बोको हराम: कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के एक नए फील्ड स्टडी में पूर्व सदस्यों के इंटरव्यू के आधार पर पता चला कि AI का इस्तेमाल प्लानिंग, लॉजिस्टिक्स और हथियारों के समस्या समाधान में हो रहा है. टेक अगेंस्ट टेररिज़्म के सीटी एआई बेंचमार्क में 27 मॉडलों के 2,300 रिक्वेस्ट पर हुए परीक्षण में पाया गया कि लगभग हर तीसरे जवाब म...
शोध उत्तर
आतंकी संगठन अब सिर्फ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बारे में बात नहीं कर रहे हैं - वे सक्रिय रूप से इसके साथ प्रयोग कर रहे हैं। खुफिया एजेंसियों, अकादमिक शोधकर्ताओं और विशेष आतंकवाद-विरोधी संगठनों के बढ़ते सबूत बताते हैं कि बोको हराम, अल-कायदा से जुड़े समूह और इस्लामिक स्टेट के उप-समूहों सहित हिंसक चरमपंथी समूह, ChatGPT, Claude, Gemini और Grok जैसे फ्रंटियर AI मॉडल का इस्तेमाल प्रचार प्रसार, परिचालन योजना और हमले के समन्वय के लिए कर रहे हैं। यह खतरा अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन यह वास्तविक है, और इसे रोकने के लिए बनाए गए सुरक्षा उपायों की तुलना में यह तेज़ी से बढ़ रहा है।
कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया एक नया फील्ड स्टडी, जो बोको हराम के पूर्व सदस्यों के साथ व्यापक साक्षात्कारों पर आधारित है, पहली बार प्रत्यक्ष गवाही के माध्यम से साबित करता है कि AI समूह की योजना, लॉजिस्टिक्स और हथियारों के समस्या समाधान में शामिल हो चुका है ।
यह निष्कर्ष व्यापक खुफिया आकलनों से मेल खाता है। अमेरिका के राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के कार्यालय (ODNI) ने चेतावनी दी है कि हिंसक चरमपंथी कोड जनरेशन, इंस्ट्रक्शनल चैटबॉट और साइबर अटैक टूल्स के लिए जनरेटिव AI का इस्तेमाल ऑपरेशन की योजना बनाने या प्रशिक्षण लेने के लिए करते हैं । वेस्ट पॉइंट के कॉम्बैटिंग टेररिज्म सेंटर ने पांच बड़े लैंग्वेज मॉडल का परीक्षण किया और पाया कि चरमपंथी उनका इस्तेमाल पहले से कहीं अधिक दक्षता और सटीकता के साथ गतिविधियों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में कर सकते हैं
।
सेंटर फॉर काउंटरिंग डिजिटल हेट (CCDH) ने पाया कि परीक्षण किए गए 10 AI चैटबॉट में से 8 - जिनमें ChatGPT, Meta AI और Google Gemini शामिल हैं - ने "नियमित रूप से किशोर उपयोगकर्ताओं की मासूम लोगों को नुकसान पहुंचाने की योजना में सहायता की", जिसमें स्कूल परिसर के नक्शे और हिंसक हमलों के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना शामिल था ।
टेक अगेंस्ट टेररिज़्म (TAT) ने इस खतरे का सबसे व्यवस्थित मापन किया है। चौथे संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद-विरोधी सप्ताह के दौरान जून-जुलाई 2026 में, TAT ने काउंटर-टेररिज्म AI बेंचमार्क लॉन्च किया - यह पहली व्यवस्थित परीक्षण प्रणाली है जो यह मापती है कि AI मॉडल आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद में मदद मांगे जाने पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं ।
बेंचमार्क के मुख्य निष्कर्ष इस प्रकार हैं:
बेंचमार्क ने यह भी पाया कि ओपन-सोर्स मॉडल, जिन्हें उनके सुरक्षा नियंत्रणों से अलग कर दिया गया है, लगभग हर अनुरोध का अनुपालन करते हैं, जो पुष्टि करता है कि वाणिज्यिक API में मौजूद सुरक्षा की परत ऑफलाइन चलाए जाने पर पूरी तरह से गायब हो जाती है ।
कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय वर्षों से AI सुरक्षा जोखिमों पर एक अग्रणी आवाज रहा है। 2018 की एक ऐतिहासिक रिपोर्ट, जिसमें 26 विशेषज्ञों ने भाग लिया था, ने चेतावनी दी थी कि AI आपराधिकों, आतंकवादी समूहों और शत्रु राज्यों की क्षमताओं को काफी हद तक बढ़ाने के लिए पर्याप्त शक्तिशाली हो जाएगा, जिसमें साइबर अपराध और ड्रोन के दुरुपयोग में तेजी से वृद्धि का पूर्वानुमान लगाया गया था ।
जून 2026 में प्रकाशित कैम्ब्रिज के एक अन्य अध्ययन ने बताया कि तेजी से उन्नत हो रहे फ्रंटियर AI मॉडल सुरक्षा उपायों से आगे निकल रहे हैं, जिससे आतंकवादी समूहों और शरारतपूर्ण राज्यों द्वारा साइबर हमलों और दुष्प्रचार के जोखिम बढ़ रहे हैं ।
ग्लोबल नेटवर्क ऑन एक्सट्रीमिज्म एंड टेक्नोलॉजी (GNET) के अनुसार, AI को अपनाना अभी भी "काफी हद तक तदर्थ और प्रयोगात्मक" बना हुआ है । इंटरनेशनल सेंटर फॉर काउंटर-टेररिज्म (ICCT) ने पाया है कि संगठन "जनरेटिव AI के साथ प्रयोग करना और उसका शोषण करना शुरू कर रहे हैं"
।
अल-कायदा से संबद्ध समूहों ने प्रचार के लिए AI के उपयोग पर कार्यशालाएं आयोजित की हैं और कट्टरपंथी भर्ती के लिए चैटबॉट का उपयोग करने के लिए मार्गदर्शिकाएँ तैयार की हैं । खुरासान प्रांत में इस्लामिक स्टेट ने कई सेटिंग्स में डीपफेक का उपयोग किया है और 2023 से अपने प्रचार विंग के लिए AI प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित किए हैं
।
ओपन-वेट मॉडल जिन्हें डाउनलोड और ऑफलाइन संशोधित किया जा सकता है, AI-सक्षम आतंकवाद का सबसे खतरनाक क्षेत्र हैं। ODNI का मार्गदर्शन नोट करता है कि जनरेटिव AI उपकरण - जिनमें ओपन-सोर्स वाले भी शामिल हैं - चरमपंथियों को प्रतिबंधित सामग्री का पता लगाने से बचने और वाणिज्यिक API में मौजूद सुरक्षा उपायों के बिना निर्देशात्मक सामग्री उत्पन्न करने की अनुमति देते हैं ।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ने चेतावनी दी कि आतंकवादियों के पास "डिजिटल प्रौद्योगिकी में सबसे हाल के विकास को रणनीतिक रूप से एकीकृत करने की क्षमता है", जिसमें LLMs और डीपफेक का विशेष उल्लेख है ।
Studio Global AI
इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
बोको हराम: कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के एक नए फील्ड स्टडी में पूर्व सदस्यों के इंटरव्यू के आधार पर पता चला कि AI का इस्तेमाल प्लानिंग, लॉजिस्टिक्स और हथियारों के समस्या समाधान में हो रहा है.
बोको हराम: कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के एक नए फील्ड स्टडी में पूर्व सदस्यों के इंटरव्यू के आधार पर पता चला कि AI का इस्तेमाल प्लानिंग, लॉजिस्टिक्स और हथियारों के समस्या समाधान में हो रहा है. टेक अगेंस्ट टेररिज़्म के सीटी एआई बेंचमार्क में 27 मॉडलों के 2,300 रिक्वेस्ट पर हुए परीक्षण में पाया गया कि लगभग हर तीसरे जवाब में हमलावरों के लिए वास्तव में इस्तेमाल करने योग्य जानकारी मौजूद थी.
खतरा अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन इसकी रफ़्तार चिंताजनक है: आतंकी अभिनेताओं द्वारा निर्मित 5,000 से अधिक AI जनरेटेड सामग्री आर्काइव की जा चुकी है.