Gemini Live API में खतरनाक खामी: एक गायब फ़ील्ड ने AI वॉइस सेशन को कैसे बना दिया हैकर्स का निशाना
सुरक्षा शोधकर्ता एल्विन फ़र्डियानशाह ने Google Gemini Live API में एक कमज़ोरी खोजी है, जहाँ एफ़ेमेरल टोकन बनाते समय 'live connect constraints' फ़ील्ड गायब थी, जिससे हमलावर ब्राउज़र आधारित AI वॉइस सेशन को हाईजैक कर सकत... इसका समाधान: टोकन मिंटिंग के दौरान 'live connect constraints.bidi generate content setup' फ़ील्ड...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Flash से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
सुरक्षा शोधकर्ता एल्विन फ़र्डियानशाह ने Google Gemini Live API में एक कमज़ोरी खोजी है, जहाँ एफ़ेमेरल टोकन बनाते समय 'live connect constraints' फ़ील्ड गायब थी, जिससे हमलावर ब्राउज़र आधारित AI वॉइस सेशन को हाईजैक कर सकत...
इसका समाधान: टोकन मिंटिंग के दौरान 'live connect constraints.bidi generate content setup' फ़ील्ड को इच्छित मॉडल, सिस्टम प्रॉम्प्ट और एक खाली या प्रतिबंधित टूल्स ऐरे के साथ भरें।
Google की आधिकारिक डॉक्यूमेंटेशन और CVE अभी तक उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए डेवलपर्स को इस कमज़ोरी को संभावित मानते हुए सक्रिय रूप से सुधार लागू करना चाहिए।
Search & fact-check with cited sources for What is the Gemini Live API flaw discovered by Alvin Ferdiansyah, how does it allow attackers toAn AI-generated concept image representing the Gemini Live API ephemeral token hijacking vulnerability.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Search & fact-check with cited sources for What is the Gemini Live API flaw discovered by Alvin Ferdiansyah, how does it allow attackers to. Article summary: ## The Vulnerability. Topic tags: general, documentation, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, icons, and tiny thumbnail layouts. Make it useful as an illustrative visual, not as factual evidence.
openai.com
जून 2026 के अंत में, सुरक्षा शोधकर्ता एल्विन फ़र्डियानशाह (Alvin Ferdiansyah) ने Google के Gemini Live API एफ़ेमेरल टोकन सिस्टम में एक गंभीर कॉन्फ़िगरेशन दोष का विस्तृत विवरण प्रकाशित किया। अगर इस कमज़ोरी की पुष्टि होती है, तो एक हमलावर बहुत कम समय के लिए वैलिड WebSocket टोकन प्राप्त करके एक ब्राउज़र-आधारित AI वॉइस सेशन को हाईजैक कर सकता है, और उस सेशन के मॉडल, सिस्टम प्रॉम्प्ट और यहाँ तक कि टूल्स को भी नियंत्रित कर सकता है।
यह कमज़ोरी टोकन बनाते समय एक सुरक्षा फ़ील्ड के गायब होने के कारण उत्पन्न होती है। आइए जानते हैं कि अब तक क्या पता चला है, क्या अभी पुष्टि नहीं हुई है, और डेवलपर्स कैसे अपने डिप्लॉयमेंट को सुरक्षित कर सकते हैं।
Gemini Live API एफ़ेमेरल टोकन सिस्टम कैसे काम करता है
Gemini Live API, ब्राउज़र-टू-सर्वर WebSocket कनेक्शन के लिए एफ़ेमेरल टोकन का उपयोग करता है। ये बेहद कम समय तक चलने वाले ऑथेंटिकेशन टोकन होते हैं, जो जल्दी एक्सपायर हो जाते हैं और इन्हें विशिष्ट उपयोगों के लिए प्रतिबंधित किया जा सकता है । ये टोकन बैकएंड सर्वर द्वारा बनाए (minted) जाते हैं और फिर क्लाइंट को दिए जाते हैं, जो बिना अंडरलाइंग API की को एक्सपोज़ किए सीधे Gemini API से कनेक्ट हो सकता है।
