1 अप्रैल 2026 को, उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर्स ने Drift Protocol से $285 मिलियन (50% से अधिक TVL) 12 मिनट से भी कम समय में सोशल इंजीनियरिंग और गवर्नेंस अटैक के ज़रिए उड़ा लिए, जो कोई स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट बग नहीं था। हमलावरों नए 'CarbonVote Token (CVT)' नाम का बेकार टोकन बनाया, सिर्फ $500 के लिक्विडिटी पूल से कीमत बढ़...

Create a landscape editorial hero image for this Studio Global article: Search & fact-check with cited sources for What caused Drift Protocol's $285 million hack in April 2026, how did the platform respond, and w. Article summary: Here are the facts based on available sources. Note: I searched for "Velocity DEX" and found **no evidence** that Drift Protocol is rebranding under that name. The rebranding is described as a relaunch as a **Solana-base. Topic tags: general, news, general web, user generated. Style: premium digital editorial illustration, source-backed research mood, clean composition, high detail, modern web publication hero. Use reference image context only for broad subject, composition, and topical grounding; do not copy the exact image. Avoid: logos, brand marks, copyrighted characters, real person likenesses, fake screenshots, UI text, readable text, watermarks, charts w
1 अप्रैल, 2026 को, Solana ब्लॉकचेन पर सबसे बड़े perpetual futures DEX (विकेंद्रीकृत एक्सचेंज) Drift Protocol पर एक ऐसा हमला हुआ जिसने पूरे क्रिप्टो जगत को हिला कर रख दिया। यह हमला कोई सामान्य स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट एक्सप्लॉइट नहीं था, बल्कि एक बेहद सोची-समझी सोशल इंजीनियरिंग और गवर्नेंस अटैक था, जिसमें हैकर्स ने महज 12 मिनट से भी कम समय में लगभग $285 मिलियन (करीब 2,376 करोड़ रुपये) उड़ा लिए । यह राशि Drift Protocol में लॉक कुल संपत्ति (TVL) के 50% से अधिक थी।
TRM Labs, Elliptic और Chainalysis जैसी फोरेंसिक जांच एजेंसियों ने इस हमले को उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर ग्रुप UNC4736 (जिसे AppleJeus, Citrine Sleet या Lazarus Group के नाम से भी जाना जाता है) से जोड़ा है ।
हमलावरों ने इस हमले के लिए महीनों तक ज़मीन तैयार की। यह पूरी तरह से लोगों और प्रक्रियाओं में हेरफेर करने की रणनीति थी, न कि कोड में बग ढूंढने की।
1. नकली टोकन का निर्माण: हमलावरों ने CarbonVote Token (CVT) नाम का एक बिल्कुल बेकार टोकन बनाया, जिसकी शुरुआती सप्लाई 750 मिलियन टोकन थी ।
2. कीमत में हेरफेर: उन्होंने Raydium पर सिर्फ $500 का एक छोटा लिक्विडिटी पूल बनाया और फिर CVT को आपस में बार-बार खरीद-बेचकर (wash trading) इसकी कीमत को कृत्रिम रूप से लगभग $1 तक पहुंचा दिया। Drift के ओरेकल्स (मूल्य निर्धारण के लिए इस्तेमाल होने वाले सिस्टम) ने इस गतिविधि को देखकर CVT को एक वैध कोलैटरल के रूप में स्वीकार कर लिया ।
3. सोशल इंजीनियरिंग अभियान: मुख्य हमला तकनीकी नहीं, बल्कि मानवीय कमजोरी पर आधारित था। हैकर्स ने खुद को एक प्रतिष्ठित क्वांटिटेटिव ट्रेडिंग फर्म के प्रतिनिधि के रूप में पेश किया और कई महीनों तक Drift की टीम के मल्टीसिग साइनर्स (वे लोग जो बड़े लेन-देन को मंजूरी देते हैं) के साथ कॉन्फ्रेंस और बैठकों के ज़रिए भरोसा बनाया ।
