अमेरिका ने ईरान पर लगातार सातवीं रात हमले किए, जिसमें निगरानी साइटों, सैन्य लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया [5][6][8]। ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को निलंबित कर दिया [1][2][4][5]। IRGC ने कुवैत, बहरीन, जॉर्डन और कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकानों...

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जुलाई 2026 के मध्य में अमेरिका-ईरान संघर्ष ने एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। नाजुक 60 दिनों की कूटनीतिक रूपरेखा ध्वस्त हो गई है, अमेरिका ने ईरानी बुनियादी ढांचे पर लगातार सात रातों तक हमले किए हैं, और ईरान ने जवाबी कार्रवाई में खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। यहां प्रमुख घटनाक्रमों का विस्तृत विवरण दिया गया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उसने 17-18 जुलाई, 2026 को ईरान के खिलाफ लगातार सातवीं रात हमले किए। इन हमलों में निगरानी साइटों, सैन्य लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे, भूमिगत हथियार भंडारण, समुद्री सुविधाओं, पुलों और बिजली के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया । हमलों के तहत अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी भी लागू की गई। ईरान के दक्षिणी होर्मोज़गान प्रांत में क़ेश्म द्वीप, बंदर अब्बास, चाबहार, ईरानशहर और बंदर-ए ख़मीर में हमले की सूचना है। बंदर-ए ख़मीर पुल पर हुए एक हमले ने कई गांवों की पानी की आपूर्ति काट दी
। अमेरिका ने अपने हवाई अभियान का दायरा बढ़ाते हुए अतिरिक्त पुलों और ऊर्जा सुविधाओं को भी निशाना बनाया और एक प्रमुख ईरानी बंदरगाह पर एक टावर को नष्ट कर दिया
।
इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MoU) पर 17 जून, 2026 को हस्ताक्षर किए गए थे। यह पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुआ एक अंतरिम समझौता था, जिसका उद्देश्य 60 दिनों का युद्धविराम और कूटनीतिक ढांचा स्थापित करना था । इस समझौते को एक दोषपूर्ण लेकिन स्वागतयोग्य विकास के रूप में देखा गया था, जो उस संघर्ष को रोक सकता था जिसमें पहले ही हजारों लोग मारे जा चुके थे
।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पूरे क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमलों की कई लहरें चलाईं:
ईरानी सैन्य नेतृत्व ने लगातार बढ़ती चेतावनियां जारी की हैं। 16-18 जुलाई के दौरान, ईरानी अधिकारियों ने कहा कि ईरान ईरानी धरती पर आगे अमेरिकी हमलों की स्थिति में "पूर्ण पैमाने पर आक्रामक अभियान" शुरू करने और पूरे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को धमकी देने के लिए तैयार है । ईरानी सेना ने पुष्टि की कि उसने अपनी "आक्रामक योजनाओं" को सक्रिय कर दिया है और चेतावनी दी कि युद्ध "फैल जाएगा"
। एक शीर्ष ईरानी सैन्य सलाहकार ने चेतावनी दी कि अमेरिका को आने वाले दिनों में पूर्ण पैमाने पर आक्रमण का सामना करना पड़ सकता है
।
ईरान ने बताया कि जुलाई 2026 में तीन सप्ताह के अमेरिकी हमलों में कम से कम 50 लोग मारे गए और 500 से अधिक घायल हुए हैं । ये आंकड़े ईरानी अधिकारियों द्वारा उद्धृत किए गए हैं और अल जज़ीरा द्वारा रिपोर्ट किए गए हैं; इनकी पश्चिमी सैन्य स्रोतों द्वारा स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है
। इससे पहले, ईरान ने अकेले छठी रात के हमलों में आठ लोगों के मारे जाने की सूचना दी थी
। ईरानी राज्य मीडिया ने यह भी बताया कि अमेरिकी बमबारी से नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर कम से कम 46 नागरिक मारे गए, हालांकि इस आंकड़े की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है
।
19 जुलाई, 2026 तक स्थिति अत्यधिक अस्थिर बनी हुई है, दोनों पक्ष रोजाना गोलीबारी कर रहे हैं और कोई भी तनाव कम करने को तैयार नहीं दिख रहा है।
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अमेरिका ने ईरान पर लगातार सातवीं रात हमले किए, जिसमें निगरानी साइटों, सैन्य लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया [5][6][8]।
अमेरिका ने ईरान पर लगातार सातवीं रात हमले किए, जिसमें निगरानी साइटों, सैन्य लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया [5][6][8]। ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को निलंबित कर दिया [1][2][4][5]।
IRGC ने कुवैत, बहरीन, जॉर्डन और कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए [37][38]।