Google का दस्तावेज़ बताता है कि एफ़ेमेरल टोकन विशेष रूप से क्लाइंट-टू-सर्वर इम्प्लीमेंटेशन के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जहाँ सुरक्षा एक चिंता का विषय है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भले ही कोई इन्हें ब्राउज़र से निकाल ले, लेकिन इनकी कम उम्र के कारण नुकसान सीमित रहता है । इन प्रतिबंधित कनेक्शनों के लिए एंडपॉइंट है, जो क्वेरी पैरामीटर के रूप में एफ़ेमेरल टोकन को स्वीकार करता है ।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"Gemini Live API में खतरनाक खामी: एक गायब फ़ील्ड ने AI वॉइस सेशन को कैसे बना दिया हैकर्स का निशाना" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
सुरक्षा शोधकर्ता एल्विन फ़र्डियानशाह ने Google Gemini Live API में एक कमज़ोरी खोजी है, जहाँ एफ़ेमेरल टोकन बनाते समय 'live connect constraints' फ़ील्ड गायब थी, जिससे हमलावर ब्राउज़र आधारित AI वॉइस सेशन को हाईजैक कर सकत...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
सुरक्षा शोधकर्ता एल्विन फ़र्डियानशाह ने Google Gemini Live API में एक कमज़ोरी खोजी है, जहाँ एफ़ेमेरल टोकन बनाते समय 'live connect constraints' फ़ील्ड गायब थी, जिससे हमलावर ब्राउज़र आधारित AI वॉइस सेशन को हाईजैक कर सकत... इसका समाधान: टोकन मिंटिंग के दौरान 'live connect constraints.bidi generate content setup' फ़ील्ड को इच्छित मॉडल, सिस्टम प्रॉम्प्ट और एक खाली या प्रतिबंधित टूल्स ऐरे के साथ भरें।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
Google की आधिकारिक डॉक्यूमेंटेशन और CVE अभी तक उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए डेवलपर्स को इस कमज़ोरी को संभावित मानते हुए सक्रिय रूप से सुधार लागू करना चाहिए।
Gemini Live API में खतरनाक खामी: एक गायब फ़ील्ड ने AI वॉइस सेशन को कैसे बना दिया हैकर्स का निशाना
सुरक्षा शोधकर्ता एल्विन फ़र्डियानशाह ने Google Gemini Live API में एक कमज़ोरी खोजी है, जहाँ एफ़ेमेरल टोकन बनाते समय 'live connect constraints' फ़ील्ड गायब थी, जिससे हमलावर ब्राउज़र आधारित AI वॉइस सेशन को हाईजैक कर सकत... इसका समाधान: टोकन मिंटिंग के दौरान 'live connect constraints.bidi generate content setup' फ़ील्ड...
प्रकाशितकर्ताDeepSeek-V4-Flash से संपादितGPT Image 1.5 से चित्र बनाए गए
सुरक्षा शोधकर्ता एल्विन फ़र्डियानशाह ने Google Gemini Live API में एक कमज़ोरी खोजी है, जहाँ एफ़ेमेरल टोकन बनाते समय 'live connect constraints' फ़ील्ड गायब थी, जिससे हमलावर ब्राउज़र आधारित AI वॉइस सेशन को हाईजैक कर सकत...
इसका समाधान: टोकन मिंटिंग के दौरान 'live connect constraints.bidi generate content setup' फ़ील्ड को इच्छित मॉडल, सिस्टम प्रॉम्प्ट और एक खाली या प्रतिबंधित टूल्स ऐरे के साथ भरें।
Google की आधिकारिक डॉक्यूमेंटेशन और CVE अभी तक उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए डेवलपर्स को इस कमज़ोरी को संभावित मानते हुए सक्रिय रूप से सुधार लागू करना चाहिए।
Search & fact-check with cited sources for What is the Gemini Live API flaw discovered by Alvin Ferdiansyah, how does it allow attackers toAn AI-generated concept image representing the Gemini Live API ephemeral token hijacking vulnerability.
AI संकेत
Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Search & fact-check with cited sources for What is the Gemini Live API flaw discovered by Alvin Ferdiansyah, how does it allow attackers to. Article summary: ## The Vulnerability. Topic tags: general, documentation, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts with fake numbers, clickbait thumbnails, icons, and tiny thumbnail layouts. Make it useful as an illustrative visual, not as factual evidence.
