इस दुर्भाग्यपूर्ण अंत के दो मुख्य कारण थे:
सॉफ्टवेयर एरर: FIA ने स्वीकार किया कि 'सेफ्टी कार इन दिस लैप' संदेश 'सॉफ्टवेयर एरर के कारण गलती से प्रदर्शित' हुआ था । इस संदेश ने ऐसी उम्मीदें जगा दीं जो पूरी नहीं हो सकीं।
वह नियम जिसने रिस्टार्ट को रोका: FIA नियम आर्टिकल B5.13.5 के अनुसार, लैप्ड कारों को अनलैप होने (आगे निकलने) की अनुमति देने के बाद, सेफ्टी कार के गड्ढ़ों (पिट्स) में लौटने से पहले एक पूरा लैप पूरा करना अनिवार्य होता है । चूंकि अनलैपिंग की प्रक्रिया लैप 51 पर देर से पूरी हुई, इसलिए एक और सेफ्टी कार लैप (लैप 52) अनिवार्य हो गया, और रेस को रिस्टार्ट करने के लिए कोई लैप नहीं बचा था ।
FIA ने पुष्टि की कि सही प्रक्रिया का पालन किया गया और गलत संदेश ने परिणाम को नहीं बदला ।
इस अंत का कारण बना नियम सीधे तौर पर 2021 के अबू धाबी ग्रैंड प्रिक्स की अराजकता के जवाब में बनाया गया था। उस रेस में, तत्कालीन रेस डायरेक्टर माइकल मासी ने एक लैप के रोमांचक मुकाबले के लिए विवादास्पद रूप से अनलैपिंग प्रक्रिया को छोटा कर दिया था। इस घटना को दोहराने से रोकने के प्रयास में, FIA ने एक ऐसा कठोर नियम बना दिया जो अब गलत समय पर आई लेट कॉशन के कारण किसी भी हरी-झंडी के अंत को रोक देता है ।
पूर्व F1 ड्राइवर डेविड कूल्टहार्ड ने प्रस्ताव दिया है कि रेस के अंतिम चरण में लैप्ड कारों को अनलैप होने की अनुमति देने के बजाय स्वचालित रूप से रिटायर (बाहर) कर दिया जाना चाहिए । इससे सेफ्टी कार तुरंत अंदर आ सकेगी और रेस रेसिंग कंडीशन में समाप्त हो सकेगी। उनका मुख्य तर्क यह है कि FIA को प्रशंसकों के 'मनोरंजन' को प्राथमिकता देनी चाहिए: सिल्वरस्टोन की भीड़ ने रेस के अंत के लिए पैसे दिए थे, किसी जुलूस के लिए नहीं । अप टू स्पीड पॉडकास्ट पर बात करते हुए कूल्टहार्ड ने कहा कि वह रेस को सेफ्टी कार के तहत खत्म होते देखना 'पसंद नहीं करेंगे' और नियमों में थोड़ी ढील दिए जाने के पक्ष में हैं ।
पूर्व अल्पाइन टीम प्रिंसिपल ओटमार स्ज़ाफ़नॉयर ने एक पूरी तरह से अलग समाधान पेश किया। उनका तर्क है कि वर्स्टापेन की दुर्घटना के तुरंत बाद FIA को रेस को रेड-फ्लैग (पूरी तरह रोक) कर देना चाहिए था । रेड फ्लैग से एक पूर्ण स्टैंडिंग रिस्टार्ट संभव होता, जिसमें हरी-झंडी के कई लैप रेसिंग हो सकते थे, जो सेफ्टी कार या जल्दबाजी में किए गए रिस्टार्ट की तुलना में कहीं अधिक नाटकीय और निष्पक्ष अंत होता। स्ज़ाफ़नॉयर का मानना है कि FIA ने शानदार समापन का एक सुनहरा मौका गंवा दिया ।
