हैकर ने चुराई गई USDC को Kyber एक्सचेंज के जरिए ETH में बदलना शुरू कर दिया था । ज्यादातर रिपोर्टों में नुकसान का आंकड़ा लगभग $18 मिलियन बताया गया है, हालांकि कुछ स्रोतों में यह $12 मिलियन से $22 मिलियन के बीच है
। Blockaid ने लगभग $18 मिलियन का आकलन किया, जबकि CertiK ने इसे लगभग $22 मिलियन बताया
।
नुकसान के प्रतिशत का आकलन अलग-अलग आंकड़ों पर निर्भर करता है:
Ostium ने प्रमुख संस्थागत निवेशकों General Catalyst और Jump Crypto सहित कुल मिलाकर लगभग $27.8 मिलियन जुटाए थे ।
Ostium हैक कोई नई स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट कमजोरी नहीं है। यह एक प्राइवेट-की क्रेडेंशियल चोरी का मामला है, जिसका इस्तेमाल भरोसेमंद प्राइस-फीड मैकेनिज्म से छेड़छाड़ करने के लिए किया गया। यह घटना 2026 के DeFi सुरक्षा परिदृश्य में एक बड़े बदलाव को उजागर करती है: हैकर्स अब कोड में खामियां ढूंढने के बजाय चाबियां चुराने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
DeFiLlama के आंकड़ों के अनुसार, ब्लॉकचेन प्रोजेक्ट्स ने हैक और एक्सप्लॉइट के जरिए कुल मिलाकर लगभग $16.69 बिलियन खोए हैं, जिसमें से करीब 40% प्राइवेट की कॉम्प्रोमाइज से हुआ है ।
निष्कर्ष: Ostium हैक इस बदलाव का एक आदर्श उदाहरण है। DeFi प्रोटोकॉल के लिए, सिर्फ स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट ऑडिट करना अब पर्याप्त नहीं है। Oracle साइनर कीज़ और अन्य विशेषाधिकार प्राप्त क्रेडेंशियल्स को सुरक्षित करना ही अब सबसे बड़ी चुनौती और नई फ्रंटलाइन बन गया है ।