वॉल स्ट्रीट के दो बैंकों ने इसके विपरीत रुख अपनाया। सिटी और बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज दोनों ने तर्क दिया कि यह बिकवाली बिल्कुल गलत दिशा में थी, और उन्होंने यह समझाने के लिए 160 साल पुराने आर्थिक सिद्धांत — जेवन्स विरोधाभास (Jevons Paradox) — का सहारा लिया।
सिटी और बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज दोनों का तर्क है कि Kimi K3 की दक्षता मेमोरी चिप की कुल मांग को बढ़ाएगी, न कि घटाएगी। इसकी वजह यह है कि प्रति टोकन इन्फ्रेंस की लागत कम होने से AI बहुत अधिक सुलभ और व्यापक रूप से उपयोग होने लगता है — यह जेवन्स विरोधाभास का एक आदर्श उदाहरण है। उनके अनुसार, 16 जुलाई की बिकवाली गलत दिशा में लगाया गया दांव था ।
सिटी के सेमीकंडक्टर विश्लेषक पीटर ली स्पष्ट रूप से जेवन्स विरोधाभास का हवाला देते हैं: बेहतर तकनीकी दक्षता उपयोग की प्रति-इकाई लागत को कम करती है, जो ऐतिहासिक रूप से कुल संसाधन खपत में वृद्धि — न कि कमी — की ओर ले जाती है । K3 के लॉन्च से महीनों पहले रिकॉर्ड किए गए एक सिटी रिसर्च पॉडकास्ट में, ली ने सीधे कहा: "मुझे लगता है कि इस तरह की सॉफ्टवेयर दक्षता मेमोरी के लिए खतरा नहीं है। मुझे लगता है कि यह मांग के लिए सकारात्मक है क्योंकि यह AI को सस्ता और अधिक उपयोगी बनाता है, जिससे उन्नत चिप्स की और भी अधिक मांग का चक्र शुरू होता है। तो मुझे लगता है कि यह जेवन्स विरोधाभास जैसा है" ।
Kimi K3 का आर्किटेक्चर विशेष रूप से अधिक मेमोरी मांग क्यों पैदा करता है, इसके लिए उनका तर्क:
सिटी ने अलग से मेमोरी मूल्य पूर्वानुमानों में भी तेजी से वृद्धि की है, अनुमान लगाया है कि 2026 में DRAM की कीमतें 200% तक बढ़ सकती हैं और Q4 2026 में HBM की कीमतों में QoQ 30% की वृद्धि हो सकती है, जो दर्शाता है कि वे Kimi K3 से पहले ही AI-संचालित मेमोरी सुपरसाइकिल की उम्मीद कर रहे थे । सिटी ने सितंबर 2025 की शुरुआत में ही चेतावनी दी थी कि 2026 तक DRAM और NAND फ्लैश मेमोरी दोनों की आपूर्ति में कमी आएगी ।
बैंक ऑफ अमेरिका ने Kimi K3 पर प्रकाशित टिप्पणी में "जेवन्स विरोधाभास" वाक्यांश का स्पष्ट रूप से उपयोग नहीं किया है, लेकिन उनके पूर्व-मौजूदा और बिकवाली के बाद के रुख उसी तर्क के अनुरूप हैं:
| आर्किटेक्चरल विशेषता | यह मेमोरी मांग क्यों बढ़ाता है |
|---|---|
| 2.8T कुल पैरामीटर (MoE) | स्पार्स एक्टिवेशन के बावजूद, 2.8T वेट को सिस्टम मेमोरी में रहना चाहिए। ओपन-वेट सेल्फ-होस्टिंग के लिए बड़े DDR5 पूल और HBM-युक्त GPU वाले सर्वर की आवश्यकता होती है । |
| 1 मिलियन-टोकन कॉन्टेक्स्ट विंडो | KV कैश कॉन्टेक्स्ट लंबाई के साथ रैखिक रूप से बढ़ता है। सस्ता इन्फ्रेंस लंबे प्रॉम्प्ट को प्रोत्साहित करता है, जिससे प्रति-क्वेरी मेमोरी खपत बढ़ जाती है । |
