृत्ति लंबी दूरी की मिसाइल और ड्रोन अभियानों की बढ़ती तीव्रता को रेखांकित करती है।
जुलाई 2026 के मध्य तक, संयुक्त राष्ट्र ने फरवरी 2022 में आक्रमण शुरू होने के बाद से यूक्रेन में 16,431 सत्यापित नागरिक मौतों को दर्ज किया है, जिनमें 803 बच्चे शामिल हैं । संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) का कहना है कि ये केवल वे मामले हैं जिनकी वे पुष्टि कर पाए हैं, और वास्तविक आंकड़े इससे कहीं अधिक होने की संभावना है ।
2 जुलाई, 2026 की रात को कीव और आसपास के क्षेत्र पर एक भीषण रूसी हमले में यूक्रेनी रेड क्रॉस का मानवीय सहायता गोदाम पूरी तरह से नष्ट हो गया । हमले में 3,20,000 से अधिक राहत वस्तुएं और उपकरण नष्ट हो गए, जिनकी अनुमानित कीमत 7.9 करोड़ रिव्निया (लगभग 17.6 लाख अमेरिकी डॉलर) से अधिक है ।
यूक्रेनी रेड क्रॉस के अनुसार, नष्ट हुए गोदाम में आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए रणनीतिक भंडार रखा गया था, जिसमें जनरेटर, चिकित्सा उपकरण, कंबल, स्वच्छता किट और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं । रेड क्रॉस ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि मानवीय राहत का विनाश युद्ध से प्रभावित लोगों की मदद करने के प्रयासों को और जटिल बना देता है ।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टों के अनुसार, 19 जुलाई को बिलोहोरोडका में एक यूनिसेफ-अनुबंधित गोदाम क्षतिग्रस्त हो गया, जिसमें महत्वपूर्ण मानवीय आपूर्ति नष्ट हो गई । इसके अलावा, पिछले सप्ताह में रूसी हमलों और ड्रोन हमलों में पूरे यूक्रेन में कम से कम दो बच्चे मारे गए और 50 से अधिक घायल हुए । यूनिसेफ ने कहा कि मानवीय गोदामों पर हमलों के बीच बच्चे लगातार मारे और घायल हो रहे हैं ।
जून-जुलाई 2026 का दौर यूक्रेनी नागरिकों के लिए युद्ध के सबसे भयावह चरणों में से एक रहा है। नागरिक हताहतों की बढ़ती संख्या और मानवीय बुनियादी ढांचे पर जानबूझकर किए गए हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन हैं और युद्ध की भयावहता को दर्शाते हैं। संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवीय संगठन प्रभावित आबादी तक सहायता पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन लगातार हमलों से यह कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है ।