एमबाप्पे पर नस्लीय टिप्पणी करने वाली पैराग्वे की सीनेटर के खिलाफ फ्रांस में आपराधिक जांच शुरू
पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमरिला ने फ्रांस से हार के बाद किलियन एमबाप्पे पर सोशल मीडिया पर जातिवादी टिप्पणी की, उन्हें 'उपनिवेशित कैमरूनी' बताया और 'नारियल चूसने' जैसी बातें कहीं। एमबाप्पे ने उन्हें 'घृणित महिला' और 'अपने पद के लायक नहीं' कहकर जवाब दिया, जिसके बाद फीफा, फ्रांस के राष्ट्रपति और फ्रेंच फुटबॉल फेडरेश...
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पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमरिला ने फ्रांस से हार के बाद किलियन एमबाप्पे पर सोशल मीडिया पर जातिवादी टिप्पणी की, उन्हें 'उपनिवेशित कैमरूनी' बताया और 'नारियल चूसने' जैसी बातें कहीं।
एमबाप्पे ने उन्हें 'घृणित महिला' और 'अपने पद के लायक नहीं' कहकर जवाब दिया, जिसके बाद फीफा, फ्रांस के राष्ट्रपति और फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन ने उनका समर्थन किया।
पेरिस के अभियोजकों ने 7 जुलाई को सीनेटर अमरिला के खिलाफ 'बढ़े हुए सार्वजनिक अपमान और नफरत फैलाने' के आरोप में औपचारिक जांच शुरू कर दी है।
Search & fact-check with cited sources for What happened after Paraguayan Senator Celeste Amarilla directed racist remarks at Kylian MbappéFrance captain Kylian Mbappé scored the decisive penalty to defeat Paraguay 1-0, after which a Paraguayan senator directed racist remarks at him on social media.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Search & fact-check with cited sources for What happened after Paraguayan Senator Celeste Amarilla directed racist remarks at Kylian Mbappé. Article summary: Here is a detailed, sourced account of the controversy following France's Round of 16 win over Paraguay at the 2026 World Cup.. Topic tags: general, general web, user generated, news. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, icons, and tiny thumbnail layouts. Make it useful as an
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फीफा वर्ल्ड कप 2026 में नस्लवाद का एक बड़ा विवाद सामने आया है, जब पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमरिला ने फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे के खिलाफ सोशल मीडिया पर सीधे तौर पर नस्लीय टिप्पणियां कीं। यह घटना उस मैच के दो दिन बाद हुई जब एमबाप्पे ने पेनल्टी शूटआउट में निर्णायक गोल करके पैराग्वे को प्री-क्वार्टर फाइनल से बाहर कर दिया था। इस घटना ने फीफा से लेकर फ्रांस की राजनीति तक, हर स्तर पर आक्रोश पैदा कर दिया है ।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"एमबाप्पे पर नस्लीय टिप्पणी करने वाली पैराग्वे की सीनेटर के खिलाफ फ्रांस में आपराधिक जांच शुरू" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमरिला ने फ्रांस से हार के बाद किलियन एमबाप्पे पर सोशल मीडिया पर जातिवादी टिप्पणी की, उन्हें 'उपनिवेशित कैमरूनी' बताया और 'नारियल चूसने' जैसी बातें कहीं।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
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मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
पेरिस के अभियोजकों ने 7 जुलाई को सीनेटर अमरिला के खिलाफ 'बढ़े हुए सार्वजनिक अपमान और नफरत फैलाने' के आरोप में औपचारिक जांच शुरू कर दी है।
एमबाप्पे पर नस्लीय टिप्पणी करने वाली पैराग्वे की सीनेटर के खिलाफ फ्रांस में आपराधिक जांच शुरू
