ट्रंप प्रशासन ने कथित तौर पर इज़राइल को ईरान पर नवीनतम अमेरिकी हमलों में शामिल होने से मना किया है, हालांकि अमेरिकी अधिकारी 'नजदीकी समन्वय' की बात कहते हैं। इज़राइली रक्षा मंत्री इसराइल कैट्ज़ ने तीसरे हमले की चेतावनी दी है, लेकिन सेना के भीतर एकतरफा कार्रवाई की प्रभावशीलता को लेकर हिचकिचाहट है। राष्ट्रपति ट्रंप ने...

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अमेरिका और इज़राइल के बीच ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर रिश्ते एक जटिल और विरोधाभासी दौर में प्रवेश कर गए हैं। इज़राइली नेताओं के सार्वजनिक बयान तीसरे दौर के हमलों के लिए पूरी तरह तैयार होने का संकेत देते हैं, जबकि पर्दे के पीछे की रिपोर्टिंग से पता चलता है कि अमेरिका वर्तमान अभियानों में इज़राइल को शामिल करने के पक्ष में नहीं है और इज़राइली सेना के भीतर भी एकतरफा कार्रवाई की प्रभावशीलता को लेकर हिचकिचाहट है। इस बीच, जून 2026 में अमेरिका और ईरान के बीच हुआ नाजुक संघर्ष विराम ध्वस्त हो चुका है और पाकिस्तान और कतर बातचीत को पुनर्जीवित करने के प्रयासों में जुटे हैं।
सीएनएन से बात करने वाले दो इज़राइली सूत्रों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन फिलहाल यह नहीं चाहता कि इज़राइल ईरान के खिलाफ नवीनतम अमेरिकी हमलों में भाग ले। एक सूत्र ने इस स्थिति को सीधे शब्दों में समझाया: "नेतन्याहू वास्तव में अमेरिकी हमलों में शामिल होना चाहेंगे, लेकिन अमेरिका फिलहाल इज़राइल को शामिल नहीं करना चाहता" ।
हालांकि, फॉक्स न्यूज डिजिटल से बात करते हुए एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि वाशिंगटन जेरूसलम के साथ "नजदीकी समन्वय" बनाए हुए है, जो सीएनएन की रिपोर्ट और आधिकारिक अमेरिकी संदेश के बीच कुछ अंतर को दर्शाता है । यह विसंगति तनाव के एक व्यापक पैटर्न को रेखांकित करती है, जहां अमेरिका ने सार्वजनिक रूप से इज़राइली सैन्य पहलों से खुद को दूर रखा है, भले ही दोनों सहयोगी परिचालन स्तर पर सहयोग कर रहे हों।
जिस सीएनएन रिपोर्ट ने इस तनाव को जन्म दिया, उसमें दावा किया गया था कि अमेरिकी खुफिया आकलन के अनुसार ईरान पर हालिया हमलों ने परमाणु साइटों को "काफी हद तक बरकरार" छोड़ दिया है और केवल कुछ महीनों की देरी हुई है। इस रिपोर्ट को प्रशासन से कड़ी प्रतिक्रिया मिली। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने सीएनएन, न्यूयॉर्क टाइम्स और अन्य मीडिया आउटलेट्स की आलोचना करते हुए कहा कि वे "बिना सांस लिए" एक ऐसे प्रारंभिक आकलन की रिपोर्ट कर रहे हैं जिसमें "कम विश्वास" है और जिसे पूरा होने में आमतौर पर हफ्तों लग जाते हैं [4, 36]। हेगसेथ ने यह भी कहा कि पेंटागन और एफबीआई उस जानकारी के लीक की जांच कर रहे हैं जिसे उन्होंने "टॉप सीक्रेट" बताया ।
सार्वजनिक तैयारी। इज़राइली नेता तीसरे दौर के हमलों के लिए पूरी तैयारी का सार्वजनिक संकेत दे रहे हैं। रक्षा मंत्री इसराइल कैट्ज़ ने 10 जुलाई, 2025 को कहा कि इज़राइल तेहरान से किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए तैयार है, जिसकी "व्यापक पहुंच" किसी भी ईरानी शहर तक होगी । आईडीएफ को "हाई अलर्ट पर और अभियान फिर से शुरू करने, हवाई श्रेष्ठता हासिल करने और एक स्वतंत्र हमला करने के लिए तैयार" बताया गया है
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जून 2025 के सर्वेक्षण में 70% इज़राइलियों ने ईरान पर पहले सैन्य हमले का समर्थन किया था, और 46% का मानना था कि इज़राइल को अमेरिकी समर्थन के बिना भी ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला करना चाहिए ।
निजी हिचकिचाहट। सार्वजनिक रुख के बावजूद, इज़राइली सेना के भीतर हिचकिचाहट के सबूत हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, तीन रक्षा अधिकारियों के हवाले से, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अप्रैल से जून 2025 के बीच एकतरफा हमले की योजना बनाने का निर्देश दिया था, लेकिन "सैन्य नेता हिचकिचा रहे थे, क्योंकि उन्हें संदेह था कि इज़राइल पिछले अभियानों की तुलना में बहुत अधिक हासिल कर पाएगा" । वे ईरान की ओर से इज़राइली नागरिक केंद्रों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से संभावित जवाबी कार्रवाई से अपनी रक्षा करने की क्षमता को लेकर भी चिंतित थे
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इज़राइली जनता स्वयं संभावित अमेरिकी हमले में शामिल होने पर लगभग समान रूप से विभाजित है: 50% का मानना है कि इज़राइल को तभी भाग लेना चाहिए जब उस पर सीधा हमला हो, जबकि 44% अमेरिकी नेतृत्व वाले अभियान में सीधी भागीदारी का समर्थन करते हैं ।
