चिप निर्माताओं (Chipmakers) की वैश्विक बिकवाली एशियाई बाजारों पर सबसे भारी बोझ साबित हुई। अमेरिका में फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स (SOX) रातोंरात 4.3% गिर गया, जिसका असर एशियाई कारोबार में देखने को मिला । निवेशकों ने पूरे क्षेत्र में भारी-भरकम सेमीकंडक्टर शेयरों को बेचना शुरू कर दिया। इस बिकवाली का केंद्र यह चिंता थी कि AI बुनियादी ढांचे (AI Infrastructure) पर खर्च अपने चरम पर पहुंच चुका है ।
टेक दिग्गज मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) की AI कंप्यूटिंग पावर बेचने की योजना ने क्षमता से अधिक निवेश (Overcapacity) की आशंका को जन्म दिया, जिसने इस डर को और हवा दी । यह चिंता मजबूत मांग के बावजूद पूरे क्षेत्र में फैल गई।
ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC), जो दुनिया की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट चिप निर्माता है, ने दूसरी तिमाही के मुनाफे में 77% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो विश्लेषकों की उम्मीदों से कहीं अधिक थी । भले ही कागजों पर ये नतीजे "उम्मीदों को पार कर गए," लेकिन निवेशकों की पहले से ऊंची उम्मीदें पूरी नहीं हो पाईं ।
TSMC के शेयर ताइपे में 4.5% तक गिर गए, जबकि कंपनी ने इस साल के लिए अपने खर्च और राजस्व के अनुमानों को बढ़ा दिया था । भारी AI बुनियादी ढांचे के खर्च और कमजोर लाभप्रदता की चिंताओं ने बिकवाली को और तेज कर दिया । कुछ विश्लेषकों और निवेशकों ने बढ़ती लागतों के अलावा वर्षों पुराने AI बूम से थकान (Fatigue) पर भी चिंता जताई । संक्षेप में, इतने शानदार नतीजे भी सेमीकंडक्टर क्षेत्र की नकारात्मक भावनाओं को पलटने के लिए पर्याप्त नहीं थे ।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास बढ़ते संघर्ष ने अनिश्चितता का एक नया आयाम जोड़ा। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई जवाबी कार्रवाइयों और नाजुक युद्धविराम के खत्म होने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं और निवेशक जोखिम भरी परिसंपत्तियों (Risk Assets) से दूर भागने लगे । राष्ट्रपति ट्रंप ने अंकारा में NATO शिखर सम्मेलन में युद्धविराम को खत्म घोषित कर दिया, जिसके बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई । अमेरिकी सेना ने जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में ईरानी तटरेखा पर दर्जनों ठिकानों पर हमला किया ।
यह भू-राजनीतिक जोखिम पूरे क्षेत्र में भावनाओं पर भारी पड़ा, खासकर ऊर्जा-संवेदनशील बाजारों पर। एशियाई बाजारों में गुरुवार की गिरावट के पीछे चिप सेक्टर की बिकवाली के साथ-साथ भू-राजनीतिक तनाव को भी एक बड़ा कारण बताया गया । खाड़ी के शेयर बाजारों में भी बढ़ते तनाव के बीच गिरावट जारी रही ।
KOSPI एशिया का सबसे बुरी तरह प्रभावित प्रमुख सूचकांक रहा है। जुलाई में "ब्लैक गुरुवार" के कई सत्रों के बाद यह बियर मार्केट (Bear Territory) में प्रवेश कर चुका था । 16 जुलाई को यह सूचकांक फिर से तेजी से गिरा (विभिन्न सत्रों में लगभग 5% तक) ।
इस गिरावट का असर मुख्य रूप से दो शेयरों पर केंद्रित था: सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) और SK हाइनिक्स (SK Hynix)। ये दोनों मिलकर KOSPI के लगभग आधे बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization) का प्रतिनिधित्व करते हैं । गुरुवार को मेमोरी चिप निर्माता SK Hynix 7.7% और सैमसंग 6.4% गिरा, जो पिछले सत्रों में देखे गए पैटर्न (सैमसंग 7% से अधिक और SK Hynix 9% से अधिक गिरा था) के अनुरूप था ।
