क्षुद्रग्रह के बारे में: Kamoʻoalewa (पदनाम 469219, जिसे 2016 HO3 के नाम से भी जाना जाता है) एक पृथ्वी के निकट क्षुद्रग्रह और पृथ्वी का एक 'क्वासी-सैटेलाइट' (quasi-satellite) है — इसे 'मिनी-मून' भी कहा जाता है क्योंकि यह सूर्य की परिक्रमा पृथ्वी के साथ 1:1 अनुनाद (resonance) में करता है, जिससे यह पृथ्वी के काफी करीब रहता है, लेकिन चंद्रमा की कक्षा से कहीं अधिक दूर । नई तस्वीरों से पता चला कि यह अपेक्षा से छोटा है, जिससे वैज्ञानिकों का कहना है कि सैंपल वापस लाने का कार्य जापान और अमेरिका के पिछले मिशनों की तुलना में 'कहीं अधिक कठिन' होगा
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मिशन विवरण: Tianwen-2 को 28 मई, 2025 को लॉन्ग मार्च 3B रॉकेट से प्रक्षेपित किया गया था । लगभग 400 दिनों की यात्रा के बाद, अंतरिक्ष यान ने जून 2026 में अपनी मिलन युक्ति पूरी की और 4 जुलाई, 2026 के आसपास क्षुद्रग्रह के सबसे करीब पहुंचा
। यान अब क्षुद्रग्रह की परिक्रमा कर रहा है और सतह से सामग्री एकत्र करने का प्रयास करने से पहले सैंपल लेने के लिए उपयुक्त स्थान की तलाश करेगा
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अगला लक्ष्य: Kamoʻoalewa से नमूने एकत्र करने के बाद, Tianwen-2 उन्हें पृथ्वी पर वापस लाएगा (2027 में एक वायुमंडलीय प्रवेश कैप्सूल के माध्यम से) और फिर एक मुख्य-बेल्ट धूमकेतु (main-belt comet) का अन्वेषण करने के लिए आगे बढ़ेगा ।
तस्वीर: 5 जुलाई, 2026 को, Hayabusa2 ने Torifune के पास से उड़ान भरी और ऐसी तस्वीरें भेजीं जिनमें यह दो हिस्सों वाला, 'स्नोमैन-जैसा' आकार दिखा — जिसे कभी-कभी मूंगफली के आकार का या स्पर्श-द्विआकारी (contact-binary) क्षुद्रग्रह भी कहा जाता है । JAXA (जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी) ने सबसे करीबी पहुंच से ठीक एक सेकंड पहले ली गई तस्वीर जारी की, जिसमें स्पष्ट संरचनात्मक विवरण दिखाई देते हैं
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क्षुद्रग्रह के बारे में: Torifune (98943, जिसे 2001 CC21 भी कहा जाता है) एक S-प्रकार (पथरीला) पृथ्वी के निकट क्षुद्रग्रह है, जिसका व्यास लगभग 450 मीटर है । उड़ान के समय यह पृथ्वी से लगभग 100 मिलियन किमी दूर था
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मिशन विवरण: Hayabusa2 ने 5 किमी/सेकंड (लगभग 18,000 किमी/घंटा) की सापेक्ष गति से उड़ान भरी और क्षुद्रग्रह के केंद्र से लगभग 800 मीटर से 1 किमी की दूरी तक पहुंचा — जो किसी भी अंतरिक्ष यान द्वारा क्षुद्रग्रह के अब तक के सबसे करीबी फ्लाईबाई में से एक है । यह एक उच्च गति वाला, बिना रुके गुज़रने वाला फ्लाईबाई था; अंतरिक्ष यान ने धीमा नहीं किया या परिक्रमा नहीं की। इसके लिए अत्यधिक सटीक नेविगेशन की आवश्यकता थी, और इस मिशन ने यह परीक्षण किया कि क्या ऐसा प्रोब भविष्य में ग्रह रक्षा (planetary defense) परिदृश्यों के लिए एक छोटे, तेज़ गति वाले क्षुद्रग्रह को सटीक रूप से रोक सकता है
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अगला लक्ष्य: Torifune फ्लाईबाई के बाद, Hayabusa2 (अपने विस्तारित मिशन, Hayabusa2# पर) 2027 और 2028 में पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण सहायता (swing-bys) का उपयोग करेगा, फिर छोटे, तेज़ घूमने वाले क्षुद्रग्रह 1998 KY26 तक पहुंचने के लिए आगे बढ़ेगा, जिसका आगमन 2031 में निर्धारित है ।