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पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमरिला ने फ्रांस से हार के बाद किलियन एमबाप्पे पर सोशल मीडिया पर जातिवादी टिप्पणी की, उन्हें 'उपनिवेशित कैमरूनी' बताया और 'नारियल चूसने' जैसी बातें कहीं।
एमबाप्पे ने उन्हें 'घृणित महिला' और 'अपने पद के लायक नहीं' कहकर जवाब दिया, जिसके बाद फीफा, फ्रांस के राष्ट्रपति और फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन ने उनका समर्थन किया।
पेरिस के अभियोजकों ने 7 जुलाई को सीनेटर अमरिला के खिलाफ 'बढ़े हुए सार्वजनिक अपमान और नफरत फैलाने' के आरोप में औपचारिक जांच शुरू कर दी है।
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फीफा वर्ल्ड कप 2026 में नस्लवाद का एक बड़ा विवाद सामने आया है, जब पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमरिला ने फ्रांस के कप्तान किलियन एमबाप्पे के खिलाफ सोशल मीडिया पर सीधे तौर पर नस्लीय टिप्पणियां कीं। यह घटना उस मैच के दो दिन बाद हुई जब एमबाप्पे ने पेनल्टी शूटआउट में निर्णायक गोल करके पैराग्वे को प्री-क्वार्टर फाइनल से बाहर कर दिया था। इस घटना ने फीफा से लेकर फ्रांस की राजनीति तक, हर स्तर पर आक्रोश पैदा कर दिया है ।
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पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमरिला ने फ्रांस से हार के बाद किलियन एमबाप्पे पर सोशल मीडिया पर जातिवादी टिप्पणी की, उन्हें 'उपनिवेशित कैमरूनी' बताया और 'नारियल चूसने' जैसी बातें कहीं।
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमरिला ने फ्रांस से हार के बाद किलियन एमबाप्पे पर सोशल मीडिया पर जातिवादी टिप्पणी की, उन्हें 'उपनिवेशित कैमरूनी' बताया और 'नारियल चूसने' जैसी बातें कहीं। एमबाप्पे ने उन्हें 'घृणित महिला' और 'अपने पद के लायक नहीं' कहकर जवाब दिया, जिसके बाद फीफा, फ्रांस के राष्ट्रपति और फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन ने उनका समर्थन किया।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
पेरिस के अभियोजकों ने 7 जुलाई को सीनेटर अमरिला के खिलाफ 'बढ़े हुए सार्वजनिक अपमान और नफरत फैलाने' के आरोप में औपचारिक जांच शुरू कर दी है।
4 जुलाई, 2026 को फिलाडेल्फिया में खेले गए राउंड ऑफ 16 मैच में फ्रांस ने पैराग्वे को पेनल्टी पर 1-0 से हराया था। यह मैच पैराग्वे की बेहद आक्रामक खेल शैली के लिए जाना जाएगा। बीबीसी के विशेषज्ञों और फ्रांस के कोच डिडिएर देस्चैम्प्स ने पैराग्वे की 'बदनाम' रणनीति की निंदा की थी । मैच के बाद, एमबाप्पे ने पलटवार करते हुए कहा था, "उन्होंने शायद सोचा था कि हम सिर्फ टक्सीडो पहनते हैं और फैंसी फुटबॉल खेलते हैं, लेकिन हम गंदा खेल भी खेलना जानते हैं" ।
सीनेटर का जातिवादी पोस्ट
सोमवार, 6 जुलाई को पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमरिला (61 वर्ष) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एमबाप्पे के लिए एक जातिवादी संदेश पोस्ट किया। उनकी पोस्ट में ये बातें शामिल थीं :
"वह बेवकूफ लिखना भी नहीं जानता। मां के दूध की बजाय वह नारियल चूसता था।"
उन्होंने एमबाप्पे को 'उपनिवेशित कैमरूनी' (Camerunés colonizado) कहा ।
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि एमबाप्पे 'बंदरों के साथ था' (stava con le scimmie) ।
इन पोस्टों ने एमबाप्पे की पृष्ठभूमि, शिक्षा और पहचान का सीधा-सीधा अपमान किया ।
एमबाप्पे का करारा जवाब