4. पहले से साइन किए गए ट्रांजैक्शन का जाल: जब भरोसा बन गया, तो हैकर्स ने Drift के मल्टीसिग साइनर्स को कुछ लेन-देन पहले से मंज़ूर करवा लिए। ये लेन-देन दिखने में सामान्य थे, लेकिन असल में वे Drift के सिक्योरिटी काउंसिल पर पूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण (एडमिन टेकओवर) की अनुमति दे रहे थे ।
5. 'ड्यूरेबल नॉन्स' का शोषण: Solana ब्लॉकचेन की एक विशेषता, जिसे 'ड्यूरेबल नॉन्स' (durable nonces) कहते हैं, का उपयोग करके हैकर बिना किसी टाइमलॉक के पूर्ण एडमिन नियंत्रण लेने में सफल रहा। इसने प्रोटोकॉल की आखिरी सुरक्षा को भी तोड़ दिया ।
6. फंड्स की निकासी: एक बार नियंत्रण पाने के बाद, हैकर ने बेकार CVT को वैध कोलैटरल के रूप में सूचीबद्ध किया, निकासी की सीमाएं हटा दीं, और एक के बाद एक कुल 31 तेजी से निकासी करके असली यूज़र एसेट्स (ETH, USDC, SOL, रैप्ड BTC) खाली कर लिए। इस प्रक्रिया में 12 मिनट से भी कम समय लगा ।
TRM Labs ने इस हमले के मूल कारण को 'मल्टीसिग साइनर्स को छिपे हुए अधिकारों के लिए पूर्व-हस्ताक्षर करने के लिए राजी करना और एक शून्य-टाइमलॉक सिक्योरिटी काउंसिल माइग्रेशन जिसने प्रोटोकॉल की अंतिम सुरक्षा को खत्म कर दिया' बताया । Drift टीम ने स्पष्ट किया कि यह एक कोड बग नहीं, बल्कि एक ऑपरेशनल सिक्योरिटी फेलियर था
।
हमले के तुरंत बाद Drift ने कई कदम उठाए।
जून 2026 में, Drift ने एक व्यापक रीब्रांडिंग की घोषणा की। यह कोई 'वेलोसिटी DEX' जैसा नाम नहीं था, बल्कि Drift ने खुद को एक समर्पित Solana-आधारित Perpetual Futures एक्सचेंज (Solana Perp DEX) के रूप में पुनः लॉन्च किया, जो पूरी तरह से USDT-आधारित perpetual swap ट्रेडिंग पर केंद्रित है ।
रीब्रांड के मुख्य बिंदु:
Drift हैक 2026 का सबसे बड़ा DeFi एक्सप्लॉइट और Solana के इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा हैक था । इस हमले ने गवर्नेंस सिस्टम और मल्टीसिग ऑपरेशंस की मानवीय कमजोरियों को उजागर किया, जिसे कोई भी स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट ऑडिट नहीं रोक सकता था।
Drift का रीब्रांड एक तरह से यह स्वीकारोक्ति है कि पिछले मल्टी-प्रोडक्ट दृष्टिकोण ने बहुत अधिक जोखिम पैदा किया। अब एक सीमित, उच्च-सुरक्षा वाले प्लेटफॉर्म पर ध्यान केंद्रित करके, Tether की मदद से रिकवरी फंड और अनुभवी सुरक्षा नेतृत्व के साथ, Drift यूज़र्स का विश्वास फिर से जीतना चाहता है। पूरे Solana इकोसिस्टम के लिए यह घटना एक सबक है कि मजबूत साइनर वेरिफिकेशन, व्यवहारिक निगरानी और पूर्व-हस्ताक्षरित लेन-देन के जोखिमों को खत्म करना कितना महत्वपूर्ण है ।
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1 अप्रैल 2026 को, उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर्स ने Drift Protocol से $285 मिलियन (50% से अधिक TVL) 12 मिनट से भी कम समय में सोशल इंजीनियरिंग और गवर्नेंस अटैक के ज़रिए उड़ा लिए, जो कोई स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट बग नहीं था।
1 अप्रैल 2026 को, उत्तर कोरिया से जुड़े हैकर्स ने Drift Protocol से $285 मिलियन (50% से अधिक TVL) 12 मिनट से भी कम समय में सोशल इंजीनियरिंग और गवर्नेंस अटैक के ज़रिए उड़ा लिए, जो कोई स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट बग नहीं था। हमलावरों नए 'CarbonVote Token (CVT)' नाम का बेकार टोकन बनाया, सिर्फ $500 के लिक्विडिटी पूल से कीमत बढ़ाई, और Solana के 'durable nonces' फीचर का फायदा उठाकर मल्टीसिग साइनर्स को एडमिन एक्सेस देने के लिए बरगलाया।
Drift ने तुरंत ट्रेडिंग रोकी, TRM Labs और Chainalysis से जांच कराई, Tether के नेतृत्व में $150M रिकवरी प्रोग्राम लॉन्च किया और जून 2026 में खुद को Solana नेटिव USDT perpetuals एक्सचेंज के रूप में रीब्रांड किया।