स्काई स्पोर्ट्स F1 के पंडित और पूर्व ड्राइवर एंथनी डेविडसन ने एक तीसरा दृष्टिकोण पेश किया। उन्होंने लाइव समझाया कि हालांकि परिणाम निराशाजनक था, लेकिन सॉफ्टवेयर एरर के बाद FIA ने अपने ही नियमों का सही ढंग से पालन किया। नियम स्वयं—न कि कोई दुर्भावनापूर्ण निर्णय—असली दोषी था, क्योंकि प्रक्रिया के अनुसार अनलैपिंग के बाद एक पूरा लैप चलाना अनिवार्य था, और समय ही इसकी अनुमति नहीं देता था । डेविडसन ने इस बात का बचाव किया कि निराशाजनक अंत के बावजूद प्रक्रियात्मक रूप से यह सही था।
| व्यक्ति | प्रस्तावित समाधान | मुख्य तर्क |
|---|---|---|
| डेविड कूल्टहार्ड | लेट सेफ्टी-कार स्थितियों में लैप्ड कारों को स्वचालित रूप से रिटायर करना | मनोरंजन को प्राथमिकता देना; जुलूस से बचना |
| ओटमार स्ज़ाफ़नॉयर | इसके बजाय रेस को रेड-फ्लैग करना | पूर्ण हरी-झंडी रिस्टार्ट देना; शो को अधिकतम करना |
| एंथनी डेविडसन | किसी नियम परिवर्तन की आवश्यकता नहीं; प्रक्रिया सही थी | नियमों का सही ढंग से पालन किया गया; असली समस्या अनलैपिंग का समय था |
इस घटना ने इस बहस को फिर से हवा दे दी है कि क्या F1 के सेफ्टी कार नियम बहुत कठोर हो गए हैं। जेन्सन बटन और मार्टिन ब्रंडल जैसे अन्य लोगों ने वैकल्पिक सुझाव दिए हैं, जैसे कि इंडीकार-शैली के अनिवार्य हरी-झंडी समापन । FIA ने सॉफ्टवेयर विफलता की जांच शुरू कर दी है ।
इस दुर्भाग्यपूर्ण अंत के दो मुख्य कारण थे:
सॉफ्टवेयर एरर: FIA ने स्वीकार किया कि 'सेफ्टी कार इन दिस लैप' संदेश 'सॉफ्टवेयर एरर के कारण गलती से प्रदर्शित' हुआ था । इस संदेश ने ऐसी उम्मीदें जगा दीं जो पूरी नहीं हो सकीं।
वह नियम जिसने रिस्टार्ट को रोका: FIA नियम आर्टिकल B5.13.5 के अनुसार, लैप्ड कारों को अनलैप होने (आगे निकलने) की अनुमति देने के बाद, सेफ्टी कार के गड्ढ़ों (पिट्स) में लौटने से पहले एक पूरा लैप पूरा करना अनिवार्य होता है । चूंकि अनलैपिंग की प्रक्रिया लैप 51 पर देर से पूरी हुई, इसलिए एक और सेफ्टी कार लैप (लैप 52) अनिवार्य हो गया, और रेस को रिस्टार्ट करने के लिए कोई लैप नहीं बचा था ।
FIA ने पुष्टि की कि सही प्रक्रिया का पालन किया गया और गलत संदेश ने परिणाम को नहीं बदला ।
इस अंत का कारण बना नियम सीधे तौर पर 2021 के अबू धाबी ग्रैंड प्रिक्स की अराजकता के जवाब में बनाया गया था। उस रेस में, तत्कालीन रेस डायरेक्टर माइकल मासी ने एक लैप के रोमांचक मुकाबले के लिए विवादास्पद रूप से अनलैपिंग प्रक्रिया को छोटा कर दिया था। इस घटना को दोहराने से रोकने के प्रयास में, FIA ने एक ऐसा कठोर नियम बना दिया जो अब गलत समय पर आई लेट कॉशन के कारण किसी भी हरी-झंडी के अंत को रोक देता है ।