एमबाप्पे ने आपत्तिजनक पोस्टों का तुरंत जवाब दिया। उन्होंने 6 जुलाई को एक्स पर पोस्ट करके सेलेस्टे अमरिला को 'घृणित महिला' और 'अपने पद के लायक नहीं' बताया । उन्होंने फ्रेंच में लिखा, "अपनी अज्ञानता और मध्यमता से आप पूरे देश का अपमान करती हैं। आप घृणित महिला हैं, अपने कार्यालय के लिए अयोग्य हैं" । एमबाप्पे ने पैराग्वे की टीम और जनता की प्रशंसा करते हुए उन्हें सीनेटर के विचारों से अलग किया ।
दुनिया भर में निंदा
इस घटना की कड़ी निंदा हुई और यह फुटबॉल से आगे राजनीतिक स्तर पर भी पहुंच गई :
फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो: उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर इसकी निंदा करते हुए कहा कि फुटबॉल में नस्लवाद के लिए कोई जगह नहीं है ।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों: उन्होंने अमरिला के 'जातिवादी हमले' को 'एक और गोल' बताया और 'गरिमा, सम्मान, भाईचारा' के साथ जवाब देने की बात कही ।
फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन (एफएफएफ): इसने इस दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा की और ऑनलाइन नफरत से निपटने वाली एजेंसी में शिकायत दर्ज कराई ।
रियल मैड्रिड: एमबाप्पे के क्लब ने भी उनका सार्वजनिक समर्थन किया ।
पैराग्वे सरकार: पैराग्वे के विदेश मंत्रालय ने सीनेटर के बयानों से खुद को दूर किया और उन्हें केवल उनके निजी विचार बताया ।
फ्रांस में आपराधिक जांच
7 जुलाई को पेरिस अभियोजक कार्यालय ने पुष्टि की कि उसने सीनेटर अमरिला के खिलाफ 'बढ़े हुए सार्वजनिक अपमान और हिंसा के लिए उकसाने' के आरोप में औपचारिक जांच शुरू कर दी है । यह जांच फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन की शिकायत पर शुरू हुई । फ्रांसीसी कानून के तहत, विदेश में रहने वाला व्यक्ति भी फ्रांसीसी नागरिकों के खिलाफ ऑनलाइन नफरत फैलाने के आरोप में मुकदमा चला सकता है ।
सीनेटर का पलटवार: माफी की मांग और कानूनी कार्रवाई की धमकी
भारी आलोचना का सामना करते हुए, सेलेस्टे अमरिला ने अपने पोस्ट हटा दिए, लेकिन इसके बाद उन्होंने स्थिति को और उलझा दिया। उन्होंने :
एमबाप्पे से सार्वजनिक माफी की मांग की, यह दावा करते हुए कि उनके 'घृणित महिला' वाले बयान से उनके साथ 'लैंगिक हिंसा' हुई है।
एमबाप्पे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी दी, इसे 'महिला राजनेता' पर हमला बताया ।
दावा किया: "आप मुझसे नफरत करते हैं क्योंकि मैं एक महिला हूं" ।
हालांकि, उन्होंने अपनी जातिवादी टिप्पणियों के लिए कोई माफी नहीं मांगी ।
फ्रांस की क्वार्टर फाइनल तैयारियों पर असर
यह विवाद वर्ल्ड कप की सुर्खियों में छा गया। फ्रांसीसी और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया एमबाप्पे की सफलता या फ्रांस के अगले मुकाबले की बजाय इस घटना पर ज्यादा ध्यान दे रही थी । यह फ्रांसीसी खेमे के लिए एक बड़ा ध्यान भटकाने वाला मामला बन गया । यह विवाद नस्लवाद, राजनीति और लैंगिकता के चौराहे पर खड़ा है, जिसे हाल के वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे चर्चित नस्लवाद विवादों में से एक माना जा रहा है ।
4 जुलाई, 2026 को फिलाडेल्फिया में खेले गए राउंड ऑफ 16 मैच में फ्रांस ने पैराग्वे को पेनल्टी पर 1-0 से हराया था। यह मैच पैराग्वे की बेहद आक्रामक खेल शैली के लिए जाना जाएगा। बीबीसी के विशेषज्ञों और फ्रांस के कोच डिडिएर देस्चैम्प्स ने पैराग्वे की 'बदनाम' रणनीति की निंदा की थी । मैच के बाद, एमबाप्पे ने पलटवार करते हुए कहा था, "उन्होंने शायद सोचा था कि हम सिर्फ टक्सीडो पहनते हैं और फैंसी फुटबॉल खेलते हैं, लेकिन हम गंदा खेल भी खेलना जानते हैं" ।
सीनेटर का जातिवादी पोस्ट
सोमवार, 6 जुलाई को पैराग्वे की सीनेटर सेलेस्टे अमरिला (61 वर्ष) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एमबाप्पे के लिए एक जातिवादी संदेश पोस्ट किया। उनकी पोस्ट में ये बातें शामिल थीं :