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जून 2026 के अंत में, सुरक्षा शोधकर्ता एल्विन फ़र्डियानशाह (Alvin Ferdiansyah) ने Google के Gemini Live API एफ़ेमेरल टोकन सिस्टम में एक गंभीर कॉन्फ़िगरेशन दोष का विस्तृत विवरण प्रकाशित किया। अगर इस कमज़ोरी की पुष्टि होती है, तो एक हमलावर बहुत कम समय के लिए वैलिड WebSocket टोकन प्राप्त करके एक ब्राउज़र-आधारित AI वॉइस सेशन को हाईजैक कर सकता है, और उस सेशन के मॉडल, सिस्टम प्रॉम्प्ट और यहाँ तक कि टूल्स को भी नियंत्रित कर सकता है।
यह कमज़ोरी टोकन बनाते समय एक सुरक्षा फ़ील्ड के गायब होने के कारण उत्पन्न होती है। आइए जानते हैं कि अब तक क्या पता चला है, क्या अभी पुष्टि नहीं हुई है, और डेवलपर्स कैसे अपने डिप्लॉयमेंट को सुरक्षित कर सकते हैं।
Gemini Live API एफ़ेमेरल टोकन सिस्टम कैसे काम करता है
Gemini Live API, ब्राउज़र-टू-सर्वर WebSocket कनेक्शन के लिए एफ़ेमेरल टोकन का उपयोग करता है। ये बेहद कम समय तक चलने वाले ऑथेंटिकेशन टोकन होते हैं, जो जल्दी एक्सपायर हो जाते हैं और इन्हें विशिष्ट उपयोगों के लिए प्रतिबंधित किया जा सकता है । ये टोकन बैकएंड सर्वर द्वारा बनाए (minted) जाते हैं और फिर क्लाइंट को दिए जाते हैं, जो बिना अंडरलाइंग API की को एक्सपोज़ किए सीधे Gemini API से कनेक्ट हो सकता है।
Google का दस्तावेज़ बताता है कि एफ़ेमेरल टोकन विशेष रूप से क्लाइंट-टू-सर्वर इम्प्लीमेंटेशन के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जहाँ सुरक्षा एक चिंता का विषय है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भले ही कोई इन्हें ब्राउज़र से निकाल ले, लेकिन इनकी कम उम्र के कारण नुकसान सीमित रहता है । इन प्रतिबंधित कनेक्शनों के लिए एंडपॉइंट है, जो क्वेरी पैरामीटर के रूप में एफ़ेमेरल टोकन को स्वीकार करता है ।
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इस पृष्ठ में एक स्रोत-समर्थित उत्तर शामिल है जिसे आप Studio Global के अंदर जारी रख सकते हैं।
"Gemini Live API में खतरनाक खामी: एक गायब फ़ील्ड ने AI वॉइस सेशन को कैसे बना दिया हैकर्स का निशाना" का संक्षिप्त उत्तर क्या है?
सुरक्षा शोधकर्ता एल्विन फ़र्डियानशाह ने Google Gemini Live API में एक कमज़ोरी खोजी है, जहाँ एफ़ेमेरल टोकन बनाते समय 'live connect constraints' फ़ील्ड गायब थी, जिससे हमलावर ब्राउज़र आधारित AI वॉइस सेशन को हाईजैक कर सकत...
सबसे पहले सत्यापित करने योग्य मुख्य बिंदु क्या हैं?
सुरक्षा शोधकर्ता एल्विन फ़र्डियानशाह ने Google Gemini Live API में एक कमज़ोरी खोजी है, जहाँ एफ़ेमेरल टोकन बनाते समय 'live connect constraints' फ़ील्ड गायब थी, जिससे हमलावर ब्राउज़र आधारित AI वॉइस सेशन को हाईजैक कर सकत... इसका समाधान: टोकन मिंटिंग के दौरान 'live connect constraints.bidi generate content setup' फ़ील्ड को इच्छित मॉडल, सिस्टम प्रॉम्प्ट और एक खाली या प्रतिबंधित टूल्स ऐरे के साथ भरें।
मुझे अभ्यास में आगे क्या करना चाहिए?
