यह गिरावट उस मांग के अचानक खत्म हो जाने को दर्शाती है, जिसे निवेशक पहले ही शेयरों में शामिल कर चुके थे।
मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों ने एक नोट में कहा कि दोनों टीमों का जल्दी बाहर होना Q3 में बियर बिक्री के अनुमानों के लिए 'बड़ा जोखिम' है OI। नोट में कहा गया कि बियर की बिक्री में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी 'डीप-रन' मैचों यानी नॉकआउट चरणों में होती है, जो अब ब्राजील और मैक्सिको के लिए नहीं होंगे OI।
AB InBev को दोनों बड़े बाजारों (ब्राजील और मैक्सिको) में अपनी मजबूत पकड़ के कारण सबसे ज्यादा कमजोर बताया गया O। Heineken पर भी दोनों बाजारों में 'महत्वपूर्ण जोखिम' है। खास बात यह है कि मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, ब्राजील का बाहर होना मैक्सिको से ज्यादा भारी है, क्योंकि ब्राजील बियर का बड़ा बाजार है O।
मॉर्गन स्टेनली ने इसे बुनियादी गिरावट नहीं बल्कि खोया हुआ मुनाफा बताया। यानी बिक्री पूरी तरह से नहीं गिरी है, लेकिन जो अतिरिक्त बिक्री (incremental growth) होने की उम्मीद थी, वह नहीं होगी O।
एक आंशिक राहत अमेरिकी टीम से मिल सकती है। AB InBev की लगभग 20% कमाई अमेरिकी बाजार से आती है O। अगर अमेरिकी टीम आगे बढ़ती है, तो यह नुकसान की भरपाई कर सकती है। हालांकि, मॉर्गन स्टेनली ने कहा कि 'अमेरिका में फुटबॉल के प्रति रुझान का इतिहास छोटा है, इसलिए वहां नॉकआउट मैचों के दौरान बियर की बिक्री बढ़ने का फायदा अप्रमाणित है' I।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब सीएनएन ने विश्व कप 2026 को शराब उद्योग के लिए 'मेक या ब्रेक' क्षण बताया था, क्योंकि प्रमुख बाजारों में शराब की खपत धीमी हो रही है T।
इतिहास देखें तो विश्व कप ने हमेशा बियर की बिक्री को बढ़ावा दिया है। ब्राजील 2014 विश्व कप के दौरान, AB InBev की बिक्री में 7.2% की वृद्धि हुई थी और अतिरिक्त 140 मिलियन लीटर बियर बेची गई थी RR। मॉर्गन स्टेनली के एक पुराने विश्लेषण में पाया गया कि मेजबान देशों में विश्व कप वर्ष के दौरान बियर की बिक्री में आमतौर पर 2-3% का उछाल आता है U।
मॉर्गन स्टेनली का तत्काल आकलन यह है कि ब्राजील और मैक्सिको के डबल एलिमिनेशन ने विश्व कप से जुड़े बियर सेल्स बूस्ट को गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है, जिसे निवेशक AB InBev और Heineken जैसी कंपनियों के शेयरों में पहले से प्राइस कर चुके थे। सबसे बड़ा नुकसान नॉकआउट राउंड के उन अतिरिक्त वॉल्यूम का न होना है, जो अब नहीं होंगे। ब्राजील का बाहर होना ज्यादा भारी पड़ा है। अमेरिकी टीम का प्रदर्शन एक जोखिम भरा विकल्प (वाइल्ड कार्ड) है जो लैटिन अमेरिकी कमी की भरपाई कर सकता है।