क्लिफ्टन कॉलिन्स, डबलिन का रहने वाला था जो पहले एक पुरस्कार विजेता मधुमक्खी पालक (beekeeper) था । 2011-2012 के बीच उसने आयरलैंड में किराए के घरों में बड़े पैमाने पर कैनबिस (cannabis) की खेती का अवैध कारोबार चलाया । इससे मिले पैसे से उसने लगभग 6,000 BTC खरीदे, जब बिटकॉइन की कीमत बहुत कम थी, और उन्हें 12 अलग-अलग वॉलेट्स में बांट दिया ।
Criminal Assets Bureau (CAB) ने 2020 में एक आपराधिक ज़ब्ती आदेश (criminal forfeiture order) के तहत ये 6,000 BTC जब्त तो कर लिए, लेकिन प्राइवेट कीज़ (private keys) के खो जाने के कारण उन तक पहुंच नहीं बना पाया ।
कॉलिन्स ने दावा किया कि 2017 में अपनी गिरफ्तारी के बाद, उसने प्राइवेट कीज़ को A4 शीट पर प्रिंट करके मछली पकड़ने वाली छड़ी (fishing rod) के केस के एल्युमिनियम कैप के अंदर छिपा दिया था । उसके मुताबिक, बाद में मकान मालिक ने उस संपत्ति को खाली करवाया और सारा सामान—जिसमें वो केस भी था—कूड़ेदान या भस्मक (incinerator) में डलवा दिया । वर्षों तक 6,000 BTC को अप्राप्य (irretrievable) माना गया ।
मार्च 2026 में, आयरिश अधिकारियों—CAB और Europol के European Cybercrime Centre—ने एक तकनीकी सफलता हासिल की और 12 निष्क्रिय वॉलेट्स में से एक का एन्क्रिप्शन क्रैक कर दिया । 24-25 मार्च, 2026 को पहले 500 BTC, जिनकी कीमत लगभग $35 मिलियन थी, ट्रांसफर करके Coinbase Prime भेजे गए ।
दूसरा 500 BTC का ट्रांसफर, जिसकी कीमत लगभग $38 मिलियन थी, मई 2026 के मध्य में हुआ । 2 जुलाई, 2026 के ट्रांसफर (तीसरी किश्त) की पुष्टि Arkham Intelligence जैसी ऑन-चेन एनालिटिक्स फर्मों ने की ।
Arkham के डेटा के अनुसार, लगभग 4,500 BTC (मौजूदा कीमतों पर लगभग $277 मिलियन) अभी भी कॉलिन्स से जुड़े अन्य निष्क्रिय वॉलेट्स में हैं । कॉलिन्स से कुल 6,000 BTC जब्त किए गए थे, जिनमें से 2026 में तीन ट्रांसफरों में 1,500 BTC रिकवर हो चुके हैं ।
जब्त BTC को बार-बार सीधे Coinbase Prime पर भेजना—जो संस्थानों (institutions) द्वारा कस्टडी और बिक्री के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला प्लेटफॉर्म है—बाजार विशेषज्ञों द्वारा जब्त आपराधिक संपत्तियों की व्यवस्थित, सरकारी नियंत्रित बिक्री के संकेत के रूप में देखा जा रहा है । हर बार 500 BTC का एक्सचेंज पर आना यह दिखाता है कि आयरिश सरकार इसे होल्ड करने के बजाय व्यवस्थित रूप से नकदी में बदल रही है। इस तरह के बड़े डिपॉजिट से कीमतों पर दबाव बन सकता है, और बार-बार आने वाली किश्तों से पता चलता है कि अधिकारियों के पास अब बाकी वॉलेट्स को भी खोलने और बेचने की तकनीकी क्षमता है ।