दक्षिण कोरिया के टेक दिग्गजों ने क्षेत्रीय बिकवाली का सबसे अधिक बोझ उठाया। जैसे-जैसे निवेशकों ने चिप बूम की अवधि पर सवाल उठाना शुरू किया, SK Hynix अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया । KOSPI में गिरावट इतनी गंभीर थी कि जुलाई के दौरान कई मौकों पर सर्किट ब्रेकर (Circuit Breakers) सक्रिय हो गए ।
जापान का निक्केई 225 गुरुवार को 2.7% गिरा और शुक्रवार को चिप बिकवाली और मध्य पूर्व तनाव के कारण यह करेक्शन जोन (Correction Territory) में चला गया । यह सूचकांक गुरुवार को 1.5% गिरकर 69,443.16 पर आ गया था, जिसमें चिप-उपकरण निर्माताओं (Chip-Equipment Makers) ने गिरावट का नेतृत्व किया ।
जापानी सेमीकंडक्टर आपूर्तिकर्ताओं और टेक दिग्गजों ने पूरे क्षेत्र में चल रही बिकवाली का अनुसरण किया। जुलाई की शुरुआत में "सैमसंग शॉक" (Samsung Electronics की कमजोर प्रारंभिक कमाई रिपोर्ट) ने पहले ही जापानी चिप स्टॉक्स को संक्रमित कर दिया था, जिसके कारण लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट आई । टोक्यो इलेक्ट्रॉन (Tokyo Electron) 5.6% गिरा और अन्य चिप-उपकरण निर्माता निक्केई पर सबसे बड़ा बोझ साबित हुए ।
यह बिकवाली शुक्रवार तक जारी रही, जिसमें सॉफ्टबैंक (SoftBank) 9%, टोक्यो इलेक्ट्रॉन 8% से अधिक और एडवांटेस्ट (Advantest) 7.2% गिर गया, जो वॉल स्ट्रीट पर तीव्र रातोंरात नुकसान को दर्शाता है ।
| कारक | प्रत्यक्ष प्रभाव | परिमाण (गुरुवार, 16 जुलाई) |
|---|---|---|
| सेमीकंडक्टर बिकवाली (वैश्विक) | सभी चिप संबंधित शेयरों में व्यापक बिकवाली | SOX इंडेक्स रातोंरात 4.3% गिरा |
| TSMC के नतीजे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे | TSMC के शेयर ताइपे में 4.5% गिरे | रिकॉर्ड मुनाफा भी भावना नहीं बदल पाया |
| अमेरिका-ईरान तनाव | तेल की कीमतें बढ़ीं, जोखिम भूख कम हुई | तेल साप्ताहिक लाभ की ओर; खाड़ी बाजार भी गिरे |
| जापान निक्केई 225 | चिप/टेक शेयरों ने गिरावट का नेतृत्व किया | निक्केई ~2.7% गिरा ; 17 जुलाई तक करेक्शन जोन में |
| दक्षिण कोरिया KOSPI | सैमसंग और SK Hynix में भारी गिरावट | कुछ सत्रों में KOSPI ~5%+ गिरा |
गुरुवार की बिकवाली अलग-थलग नहीं थी। यह टेक शेयरों से पूंजी निकासी (Rotation) का हिस्सा थी जो हफ्तों से बन रही थी। KOSPI पहले ही 19 जून के अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से 20% से अधिक गिर चुका था और बियर मार्केट में प्रवेश कर चुका था, क्योंकि वैश्विक निवेशकों का AI खेलों से मोहभंग हो गया था । फिलाडेल्फिया SOX इंडेक्स में 4.3% की रातोंरात गिरावट AI ओवरकैपेसिटी चिंताओं के कारण हफ्तों से चल रही गिरावट की परिणति थी ।
निवेशकों ने इस सप्ताह बैंकिंग जैसे अन्य क्षेत्रों में पूंजी लगाई, जिससे एशिया इस बिकवाली के प्रति और अधिक संवेदनशील हो गया क्योंकि यहां चिप स्टॉक्स का भारी दबदबा है । यह बिकवाली एशिया से अमेरिका तक फैल गई, और दुनिया भर के शेयर सूचकांक गुरुवार को गिर गए क्योंकि निवेशकों ने भारी चिप स्टॉक्स को बेचा ।
निचली पंक्ति: गुरुवार की बिकवाली मुख्य रूप से एक सेमीकंडक्टर-संचालित सुधार (Semiconductor-Driven Correction) थी, जो भू-राजनीतिक जोखिम और दक्षिण कोरियाई एवं जापानी बाजारों में अत्यधिक संकेंद्रण जोखिम (Concentration Risk) के कारण और बढ़ गई। इन बाजारों में मुट्ठी भर चिप कंपनियां ही बेंचमार्क पर हावी हैं। TSMC की शानदार कमाई भी AI खर्च की स्थिरता और अमेरिका-ईरान तनाव के कारण पैदा हुई जोखिम-विरोधी (Risk Aversion) भावना को पलटने के लिए पर्याप्त नहीं थी।