Google की आधिकारिक डॉक्यूमेंटेशन और CVE अभी तक उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए डेवलपर्स को इस कमज़ोरी को संभावित मानते हुए सक्रिय रूप से सुधार लागू करना चाहिए।
फ़र्डियानशाह के विश्लेषण के अनुसार, टोकन मिंटिंग के रेफ़रेंस इम्प्लीमेंटेशन में live_connect_constraints फ़ील्ड को शामिल नहीं किया गया था। इस फ़ील्ड में एक bidi_generate_content_setup ऑब्जेक्ट होना चाहिए, जो टोकन को एक विशिष्ट मॉडल, सिस्टम इंस्ट्रक्शन और टूल्स के सेट से बाँधता है।
जब live_connect_constraints को खाली छोड़ दिया जाता है या शामिल नहीं किया जाता है, तो कोई भी प्रतिबंध लागू नहीं होता है। एक हमलावर, जो एफ़ेमेरल टोकन प्राप्त कर लेता है, वह फिर अपनी पसंद का कोई भी मॉडल, सिस्टम प्रॉम्प्ट और टूल्स निर्दिष्ट करते हुए एक क्लाइंट-नियंत्रित सेटअप फ्रेम भेज सकता है। सर्वर, जिसके पास टोकन-बद्ध मानों को मान्य करने के लिए कुछ नहीं होता, हमलावर के कॉन्फ़िगरेशन को स्वीकार कर लेता है।
महत्वपूर्ण चेतावनी: प्रदान किए गए स्रोतों में live_connect_constraints के लिए Google का आधिकारिक दस्तावेज़, कोई CVE, या इस व्यवहार की पुष्टि करने वाला Google सुरक्षा सलाहकार शामिल नहीं है। यह दावा फ़र्डियानशाह के मीडियम पोस्ट पर आधारित है और इसे अभी अपुष्ट लेकिन संभावित माना जाना चाहिए ।
प्रभाव: एक हमलावर अनियंत्रित टोकन के साथ क्या कर सकता है
यदि यह कमज़ोरी वास्तविक है, तो इसके परिणाम किसी भी ऐसे एप्लिकेशन के लिए गंभीर हैं जो ब्राउज़र संदर्भ में Gemini Live API का उपयोग करता है:
टूल्स के माध्यम से सैंडबॉक्स्ड कोड निष्पादन — Gemini Live API के उदाहरणों में कस्टम टूल्स जोड़ने के लिए क्लाइंट-साइड सपोर्ट शामिल है । एक हमलावर, जो एक दुर्भावनापूर्ण टूल डेफ़िनिशन इंजेक्ट कर सकता है, वह एप्लिकेशन के सैंडबॉक्स के भीतर कोड निष्पादित कर सकता है।
कंप्यूट संसाधनों का दुरुपयोग — एक हाईजैक किया गया सेशन पीड़ित एप्लिकेशन के कोटा और बिलिंग आवंटन का उपभोग करता है। चूँकि एफ़ेमेरल टोकन एकल-उपयोग कनेक्शन के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, एक हमलावर बैकएंड के मिंटिंग एंडपॉइंट के माध्यम से बार-बार नए टोकन का अनुरोध करके लागत बढ़ा सकता है ।
प्रॉम्प्ट के साथ छेड़छाड़ — सेटअप फ्रेम को नियंत्रित करने का मतलब सिस्टम इंस्ट्रक्शन को नियंत्रित करना है। एक हमलावर संवेदनशील जानकारी निकालने, हानिकारक सामग्री उत्पन्न करने या किसी विश्वसनीय एजेंट का रूप धारण करने के लिए सेशन का दुरुपयोग कर सकता है ।
बार-बार सेशन का दुरुपयोग — लाइव API सेशन की एक कनेक्शन सीमा लगभग 10 मिनट होती है । एक हमलावर को फिर से कनेक्ट करना होगा, लेकिन उसी अनियंत्रित टोकन प्रवाह का उपयोग करके, वे बार-बार सेशन को हाईजैक कर सकते हैं।
Google AI फ़ोरम पर डेवलपर्स ने एफ़ेमेरल टोकन द्वारा सिस्टम इंस्ट्रक्शन को अनदेखा करने और प्रतिबंधित एंडपॉइंट्स के साथ अपेक्षित रूप से काम न करने की समस्याओं की सूचना दी है, जो बताता है कि व्यापक इकोसिस्टम अभी भी परिपक्व हो रहा है ।
एक फ़ील्ड का समाधान
फ़र्डियानशाह द्वारा वर्णित समाधान सीधा है: टोकन मिंटिंग के दौरान live_connect_constraints.bidi_generate_content_setup फ़ील्ड को तीन मानों के साथ भरें:
