इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MoU) पर 17 जून, 2026 को हस्ताक्षर किए गए थे। यह पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुआ एक अंतरिम समझौता था, जिसका उद्देश्य 60 दिनों का युद्धविराम और कूटनीतिक ढांचा स्थापित करना था । इस समझौते को एक दोषपूर्ण लेकिन स्वागतयोग्य विकास के रूप में देखा गया था, जो उस संघर्ष को रोक सकता था जिसमें पहले ही हजारों लोग मारे जा चुके थे ।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पूरे क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमलों की कई लहरें चलाईं:
ईरानी सैन्य नेतृत्व ने लगातार बढ़ती चेतावनियां जारी की हैं। 16-18 जुलाई के दौरान, ईरानी अधिकारियों ने कहा कि ईरान ईरानी धरती पर आगे अमेरिकी हमलों की स्थिति में "पूर्ण पैमाने पर आक्रामक अभियान" शुरू करने और पूरे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को धमकी देने के लिए तैयार है । ईरानी सेना ने पुष्टि की कि उसने अपनी "आक्रामक योजनाओं" को सक्रिय कर दिया है और चेतावनी दी कि युद्ध "फैल जाएगा" । एक शीर्ष ईरानी सैन्य सलाहकार ने चेतावनी दी कि अमेरिका को आने वाले दिनों में पूर्ण पैमाने पर आक्रमण का सामना करना पड़ सकता है ।
ईरान ने बताया कि जुलाई 2026 में तीन सप्ताह के अमेरिकी हमलों में कम से कम 50 लोग मारे गए और 500 से अधिक घायल हुए हैं । ये आंकड़े ईरानी अधिकारियों द्वारा उद्धृत किए गए हैं और अल जज़ीरा द्वारा रिपोर्ट किए गए हैं; इनकी पश्चिमी सैन्य स्रोतों द्वारा स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है । इससे पहले, ईरान ने अकेले छठी रात के हमलों में आठ लोगों के मारे जाने की सूचना दी थी । ईरानी राज्य मीडिया ने यह भी बताया कि अमेरिकी बमबारी से नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर कम से कम 46 नागरिक मारे गए, हालांकि इस आंकड़े की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है ।
| तारीख | घटना |
|---|---|
| 17 जून, 2026 | इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर, 60 दिनों का कूटनीतिक ढांचा |
| 7-8 जुलाई, 2026 | होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकर हमलों के बाद अमेरिका ने हमले फिर से शुरू किए; ट्रंप ने MoU को 'खत्म' घोषित किया |
| 9 जुलाई, 2026 | IRGC ने कतर, कुवैत, बहरीन, जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी मिसाइल/ड्रोन हमले किए |
| 13-18 जुलाई, 2026 | लगातार सात रातों तक अमेरिकी हमले; ईरान ने क्षेत्रीय अमेरिकी सुविधाओं पर और हमलों से जवाब दिया |
| 18 जुलाई, 2026 | ईरान ने औपचारिक रूप से इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत सभी प्रतिबद्धताओं को निलंबित किया; ईरान ने 50+ मौतों और 500+ घायलों की सूचना दी |
19 जुलाई, 2026 तक स्थिति अत्यधिक अस्थिर बनी हुई है, दोनों पक्ष रोजाना गोलीबारी कर रहे हैं और कोई भी तनाव कम करने को तैयार नहीं दिख रहा है।