| एजेंटिक / मल्टी-स्टेप वर्कफ़्लो | प्रत्येक रीज़निंग स्टेप एक अलग इन्फ्रेंस कॉल है। प्रति कार्य अधिक चरण = प्रति यूज़र सत्र में अधिक मेमोरी बैंडविड्थ का उपयोग । |
| ओपन-वेट रिलीज़ (27 जुलाई) | व्यापक सेल्फ-होस्टिंग को सक्षम बनाता है। प्रत्येक सेल्फ-होस्टेड डिप्लॉयमेंट एक निश्चित मेमोरी फुटप्रिंट जोड़ता है जिसे एक साझा API एंडपॉइंट समेकित कर देता । |
| प्रतिस्पर्धी मूल्य (~$3/M टोकन इनपुट) | ऐतिहासिक रूप से, हर बड़ी AI कीमत में गिरावट ने कुल टोकन वॉल्यूम को दक्षता लाभ से कहीं अधिक बढ़ा दिया । |
जनवरी 2025 में DeepSeek-R1 की बिकवाली ने उसी पैटर्न का पालन किया: एक सस्ते, कुशल चीनी मॉडल ने सेमीकंडक्टर में दहशत पैदा की, और फिर तैनाती के व्यापक होने पर चिप की मांग वास्तव में तेज हो गई । सिटी और BofA Kimi K3 को "DeepSeek 2.0" के रूप में देखते हैं — वही डर, और संभवतः Samsung, SK Hynix और Micron जैसी मेमोरी कंपनियों के लिए वही अंतिम परिणाम ।
उद्योग डेटा इस थीसिस का समर्थन करता है। ट्रेंडफोर्स ने अनुमान लगाया कि 2026 में अकेले HBM की मांग में साल-दर-साल 70% की वृद्धि होगी, जिसमें HBM कुल DRAM वेफर आउटपुट का 23% उपभोग करेगा । विश्लेषकों का अनुमान है कि AI डेटा सेंटर 2026 में ~70% हाई-एंड DRAM की खपत कर सकते हैं । मेमोरी निर्माताओं — जिनमें Micron के CEO संजय मेहरोत्रा शामिल हैं — ने स्वीकार किया है कि कमी 2026 से आगे भी बनी रहेगी ।
यहां तक कि कोरियाई बाजार ने भी इस तर्क को पहचाना: 20 जुलाई को, चोसुन इल्बो ने बताया कि जेवन्स विरोधाभास का हवाला देते हुए एक सिक्योरिटीज उद्योग ज्ञापन के कारण Samsung और SK Hynix के शेयर व्यापक बिकवाली फिर से शुरू होने से पहले संक्षिप्त रूप से सकारात्मक हो गए ।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इस थीसिस की सीमाएं हैं। कोई भी बैंक यह दावा नहीं करता कि बिकवाली तर्कहीन थी — केवल यह कि वह दिशात्मक रूप से गलत थी। BofA ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि मेमोरी में "लागत-मुद्रास्फीति की आशंकाएं" आंशिक रूप से गिरावट का कारण थीं । सिटी के मेमोरी मूल्य पूर्वानुमान, हालांकि बुलिश हैं, मूल्य दबाव भी दर्शाते हैं जो डाउनस्ट्रीम AI कंपनियों को प्रभावित कर सकता है। और बैंक ऑफ अमेरिका ने Kimi K3 पर प्रकाशित टिप्पणी में "जेवन्स विरोधाभास" वाक्यांश का स्पष्ट रूप से उपयोग नहीं किया है; उनके तर्क का संरेखण उनके पूर्व-मौजूदा और बिकवाली के बाद के रुखों से अनुमानित है ।
दोनों बैंक अल्पकालिक बाजार के डर को स्वीकार करते हैं, लेकिन उनकी सुसंगत स्थिति यह है कि Kimi K3 की कम लागत और ओपन-वेट रिलीज़ AI को अपनाने को व्यापक बनाएगी, कुल इन्फ्रेंस वॉल्यूम में वृद्धि करेगी, और मेमोरी की मांग को बढ़ाएगी — न कि इसे समाप्त करेगी। जेवन्स विरोधाभास, जिसे पहली बार 19वीं सदी में कोयले की खपत में देखा गया था, 2026 में AI की सेमीकंडक्टर मांग को समझने के लिए सबसे विश्वसनीय ढांचा साबित हो सकता है।