"वह बेवकूफ लिखना भी नहीं जानता। मां के दूध की बजाय वह नारियल चूसता था।"
उन्होंने एमबाप्पे को 'उपनिवेशित कैमरूनी' (Camerunés colonizado) कहा ।
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि एमबाप्पे 'बंदरों के साथ था' (stava con le scimmie) ।
इन पोस्टों ने एमबाप्पे की पृष्ठभूमि, शिक्षा और पहचान का सीधा-सीधा अपमान किया ।
एमबाप्पे का करारा जवाब
एमबाप्पे ने आपत्तिजनक पोस्टों का तुरंत जवाब दिया। उन्होंने 6 जुलाई को एक्स पर पोस्ट करके सेलेस्टे अमरिला को 'घृणित महिला' और 'अपने पद के लायक नहीं' बताया । उन्होंने फ्रेंच में लिखा, "अपनी अज्ञानता और मध्यमता से आप पूरे देश का अपमान करती हैं। आप घृणित महिला हैं, अपने कार्यालय के लिए अयोग्य हैं" । एमबाप्पे ने पैराग्वे की टीम और जनता की प्रशंसा करते हुए उन्हें सीनेटर के विचारों से अलग किया ।
दुनिया भर में निंदा
इस घटना की कड़ी निंदा हुई और यह फुटबॉल से आगे राजनीतिक स्तर पर भी पहुंच गई :
फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो: उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर इसकी निंदा करते हुए कहा कि फुटबॉल में नस्लवाद के लिए कोई जगह नहीं है ।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों: उन्होंने अमरिला के 'जातिवादी हमले' को 'एक और गोल' बताया और 'गरिमा, सम्मान, भाईचारा' के साथ जवाब देने की बात कही ।
फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन (एफएफएफ): इसने इस दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा की और ऑनलाइन नफरत से निपटने वाली एजेंसी में शिकायत दर्ज कराई ।
रियल मैड्रिड: एमबाप्पे के क्लब ने भी उनका सार्वजनिक समर्थन किया ।
पैराग्वे सरकार: पैराग्वे के विदेश मंत्रालय ने सीनेटर के बयानों से खुद को दूर किया और उन्हें केवल उनके निजी विचार बताया ।
फ्रांस में आपराधिक जांच
7 जुलाई को पेरिस अभियोजक कार्यालय ने पुष्टि की कि उसने सीनेटर अमरिला के खिलाफ 'बढ़े हुए सार्वजनिक अपमान और हिंसा के लिए उकसाने' के आरोप में औपचारिक जांच शुरू कर दी है । यह जांच फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन की शिकायत पर शुरू हुई । फ्रांसीसी कानून के तहत, विदेश में रहने वाला व्यक्ति भी फ्रांसीसी नागरिकों के खिलाफ ऑनलाइन नफरत फैलाने के आरोप में मुकदमा चला सकता है ।
सीनेटर का पलटवार: माफी की मांग और कानूनी कार्रवाई की धमकी
भारी आलोचना का सामना करते हुए, सेलेस्टे अमरिला ने अपने पोस्ट हटा दिए, लेकिन इसके बाद उन्होंने स्थिति को और उलझा दिया। उन्होंने :
एमबाप्पे से सार्वजनिक माफी की मांग की, यह दावा करते हुए कि उनके 'घृणित महिला' वाले बयान से उनके साथ 'लैंगिक हिंसा' हुई है।
एमबाप्पे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी दी, इसे 'महिला राजनेता' पर हमला बताया ।
दावा किया: "आप मुझसे नफरत करते हैं क्योंकि मैं एक महिला हूं" ।
हालांकि, उन्होंने अपनी जातिवादी टिप्पणियों के लिए कोई माफी नहीं मांगी ।
फ्रांस की क्वार्टर फाइनल तैयारियों पर असर
यह विवाद वर्ल्ड कप की सुर्खियों में छा गया। फ्रांसीसी और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया एमबाप्पे की सफलता या फ्रांस के अगले मुकाबले की बजाय इस घटना पर ज्यादा ध्यान दे रही थी । यह फ्रांसीसी खेमे के लिए एक बड़ा ध्यान भटकाने वाला मामला बन गया । यह विवाद नस्लवाद, राजनीति और लैंगिकता के चौराहे पर खड़ा है, जिसे हाल के वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे चर्चित नस्लवाद विवादों में से एक माना जा रहा है ।