शोधकर्ताओं ने चिली में स्थित मैगलन क्ले (Magellan Clay) दूरबीन का उपयोग करके पाया कि LHS 1140 b से हीलियम गैस लीक हो रही है, यानी ग्रह से यह गैस अंतरिक्ष में बाहर निकल रही है । यह ग्रह इतना पुराना है कि इसका सारा आदिम (primordial) हीलियम बहुत पहले ही खत्म हो जाना चाहिए था। लेकिन अभी भी लीक हो रही हीलियम का मतलब है कि ग्रह के अंदर से इसे लगातार भरा जा रहा है। यह एक स्थिर और सक्रिय वायुमंडल का पुख्ता संकेत है, न कि एक बंजर चट्टान का ।
LHS 1140 b पृथ्वी से लगभग 48 प्रकाश-वर्ष दूर, सिटस (Cetus) तारामंडल में स्थित है । यह एक सुपर-अर्थ (Super-Earth) है, जो पृथ्वी से लगभग 5.6 गुना अधिक भारी और 70% बड़ा है। यह हर 24.7 दिनों में अपने लाल बौने तारे (red dwarf star) की परिक्रमा करता है । यह ग्रह अपने तारे के गोल्डीलॉक्स ज़ोन में स्थित है, यानी वह क्षेत्र जहां तापमान न ज़्यादा गर्म है और न ही ज़्यादा ठंडा, बल्कि सतह पर तरल पानी के अस्तित्व के लिए एकदम सही है ।
इससे पहले, 2023 में जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) से मिले आंकड़ों ने सुझाव दिया था कि LHS 1140 b एक बर्फीला या जलमय ग्रह हो सकता है, जिसे 'आइबॉल प्लैनेट' (eyeball planet) कहा जा रहा था । इस नई खोज ने उस पहेली का एक अहम टुकड़ा जोड़ दिया है।
अब तक खगोलविदों ने कई गैस दिग्गज ग्रहों (gas giants) पर वायुमंडल का पता लगाया था, लेकिन यह पहली बार है जब किसी चट्टानी, समशीतोष्ण (temperate) और रहने योग्य क्षेत्र में स्थित एक्सोप्लैनेट पर वायुमंडल की पुष्टि हुई है । अध्ययन के सह-लेखक डेविड चार्बोनो ने कहा, "लोग आम तौर पर बड़े सवालों में रुचि रखते हैं: क्या हम अकेले हैं? क्या पृथ्वी या हमारे सौर मंडल से परे भी जीवन है? इस दिशा में, यह अध्ययन रहने योग्य क्षेत्र में एक चट्टानी ग्रह पर खोजा गया पहला वायुमंडल है" ।
यह ग्रह चट्टानी है, उपयुक्त तापमान पर है, और अब यह ज्ञात है कि इसका अपना वायुमंडल है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जीवन के लिए ये तीनों चीज़ें ज़रूरी हैं। चार्बोनो ने कहा, "जीवन के लिए जो भी चीज़ें हम आवश्यक मानते हैं, वे सभी मौजूद हैं" ।
हीलियम का पता लगना अपने आप में एक गहरी कहानी बयां करता है। यह तथ्य कि ग्रह का वायुमंडल अभी भी सक्रिय रूप से हीलियम खो रहा है, यह साबित करता है कि यह गैस ग्रह के अंदरूनी हिस्सों से लगातार ऊपर आ रही है। यह एक घने, टिकाऊ और सक्रिय चक्र वाले वायुमंडल का संकेत है, न कि किसी मृत ग्रह पर चिपका हुआ कोई पतला अवशेष ।
इस तरह के ग्रह दशकों से एक्सोप्लैनेट अनुसंधान का 'पवित्र ग्रिल' (holy grail) रहे हैं। Space.com ने अपनी रिपोर्ट में लिखा, "यह शायद वह सबसे करीबी चीज़ है, जो हमें जीवन का समर्थन करने वाले ग्रह को खोजने में मिली है" । इस खोज ने बातचीत को "क्या ऐसा ग्रह अस्तित्व में हो सकता है?" से बदलकर "हमें एक मिल गया है—अब हम इससे क्या सीख सकते हैं?" कर दिया है।
LHS 1140 b को जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के 'रॉकी वर्ल्ड्स डायरेक्टर्स डिस्क्रेशनरी टाइम प्रोग्राम' के लिए पहले ही चुना जा चुका है । अगले 4-5 वर्षों में होने वाले अवलोकनों में जलवाष्प, कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य अणुओं की तलाश की जाएगी, जो एक स्थिर, जीवन-सहायक वायुमंडल की पुष्टि कर सकते हैं । अगर पानी की बर्फ या तरल पानी का पता चलता है, तो LHS 1140 b पृथ्वी के बाद रहने योग्य दुनिया के लिए अब तक का सबसे मजबूत उम्मीदवार बन जाएगा। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, प्रमुख लेखक कोलिन चेरुबिम ने कहा, "इस स्तर पर, हमारे पास इस ग्रह पर जीवन के अस्तित्व का कोई प्रमाण नहीं है। हालांकि, हमारा मानना है कि सभी महत्वपूर्ण और मौलिक घटक मौजूद हैं" ।
खगोलविद इस खोज को बढ़ा-चढ़ाकर न बताने की सावधानी बरत रहे हैं। अब तक जिस वायुमंडल का पता चला है, वह हीलियम-प्रधान है, न कि ऑक्सीजन या नाइट्रोजन जैसा पृथ्वी का वायुमंडल । हीलियम से भरा वायुमंडल जीवन के लिए अनुकूल नहीं हो सकता, हालांकि यह उसके नीचे किसी महासागर को संरक्षित कर सकता है। फिलहाल, ग्रह पर जीवन का कोई सबूत नहीं है, और यह पता लगाने में कई साल लग सकते हैं कि ग्रह वास्तव में रहने योग्य है या नहीं ।
LHS 1140 b एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रहा है। पहली बार, मानवता के पास किसी दूसरे तारे के रहने योग्य क्षेत्र में स्थित एक चट्टानी, समशीतोष्ण ग्रह पर वायुमंडल का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इससे पहले, छोटे एक्सोप्लैनेट पर वायुमंडल का पता लगाने के सभी प्रयास अस्पष्ट या विवादास्पद रहे हैं। यह खोज बिल्कुल स्पष्ट है। अगर जीवन धारण करने में सक्षम एक दुनिया मौजूद है, तो ऐसी और भी अनगिनत दुनियाएं हो सकती हैं, जो ब्रह्मांड में अलौकिक जीवन की संभावनाओं को नाटकीय रूप से बढ़ा देती हैं ।