राज्यों का आरोप है कि यह विलय क्लेटन एक्ट का उल्लंघन करता है, क्योंकि इससे तीन बाजारों में प्रतिस्पर्धा कम होगी: व्यापक रिलीज वाली फिल्में, सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्में, और बेसिक केबल लाइसेंसिंग । उनका कहना है कि इससे कीमतें बढ़ेंगी, गुणवत्ता घटेगी और उपभोक्ताओं के पास विकल्प कम रह जाएंगे
। थिएटर मालिकों ने भी चिंता जताई है कि इससे फिल्मों की संख्या कम हो जाएगी और उपभोक्ताओं की पसंद सीमित हो जाएगी
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पैरामाउंट ने इस मुकदमे को खारिज करते हुए कहा कि यह "एंटीट्रस्ट कानून को विकृत करता है और मनोरंजन उद्योग में प्रतिस्पर्धा की गलत व्याख्या पर आधारित है" । कंपनी का तर्क है कि:
अगर 30 सितंबर, 2026 तक डील पूरी नहीं होती है, तो पैरामाउंट को भारी आर्थिक दंड भुगतना पड़ेगा। एसईसी में दायर विलय समझौते के अनुसार, हर दिन 0.00277778 डॉलर प्रति शेयर की दर से 'टिकिंग फीस' लगेगी, जो अधिकतम 0.25 डॉलर प्रति शेयर प्रति 90 दिन तक सीमित है । कई स्रोतों का अनुमान है कि यह पैरामाउंट के मालिक डेविड एलिसन को लगभग 7 मिलियन डॉलर प्रति दिन या लगभग 650 मिलियन डॉलर प्रति तिमाही चुकाना पड़ सकता है
। अगर नियामक डील को पूरी तरह से रोक देते हैं, तो पैरामाउंट को 7 बिलियन डॉलर का टर्मिनेशन फीस भी देना होगा
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अगली महत्वपूर्ण तिथि 22 जुलाई है, जब जज तय करेंगी कि 14 दिनों से आगे भी रोक जारी रखनी है या नहीं - यह फैसला अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े मीडिया विलय का भविष्य तय कर सकता है।