model — उपयोग करने के लिए सटीक Gemini मॉडल (जैसे, models/gemini-2.5-flash-native-audio-latest)।
system_instruction — इच्छित सिस्टम प्रॉम्प्ट, जो parts में text के रूप में संरचित हो।
tools — क्लाइंट-साइड इंजेक्शन को रोकने के लिए एक खाली ऐरे [] या केवल स्पष्ट रूप से अनुमत टूल्स।
यहाँ फ़र्डियानशाह के लेख से सचित्र Python कोड है:
token = gemini_client.auth_tokens.create({
"uses": 1,
"expire_time": now + timedelta(seconds=60),
"new_session_expire_time": now + timedelta(seconds=60),
"live_connect_constraints": {
"bidi_generate_content_setup": {
"model": "models/gemini-2.5-flash-native-audio-latest",
"system_instruction": {
"parts": [{"text": "You are a customer support assistant..."}]
},
"tools": []
}
}
})
नोट: चूँकि live_connect_constraints स्रोतों में दिए गए आधिकारिक Google API संदर्भ में प्रलेखित नहीं है, यह उदाहरण फ़र्डियानशाह के अपने विवरण पर आधारित है और प्रोडक्शन में उपयोग करने से पहले वास्तविक API के विरुद्ध परीक्षण किया जाना चाहिए ।
क्या अभी भी अपुष्ट है
प्रदान किए गए स्रोतों द्वारा निम्नलिखित मुख्य बिंदु अभी तक सत्यापित नहीं हुए हैं:
कोई आधिकारिक Google दस्तावेज़live_connect_constraints के अस्तित्व या स्कीमा की पुष्टि नहीं करता है।
कोई CVE या सुरक्षा सलाहकार प्रकाशित नहीं किया गया है।
शोषण का कोई स्वतंत्र पुनरुत्पादन स्रोतों में शामिल नहीं है।
अनियंत्रित टोकन प्राप्त करने पर BidiGenerateContentConstrained एंडपॉइंट का सटीक व्यवहार प्रदान किए गए आधिकारिक संदर्भों में प्रलेखित नहीं है ।
डेवलपर्स को अभी क्या करना चाहिए
जब तक Google कोई आधिकारिक सलाहकार प्रकाशित नहीं करता, सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि कमज़ोरी को संभावित मानें और सक्रिय रूप से समाधान लागू करें:
अपने एफ़ेमेरल टोकन मिंटिंग कोड का ऑडिट करें — जाँच करें कि आपका बैकएंड live_connect_constraints या उसके समकक्ष फ़ील्ड को भरता है या नहीं।
कभी भी रॉ API की को एक्सपोज़ न करें — ब्राउज़र-फ़ेसिंग कनेक्शन के लिए हमेशा एफ़ेमेरल टोकन का उपयोग करें ।
टोकन एक्सपायरी को सख्त रखें — Google newSessionExpireTime को लगभग 60 सेकंड रखने की सलाह देता है ताकि टोकन चोरी की संभावना सीमित हो ।
सर्वर-साइड सेटअप फ्रेम को मान्य करें — भले ही क्लाइंट अपना कॉन्फ़िगरेशन भेजें, आपके बैकएंड को इच्छित मॉडल, प्रॉम्प्ट और टूल्स को लागू करना चाहिए।
दुरुपयोग पर नज़र रखें — असामान्य सेशन पैटर्न पर ध्यान दें, विशेष रूप से एक ही टोकन से बार-बार कनेक्शन या अप्रत्याशित टूल इनवोकेशन।
Gemini Live API रियल-टाइम वॉइस और वीडियो अनुभव बनाने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण है। टोकन मिंटिंग प्रक्रिया में एक एकल गायब फ़ील्ड को इस क्षमता को कम नहीं करना चाहिए - लेकिन डेवलपर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके इम्प्लीमेंटेशन पूर्ण हों।
इस लेख को 27 प्रदान किए गए स्रोतों के आधार पर तथ्य-जांचा गया है, जिसमें आधिकारिक Google दस्तावेज़, सामुदायिक फ़ोरम चर्चाएँ और मूल शोधकर्ता का लेख शामिल है। शोधकर्ता के प्रमुख दावों को प्रकाशन के समय आधिकारिक स्रोतों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सका।