पूर्व F1 ड्राइवर डेविड कूल्टहार्ड ने प्रस्ताव दिया है कि रेस के अंतिम चरण में लैप्ड कारों को अनलैप होने की अनुमति देने के बजाय स्वचालित रूप से रिटायर (बाहर) कर दिया जाना चाहिए । इससे सेफ्टी कार तुरंत अंदर आ सकेगी और रेस रेसिंग कंडीशन में समाप्त हो सकेगी। उनका मुख्य तर्क यह है कि FIA को प्रशंसकों के 'मनोरंजन' को प्राथमिकता देनी चाहिए: सिल्वरस्टोन की भीड़ ने रेस के अंत के लिए पैसे दिए थे, किसी जुलूस के लिए नहीं । अप टू स्पीड पॉडकास्ट पर बात करते हुए कूल्टहार्ड ने कहा कि वह रेस को सेफ्टी कार के तहत खत्म होते देखना 'पसंद नहीं करेंगे' और नियमों में थोड़ी ढील दिए जाने के पक्ष में हैं ।
पूर्व अल्पाइन टीम प्रिंसिपल ओटमार स्ज़ाफ़नॉयर ने एक पूरी तरह से अलग समाधान पेश किया। उनका तर्क है कि वर्स्टापेन की दुर्घटना के तुरंत बाद FIA को रेस को रेड-फ्लैग (पूरी तरह रोक) कर देना चाहिए था । रेड फ्लैग से एक पूर्ण स्टैंडिंग रिस्टार्ट संभव होता, जिसमें हरी-झंडी के कई लैप रेसिंग हो सकते थे, जो सेफ्टी कार या जल्दबाजी में किए गए रिस्टार्ट की तुलना में कहीं अधिक नाटकीय और निष्पक्ष अंत होता। स्ज़ाफ़नॉयर का मानना है कि FIA ने शानदार समापन का एक सुनहरा मौका गंवा दिया ।
स्काई स्पोर्ट्स F1 के पंडित और पूर्व ड्राइवर एंथनी डेविडसन ने एक तीसरा दृष्टिकोण पेश किया। उन्होंने लाइव समझाया कि हालांकि परिणाम निराशाजनक था, लेकिन सॉफ्टवेयर एरर के बाद FIA ने अपने ही नियमों का सही ढंग से पालन किया। नियम स्वयं—न कि कोई दुर्भावनापूर्ण निर्णय—असली दोषी था, क्योंकि प्रक्रिया के अनुसार अनलैपिंग के बाद एक पूरा लैप चलाना अनिवार्य था, और समय ही इसकी अनुमति नहीं देता था । डेविडसन ने इस बात का बचाव किया कि निराशाजनक अंत के बावजूद प्रक्रियात्मक रूप से यह सही था।
| व्यक्ति | प्रस्तावित समाधान | मुख्य तर्क |
|---|---|---|
| डेविड कूल्टहार्ड | लेट सेफ्टी-कार स्थितियों में लैप्ड कारों को स्वचालित रूप से रिटायर करना | मनोरंजन को प्राथमिकता देना; जुलूस से बचना |
| ओटमार स्ज़ाफ़नॉयर | इसके बजाय रेस को रेड-फ्लैग करना | पूर्ण हरी-झंडी रिस्टार्ट देना; शो को अधिकतम करना |
| एंथनी डेविडसन | किसी नियम परिवर्तन की आवश्यकता नहीं; प्रक्रिया सही थी | नियमों का सही ढंग से पालन किया गया; असली समस्या अनलैपिंग का समय था |
इस घटना ने इस बहस को फिर से हवा दे दी है कि क्या F1 के सेफ्टी कार नियम बहुत कठोर हो गए हैं। जेन्सन बटन और मार्टिन ब्रंडल जैसे अन्य लोगों ने वैकल्पिक सुझाव दिए हैं, जैसे कि इंडीकार-शैली के अनिवार्य हरी-झंडी समापन । FIA ने सॉफ्टवेयर विफलता की जांच शुरू कर दी है ।