सबसे भीषण प्रदर्शन अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में देखने को मिला। हज़ारों समर्थक फाइनल मैच देखने के लिए शहर के प्रतिष्ठित ओबेलिस्क स्मारक पर एकत्र हुए थे, जो फुटबॉल उत्सवों का पारंपरिक केंद्र है । जैसे ही स्पेन ने मैच अपने नाम किया, त्योहारी माहौल हिंसा में बदल गया। प्रशंसकों के समूह ने दंगा पुलिस पर पत्थर, बोतलें और डिब्बे फेंकने शुरू कर दिए
। पुलिस ने इसे नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन, रबर बुलेट और पेपर स्प्रे का इस्तेमाल किया और ओबेलिस्क के आसपास की प्रमुख सड़कों को बंद कर दिया
। शहर के केंद्र में हुई इन झड़पों में कम से कम 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया
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हिंसा का दायरा पड़ोसी देश ब्राज़ील तक भी फैल गया। कई अर्जेंटीना प्रशंसक टूर्नामेंट के लिए ब्राज़ील गए हुए थे। रियो डी जनेरियो के कोपाकाबाना इलाके और पर्यटन शहर बुज़ियोस में अर्जेंटीना के समर्थक आपस में झगड़ पड़े और ब्राज़ील की मिलिट्री पुलिस (पुलिसिया फोर्स) से भिड़ गए । रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस ने प्रशंसकों को नियंत्रित करने के लिए लाठियों का इस्तेमाल किया और ब्राज़ील के कई शहरों में गिरफ्तारियां कीं
। एक वीडियो में देखा गया कि कैसे कोपाकाबाना बीच पर पुलिस अधिकारी लाठियों के साथ अर्जेंटीना के प्रशंसकों को तितर-बितर करने की कोशिश कर रहे थे
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जीत की राजधानी मैड्रिड में भी तनाव चरम पर था। स्पेन के ट्रॉफी उठाने के बाद स्पेनिश और अर्जेंटीना के प्रशंसक आपस में भिड़ गए। वीडियो में देखा गया कि कैसे दोनों समूहों के बीच तीखी बहस और हाथापाई हुई, और राहगीरों को उन्हें अलग करने के लिए बीच में आना पड़ा ।
यह हिंसा सड़कों तक पहुंचने से पहले ही मैदान पर शुरू हो गई थी। स्पेन के जीत के जश्न को हिंसक झड़प ने बदनुमा कर दिया ।
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए, फीफा ने 20 जुलाई को अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के खिलाफ अनुशासनात्मक जांच शुरू करने की घोषणा की । फीफा ने एक अनुशासनात्मक और नैतिकता अभियोजक (Disciplinary and Ethics Prosecutor) नियुक्त किया है, जो फीफा अनुशासन संहिता के उल्लंघनों की जांच करेगा
। पारेदेस, मोलिना और सहायक कोच रॉबर्टो अयाला (जो झड़प में शामिल देखे गए थे) पर भारी पाबंदी की तलवार लटक रही है
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हिंसा के इस माहौल के बीच, राष्ट्रपति जेवियर मिले ने एक विवादास्पद कदम उठाते हुए अर्जेंटीना के रनर्स-अप (दूसरे स्थान) के सम्मान में राष्ट्रीय अवकाश घोषित कर दिया । उन्होंने कहा कि यह तारीख खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ तय करेंगे
। हार के बाद रनर्स-अप के लिए अवकाश घोषित करने के इस फैसले ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दीं
। हालांकि, इससे भी बड़ी शर्मिंदगी तब हुई जब पता चला कि राष्ट्रपति मिले ने गलती से एक पहले से शेड्यूल्ड जीत का ट्वीट पोस्ट कर दिया था, जिसे हार के बाद तुरंत डिलीट करना पड़ा
। यह चूक सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, और लोगों ने उनकी खूब खिल्ली उड़ाई
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