docs.cloud.google.comTroubleshooting Gemini Live API | Gemini Enterprise Agent Platform
फ़र्डियानशाह के विश्लेषण के अनुसार, टोकन मिंटिंग के रेफ़रेंस इम्प्लीमेंटेशन में live_connect_constraints फ़ील्ड को शामिल नहीं किया गया था। इस फ़ील्ड में एक bidi_generate_content_setup ऑब्जेक्ट होना चाहिए, जो टोकन को एक विशिष्ट मॉडल, सिस्टम इंस्ट्रक्शन और टूल्स के सेट से बाँधता है।
जब live_connect_constraints को खाली छोड़ दिया जाता है या शामिल नहीं किया जाता है, तो कोई भी प्रतिबंध लागू नहीं होता है। एक हमलावर, जो एफ़ेमेरल टोकन प्राप्त कर लेता है, वह फिर अपनी पसंद का कोई भी मॉडल, सिस्टम प्रॉम्प्ट और टूल्स निर्दिष्ट करते हुए एक क्लाइंट-नियंत्रित सेटअप फ्रेम भेज सकता है। सर्वर, जिसके पास टोकन-बद्ध मानों को मान्य करने के लिए कुछ नहीं होता, हमलावर के कॉन्फ़िगरेशन को स्वीकार कर लेता है।
महत्वपूर्ण चेतावनी: प्रदान किए गए स्रोतों में live_connect_constraints के लिए Google का आधिकारिक दस्तावेज़, कोई CVE, या इस व्यवहार की पुष्टि करने वाला Google सुरक्षा सलाहकार शामिल नहीं है। यह दावा फ़र्डियानशाह के मीडियम पोस्ट पर आधारित है और इसे अभी अपुष्ट लेकिन संभावित माना जाना चाहिए ।
प्रभाव: एक हमलावर अनियंत्रित टोकन के साथ क्या कर सकता है
यदि यह कमज़ोरी वास्तविक है, तो इसके परिणाम किसी भी ऐसे एप्लिकेशन के लिए गंभीर हैं जो ब्राउज़र संदर्भ में Gemini Live API का उपयोग करता है:
टूल्स के माध्यम से सैंडबॉक्स्ड कोड निष्पादन — Gemini Live API के उदाहरणों में कस्टम टूल्स जोड़ने के लिए क्लाइंट-साइड सपोर्ट शामिल है । एक हमलावर, जो एक दुर्भावनापूर्ण टूल डेफ़िनिशन इंजेक्ट कर सकता है, वह एप्लिकेशन के सैंडबॉक्स के भीतर कोड निष्पादित कर सकता है।
कंप्यूट संसाधनों का दुरुपयोग — एक हाईजैक किया गया सेशन पीड़ित एप्लिकेशन के कोटा और बिलिंग आवंटन का उपभोग करता है। चूँकि एफ़ेमेरल टोकन एकल-उपयोग कनेक्शन के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, एक हमलावर बैकएंड के मिंटिंग एंडपॉइंट के माध्यम से बार-बार नए टोकन का अनुरोध करके लागत बढ़ा सकता है ।
प्रॉम्प्ट के साथ छेड़छाड़ — सेटअप फ्रेम को नियंत्रित करने का मतलब सिस्टम इंस्ट्रक्शन को नियंत्रित करना है। एक हमलावर संवेदनशील जानकारी निकालने, हानिकारक सामग्री उत्पन्न करने या किसी विश्वसनीय एजेंट का रूप धारण करने के लिए सेशन का दुरुपयोग कर सकता है ।
बार-बार सेशन का दुरुपयोग — लाइव API सेशन की एक कनेक्शन सीमा लगभग 10 मिनट होती है । एक हमलावर को फिर से कनेक्ट करना होगा, लेकिन उसी अनियंत्रित टोकन प्रवाह का उपयोग करके, वे बार-बार सेशन को हाईजैक कर सकते हैं।
Google AI फ़ोरम पर डेवलपर्स ने एफ़ेमेरल टोकन द्वारा सिस्टम इंस्ट्रक्शन को अनदेखा करने और प्रतिबंधित एंडपॉइंट्स के साथ अपेक्षित रूप से काम न करने की समस्याओं की सूचना दी है, जो बताता है कि व्यापक इकोसिस्टम अभी भी परिपक्व हो रहा है ।
एक फ़ील्ड का समाधान
फ़र्डियानशाह द्वारा वर्णित समाधान सीधा है: टोकन मिंटिंग के दौरान live_connect_constraints.bidi_generate_content_setup फ़ील्ड को तीन मानों के साथ भरें:
model — उपयोग करने के लिए सटीक Gemini मॉडल (जैसे, models/gemini-2.5-flash-native-audio-latest)।