ट्रंप ने संघर्ष विराम को 'खत्म' घोषित किया। 8 जुलाई, 2026 को अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन से बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ संघर्ष विराम "खत्म" हो गया है, अमेरिका और ईरान के बीच ताजा सैन्य हमलों के बाद उन्होंने ईरानी नेताओं को "बीमार लोग" और "गंदगी" कहा [50, 52]। यूएसए टुडे ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास शत्रुता भड़कने के बाद प्रारंभिक शांति समझौता "खतरे में" पड़ गया ।
पृष्ठभूमि: जून 2026 का ज्ञापन और नौसैनिक नाकाबंदी। 17 जून, 2026 को ट्रंप, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान और मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ द्वारा एक औपचारिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे [46, 47]। इस समझौते ने 28 फरवरी, 2026 को शुरू हुए 5 सप्ताह के युद्ध (2026 का ईरान युद्ध) को समाप्त कर दिया था, जो अमेरिकी-इज़राइली हवाई हमलों में सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद शुरू हुआ था । MoU के तहत, ट्रंप ने ईरान पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को "तत्काल हटाने" का आदेश दिया, जिसे CENTCOM ने जून 2026 के मध्य में लागू किया [47, 48]। ट्रंप ने उस समय कहा था: "यह एक समझौता ज्ञापन है। और अगर मुझे यह पसंद नहीं आया, तो हम वापस उन पर गोली चलाने लगेंगे" - एक चेतावनी जो सच साबित हुई
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उपलब्ध साक्ष्य हमलों के एक नए चक्र की पुष्टि करते हैं जिसके कारण ट्रंप ने संघर्ष विराम समाप्त होने की घोषणा की। यह शत्रुता होर्मुज जलडमरूमध्य पर केंद्रित थी, जहां ईरान ने कथित तौर पर वाणिज्यिक जहाजों पर हमला किया, जिसके जवाब में अमेरिका ने हमला किया । इस नवीनतम विस्फोट के लिए विशिष्ट हताहतों के आंकड़े प्राप्त स्रोतों में विस्तृत नहीं हैं। ब्रिटानिका अवलोकन में कहा गया है कि अप्रैल 2026 का संघर्ष विराम अंतिम समझौता तैयार करने में विफल रहने के बाद, ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी का आदेश दिया, और होर्मुज जलडमरूमध्य एक फ्लैशपॉइंट बन गया
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कतर। कतरी मध्यस्थता पहले के चरणों में सक्रिय थी। जून 2025 में, बारह दिवसीय युद्ध के दौरान, ट्रंप और उनके सलाहकारों ने "कतर में एक अमेरिकी सुविधा पर ईरान के मिसाइल हमले के बाद शांति समझौते पर बातचीत करने के लिए पर्दे के पीछे कड़ी मेहनत की," सीएनएन के अनुसार । 2025 के बारह दिवसीय युद्ध को समाप्त करने वाला जून 2025 का संघर्ष विराम अमेरिका और कतर की मध्यस्थता में हुआ था
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पाकिस्तान। पाकिस्तान 2026 ट्रैक में प्राथमिक मध्यस्थ रहा है। जून 2026 के MoU पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ केंद्रीय मध्यस्थ के रूप में शामिल थे [46, 47]। ब्रिटानिका अवलोकन पुष्टि करता है कि 7-8 अप्रैल का संघर्ष विराम "पाकिस्तान द्वारा मध्यस्थता" किया गया था । जून 2026 के MoU के पूर्ण NPR पाठ में पाकिस्तान को गारंटर और मध्यस्थ के रूप में सूचीबद्ध किया गया है
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21 अगस्त की समय सीमा। उपलब्ध स्रोत बातचीत को पुनर्जीवित करने के लिए "21 अगस्त" की समय सीमा का स्पष्ट, प्रत्यक्ष संदर्भ प्रदान नहीं करते हैं। यह एक हालिया घटनाक्रम या प्रस्ताव हो सकता है जो एकत्रित स्रोतों के बाद का है। यह संभव है कि कतरी या पाकिस्तानी मध्यस्थों ने 8 जुलाई के संघर्ष विराम के पतन के बाद यह लक्ष्य निर्धारित किया हो, लेकिन वर्तमान साक्ष्य 21 अगस्त की समय सीमा की पुष्टि करने के लिए अपर्याप्त हैं।
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ट्रंप प्रशासन ने कथित तौर पर इज़राइल को ईरान पर नवीनतम अमेरिकी हमलों में शामिल होने से मना किया है, हालांकि अमेरिकी अधिकारी 'नजदीकी समन्वय' की बात कहते हैं।
ट्रंप प्रशासन ने कथित तौर पर इज़राइल को ईरान पर नवीनतम अमेरिकी हमलों में शामिल होने से मना किया है, हालांकि अमेरिकी अधिकारी 'नजदीकी समन्वय' की बात कहते हैं। इज़राइली रक्षा मंत्री इसराइल कैट्ज़ ने तीसरे हमले की चेतावनी दी है, लेकिन सेना के भीतर एकतरफा कार्रवाई की प्रभावशीलता को लेकर हिचकिचाहट है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने 8 जुलाई 2026 को ईरान के साथ संघर्ष विराम को 'खत्म' घोषित कर दिया, जिससे शांति वार्ता खतरे में पड़ गई।