system_instruction — इच्छित सिस्टम प्रॉम्प्ट, जो parts में text के रूप में संरचित हो।
tools — क्लाइंट-साइड इंजेक्शन को रोकने के लिए एक खाली ऐरे [] या केवल स्पष्ट रूप से अनुमत टूल्स।
यहाँ फ़र्डियानशाह के लेख से सचित्र Python कोड है:
token = gemini_client.auth_tokens.create({
"uses": 1,
"expire_time": now + timedelta(seconds=60),
"new_session_expire_time": now + timedelta(seconds=60),
"live_connect_constraints": {
"bidi_generate_content_setup": {
"model": "models/gemini-2.5-flash-native-audio-latest",
"system_instruction": {
"parts": [{"text": "You are a customer support assistant..."}]
},
"tools": []
}
}
})
नोट: चूँकि live_connect_constraints स्रोतों में दिए गए आधिकारिक Google API संदर्भ में प्रलेखित नहीं है, यह उदाहरण फ़र्डियानशाह के अपने विवरण पर आधारित है और प्रोडक्शन में उपयोग करने से पहले वास्तविक API के विरुद्ध परीक्षण किया जाना चाहिए ।
क्या अभी भी अपुष्ट है
प्रदान किए गए स्रोतों द्वारा निम्नलिखित मुख्य बिंदु अभी तक सत्यापित नहीं हुए हैं:
कोई आधिकारिक Google दस्तावेज़live_connect_constraints के अस्तित्व या स्कीमा की पुष्टि नहीं करता है।
कोई CVE या सुरक्षा सलाहकार प्रकाशित नहीं किया गया है।
शोषण का कोई स्वतंत्र पुनरुत्पादन स्रोतों में शामिल नहीं है।
अनियंत्रित टोकन प्राप्त करने पर BidiGenerateContentConstrained एंडपॉइंट का सटीक व्यवहार प्रदान किए गए आधिकारिक संदर्भों में प्रलेखित नहीं है ।
डेवलपर्स को अभी क्या करना चाहिए
जब तक Google कोई आधिकारिक सलाहकार प्रकाशित नहीं करता, सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि कमज़ोरी को संभावित मानें और सक्रिय रूप से समाधान लागू करें:
अपने एफ़ेमेरल टोकन मिंटिंग कोड का ऑडिट करें — जाँच करें कि आपका बैकएंड live_connect_constraints या उसके समकक्ष फ़ील्ड को भरता है या नहीं।
कभी भी रॉ API की को एक्सपोज़ न करें — ब्राउज़र-फ़ेसिंग कनेक्शन के लिए हमेशा एफ़ेमेरल टोकन का उपयोग करें ।
टोकन एक्सपायरी को सख्त रखें — Google newSessionExpireTime को लगभग 60 सेकंड रखने की सलाह देता है ताकि टोकन चोरी की संभावना सीमित हो ।
सर्वर-साइड सेटअप फ्रेम को मान्य करें — भले ही क्लाइंट अपना कॉन्फ़िगरेशन भेजें, आपके बैकएंड को इच्छित मॉडल, प्रॉम्प्ट और टूल्स को लागू करना चाहिए।
दुरुपयोग पर नज़र रखें — असामान्य सेशन पैटर्न पर ध्यान दें, विशेष रूप से एक ही टोकन से बार-बार कनेक्शन या अप्रत्याशित टूल इनवोकेशन।
Gemini Live API रियल-टाइम वॉइस और वीडियो अनुभव बनाने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण है। टोकन मिंटिंग प्रक्रिया में एक एकल गायब फ़ील्ड को इस क्षमता को कम नहीं करना चाहिए - लेकिन डेवलपर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके इम्प्लीमेंटेशन पूर्ण हों।
इस लेख को 27 प्रदान किए गए स्रोतों के आधार पर तथ्य-जांचा गया है, जिसमें आधिकारिक Google दस्तावेज़, सामुदायिक फ़ोरम चर्चाएँ और मूल शोधकर्ता का लेख शामिल है। शोधकर्ता के प्रमुख दावों को प्रकाशन के समय आधिकारिक स्रोतों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सका।
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